Bihar Board Matric Hindi Most Important Subjective Question

Bihar Board Matric Hindi Most Important Subjective Question | Bihar Board Matric Hindi Ka Dirgh Uttariya Question Answer

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Bihar Board Matric Hindi Most Important Subjective Question :- Bihar Board के लिए Bihar Board Matric Hindi Ka Dirgh Uttariya Question Answer दिया गया है। जो की  BSEB Class 10th Hindi Long Subjective Question है। जो की  Bihar Board Matric Hindi Exam के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। हिंदी के लॉन्ग सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर | बिहार बोर्ड कक्षा 10वीं हिंदी के सबसे महत्वपूर्ण सब्जेक्टिव प्रश्न Class 10th Hindi Important Subjective Question Answer In HIndi

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Bihar Board Matric Hindi Most Important Subjective Question

प्रश्न 1. कविता के आरंभ में कवि भारतीय जनता का वर्णन किस रूप में करता है?

उत्तर— कविता के आरंभ में कवि ने भारतीय जनता की दयनीय दशा का वर्णन किया है। कवि ने इन्हें मिट्टी की अबोध मूर्ति कहकर यह स्पष्ट करने का प्रयास किया है कि ये लोग अनेक प्रकार की शारीरिक-मानसिक यातनाओं को सहते हुए मौन रहते थे। वे अपनी पीड़ा किसी के समक्ष प्रकट करने में पूर्णतः असमर्थ थे। उनका जीवन नारकीय था। वे शोषित पीड़ित तथा – उपेक्षित थे। उनमें इतनी शक्ति नहीं थी कि वे मन की पीड़ा मुँह खोलकर प्रकट कर सके।


प्रश्न 2. कविता का मूल भाव क्या है ? संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।

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उत्तर— कविता का मूल भाव जनतंत्र की स्थापना है। कवि इस शासन पद्धति के माध्यम से शोषक-शोषित के भेद को मिटाना चाहता है। क्योंकि लोकतंत्र की इस व्यवस्था में शासन करने की शक्ति जनता के हाथ आ जाती है । फलतः सत्ता की मनमानी बन्द हो जाती है। इसमें संविधान द्वारा कुछ शक्तियाँ जनता को प्रदान की जाती है। इन शक्तियों का उपयोग जनता समान रूप में करती है। तात्पर्य कि जनता स्वयं ही सिंहासन पर आरूढ़ होती है और समान रूप में सबको कमाने, जीवन जीने तथा अपनी समस्या प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है नीच ऊँच, शोषित-शोषक, गरीब-अमीर सबकी शासन में भागीदारी होती है।


प्रश्न 3. ‘जनतंत्र का जन्म’ शीर्षक कविता का भावार्थ लिखें।

उत्तर— उत्तर छायावाद के प्रखर कवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ द्वारा रचित ‘जनतंत्र का जन्म’ शीर्षक कविता आधुनिक भारत में जनतंत्र के उदय का जयघोष है। सदियों की देशी-विदेशी पराधीनताओं के बाद स्वतंत्रता प्राप्त हुई और भारत में जनतंत्र की प्राण-प्रतिष्ठा हुई है। जनतंत्र के ऐतिहासिक और राजनीतिक अभिप्रायों को कविता में उजागर करते हुए कवि यहाँ एक नवीन भारत का शिलान्यास – सा करता है जिसमें जनता ही स्वयं सिंहासन पर आरूढ़ होने वाली है।


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प्रश्न 4. अपने पाठ्य पुस्तक के आधार पर यह बतलाएँ कि कवि की दृष्टि में आज के देवता कौन है?

उत्तर— कवि की दृष्टि में देवता राजतंत्र में नहीं मिलेंगे। देवता जनतंत्र में मिलते है आज का देवता खेत खलिहान, कारखानों में काम करने वाले मेहनतकश लोग हैं यही देवता हमें आत्मनिर्भर बनाते है। इन्हीं देवता के आशीर्वाद से भारत विश्व समुदाय की बराबरी करने लगा है।


प्रश्न 5. कवि के दृष्टि के समय के रथ का घर्घर नाद क्या है? स्पष्ट करें।

उत्तर— कवि ने सदियों से राजतंत्र से शासित जनता की जागृति को उजागर करते हुए कहा है कि अब नवीन व्यवस्था लेकर जनतंत्र का आगमन हो रहा है। राजतंत्र का जमाना लद गया, समय परिवर्तित हो चुका है। समय की पुकार है कि भारत की राजसत्ता प्रजा संभालेगी, राजसिंहासन पर प्रजा आरूढ़ होने जा रही हैं। अब अविलम्ब सिंहासन उसके लिए खाली करो। समय की पुकार की क्रांति की शंखनाद ही रथ का घर्घर नाद है। इसके माध्यम से कवि सत्ता परिवर्तन की ओर संकेत करते हैं।


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प्रश्न 6. “देवता मिलेगें खेतों में खलिहानों में” पंक्ति के माध्यम से कवि किस देवता की बात करते हैं और क्यों?

उत्तर— देवता वे कहलाते है जो कुछ नहीं करते, उनके भोग राग का प्रबन्धन दूसरे लोग अपनी कीमत पर करते हैं। राजा भी इसी कोटि में गिने जाते रहते हैं किन्तु आज जमाना बदल गया है। आज वे राजा नहीं रहे। अब तो जनतंत्र का जमाना है, जनतंत्र में जनता ही राजा होता है शासन सूत्र – का संचालन उसके ही चुने हुए प्रतिनिधि करते है। इसलिए कवि ने जनता को आज का देवता कहा है। चूंकि जनता महलों, राज प्रासादों और गह्नवरों ने नहीं खेतों-खलिहानों और झोपड़ियों में रहती है, इसलिए कवि उन्हें खेतों और खलिहानों में, सड़कों पर ढूँढ़ने की बात कहता है।


प्रश्न 7. कवि के अनुसार किन लोगों की दृष्टि में जनता फूल या दुधमुंही बच्ची की तरह है और क्यों ? कवि क्या कहकर उनका प्रतिवाद करता है?

उत्तर— शोषण करने वाले लोगों का कहना है कि जनता फूल या दुधमुँही बच्ची की तरह है, क्योंकि उसे खुद का एहसास नहीं है और जब चाहो अपने हित के लिए, अपने सजावट के लिए उपयोग कर लो अथवा दुधमुंही बच्ची की तरह जन्तर-मन्तर के खिलौने से बहलायी जा सकती है। लेकिन, कवि इसका विरोध करता है कि जब जनता क्रोधित हो भौं चढ़ाती है, तब भूकंप उठ जाता है और बवंडर पैदा हो जाता है। उसके हुंकार से महल हिल जाते है तथा उसकी साँसों के वेग से राजा का ताज उड़ जाता है। समय भी तब जनता का रास्ता नहीं रोकता और वह जिधर चाहती है, उधर ही मुड़ जाता है।


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प्रश्न 8. कवि दिनकर जनता के स्वप्न का किस तरह चित्र खींचता है? 

उत्तर— कवि ने जनता के स्वप्न को अजेय कहा है, जो अंधकार की छाती चीरकर उभरता हुआ आकाशरूपी खिड़की को जलाता हुआ प्रकट हो जाता है । कवि का कहना है कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद जब जनतांत्रिक शासन पद्धति की स्थापना होगी तो शासन की शक्ति जनता में निहित हो जाएगी । जनता अपना शासन स्वयं करेगी। जनतंत्र जनमत आधारित होता है । इस पद्धति में हर व्यक्ति की शासन में साझेदारी होती है । तात्पर्य यह कि जनतांत्रिक पद्धति में सत्ता की असली शक्ति जनता के हाथ होती है


प्रश्न 9. कवि दिनकर की दृष्टि में आज के देवता कौन हैं और वे कहाँ मिलेंगे ?

उत्तर— कवि की दृष्टि में आज के देवता श्रमिक और किसान है, जो सड़कों पर गिट्टी तोड़ते हुए और खेत-खलिहानों में काम करते मिलेंगे।


प्रश्न 10. कवि ने जनता को ‘दूधमुँही’ क्यों कहा है ?

उत्तर— कवि ने जनता को ‘दुधमुँही’ इसलिए कहा है क्योंकि उसे खुद का एहसास नहीं है और शोषण करने वाले जब चाहते हैं उन्हें अपने-अपने हित के लिए, अपने सजावट के लिए उपयोग कर लेते हैं। जनता तो दुधमुँही बच्ची की तरह जन्तर-मन्तर के खिलौने से बहलायी जा सकती है।


BSEB Class 10th Hindi Long Subjective Question

 Class 10th Hndi गोधूलि भाग 2 ( काव्यखंड ) Objective 2024
13. राम बिनु बिरथे जगि जनमा Click Here Click Here Click Here
14. प्रेम-अयनि श्री राधिका Click Here Click Here Click Here
15. अति सूधो सनेह को मारग है Click Here Click Here Click Here
16. स्वदेशी Click Here Click Here Click Here
17. भारतमाता Click Here Click Here Click Here
18. जनतंत्र का जन्म Click Here Click Here Click Here
19. हिरोशिमा Click Here Click Here Click Here
20. एक वृक्ष की हत्याClick HereClick HereClick Here
21. हमारी नींदClick HereClick HereClick Here
22. अक्षर-ज्ञानClick HereClick HereClick Here
23. लौटकर आऊंगा फिरClick HereClick HereClick Here
24. मेरे बिना तुम प्रभुClick HereClick HereClick Here

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