Bihar Board Matric Hindi laghu Uttariya Question Answer

Bihar Board Matric Hindi Ka laghu Uttariya Question Answer | Class 10th Hindi Important Subjective Question Answer In HIndi

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Bihar Board Matric Hindi Ka laghu Uttariya Question Answer :- Bihar Board के लिए Bihar Board Matric Hindi Ka Subjective Question Answer  दिया गया है। जो की  BSEB Class 10th Hindi Long Subjective Question है। जो की  Bihar Board Matric Hindi Exam के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बोर्ड मैट्रिक हिंदी का लघु उत्तरीय प्रश्न उत्तर | बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं हिंदी महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव प्रश्न Class 10th Hindi Important Subjective Question Answer In HIndi

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Bihar Board Matric Hindi Ka laghu Uttariya Question Answer

प्रश्न 1. कवि वीरेन डंगवाल के अनुसार धमाके से कहाँ ‘देवी जागरण’ हुआ ?

उत्तर – कवि वीरेन डंगवाल के अनुसार धमाके से देवी जागरण गरीब बस्तियों में हुआ


प्रश्न 2. ‘हमारी नींद’ शीर्षक कविता किस कविता संकलन से ली गई है ?

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उत्तर – ‘ हमारी नींद’ शीर्षक कविता समसामयिक कवि वीरेन डंगवाल की कविताओं के संकलन ‘दुष्चक्र में स्रष्टा’ से ली गई है । यह कविता सुविधाभोगी आराम पसंद जीवन अथवा हमारी बेपरवाहियों के बाहर विपरीत परिस्थितियों से लगातार लड़ते हुए बढ़ते जानेवाले जीवन का चित्रण करती है ।


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प्रश्न 3. कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि एक बिम्ब की रचना करता है उसे स्पष्ट कीजिए।

उत्तर – कविता के प्रथम अनुच्छेद में कवि ने बीज के माध्यम से एक बिंब की योजना की है कि किस प्रकार बीज मिट्टी, पानी, धूप तथा हवा का संपर्क पाकर पेड़ का रूप धारण कर लेता है। तात्पर्य कि शून्यावस्था में व्यक्ति के मानस में कल्पना रूपी बीज जब बाह्य जगत से सान्निध्य स्थापित करता है, तो वही कल्पना काव्य का रूप धारण कर लेती है। कवि ने बीज के द्वारा काव्य-कला की उद्भावना का बिंब प्रस्तुत किया है।


प्रश्न 4. कवि गरीब बस्तियों का उल्लेख क्यों करता है ?

उत्तर – कवि का कहना है कि गरीब भीरू होता है। इसी भीरुता के कारण उसने मान लिया है कि गरीब या अमीर होना ईश्वर की कृपा पर निर्भर करता है। ईश्वर ने जिसे अमीर बनाया है, वह उसके सौभाग्य का फल है। उसी प्रकार गरीब होना भी निश्चित है वे अत्याचारियों के विरोध के बदले देवी का जागरण पूर्ण उत्साह के साथ करते हैं, लेकिन, अपने पर अत्याचार ढाने वालों के जुल्म का प्रतिकार नहीं करते है। कवि ने गरीब बस्तियों का उल्लेख कर यह स्पष्ट करना चाहा है कि अज्ञानता के अंधकार में डूबा व्यक्ति अपने अधिकार से अनजान होता है। इसी से वह शोषण का शिकार होता है और हर जुल्म को ईश्वर का विधान मानकर सहन करता रहता है।


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प्रश्न 5. कवि किन अत्याचारियों का और क्यों जिक्र करता है?

उत्तर – कवि उन अत्याचारियों का जिक्र करता है जो सुविधाभोगी, आराम पसंद जीवन जीने के लिए सुख भोग के सारे साधनों का संग्रह करने के बावजूद – अपनी शोषण प्रवृत्ति का त्याग करना नहीं चाहते। कवि ने इन अत्याचारियों के – माध्यम से देश के नेता, अधिकारी पदाधिकारी आदि की ओर संकेत किया है कि ये भोली-भाली जनता की सज्जनता का नाजायज लाभ उठाते है। ये किसी भी प्रकार से धनार्जन करके एक-दूसरे से आगे निकलने के लिए व्यग्र रहते हैं। जनता अपनी जान देकर आर्थिक विकास में संलग्न रहती है और उच्च पद पर बैठे सत्ताधारी गरीबों का हक डकारकर मौज मनाते हैं।


प्रश्न 6. मक्खी के जीवन-क्रम का कवि वीरेन डंगवाल द्वारा उल्लेख किए जाने का क्या आशय है?

उत्तर – प्रस्तुत कविता में कवि ने मक्खी के जीवन क्रम द्वारा यह बताने का प्रयास किया है कि जिस तरह मक्खी का जीवन बहुत ही तुच्छ होता. है, वैसे ही गरीब जनता का जीवन भी निकृष्ट होता है। गरीबी में पैदा होनेवाले कुछ गरीब या तो अपनी दीनता के कारण समय से पूर्व दम तोड़ देते हैं। या अत्याचारियों के विरुद्ध आवाज उठाने के कारण दंगे में मार दिये जाते -. हैं या बमबारी अथवा आगजनी में प्राण त्याग देते हैं। कवि के कहने का अभिप्राय यह है कि निरीह जनता ही अत्याचारियों के जुल्म का शिकार अधिक होती है। इनके जीवन का मूल्य तो मक्खी के समान ही है।


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प्रश्न 7. इंकार करना न भूलने वाले कौन है? कवि ( डंगवाल ) का भाव स्पष्ट कीजिए।

उत्तर – यहाँ कवि का भाव समाज के सर्वसामान्य लोगों से है, जो अत्याधुनिक सुविधाभोगी साधनों तथा जीवन को बाधित करने वाले साधनों का उपयोग तो नहीं करते। किन्तु, उनका विरोध भी नहीं करते।


प्रश्न 8. ‘हमारी नींद’ कविता शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए।

उत्तर – ‘हमारी नींद’ अर्थात् हमारी लापरवाही अथवा आराम पसंद जीवन आगे बढ़ने में हमेशा बाधक बनते हैं। ये सब चीजें गतिशील जीवन की गति को शिथिल करती हैं। लेकिन, हमारा जीवन विषम परिस्थितियाँ उत्पन्न करनेवाली हमारी नींद की परवाह किये बगैर निरंतर आगे बढ़ता ही जाता है । प्रस्तुत कविता में ‘हमारी नींद’ अगर जीवन का अवरोधक है तो जीवन भी ‘हमारी नींद’ से उत्पन्न बाधा की परवाह किये बिना आगे इसीलिए इस कविता का शीर्षक ‘हमारी नींद’ सार्थक है। बढ़ता है


BSEB Class 10th Hindi Long Subjective Question

 Class 10th Hndi गोधूलि भाग 2 ( काव्यखंड ) Objective 2024
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20. एक वृक्ष की हत्याClick HereClick HereClick Here
21. हमारी नींदClick HereClick HereClick Here
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