Bihar Board Matric Hindi Subjective Question Answer

Bihar Board Matric Hindi Subjective Question Answer 2024 | Class 10th Naubatkhane Mein Ibadat  Subjective Question Answer In HIndi

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Bihar Board Matric Hindi Subjective Question Answer 2024 :- Bihar Board के लिए Bihar Board Matric Exam Hindi Ka Subjective Question Answer दिया गया है। जो की परंपरा का मूल्यांकन BSEB Class 10th Hindi Subjective Question है। जो की  Bihar Board Matric Hindi Exam के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। नौबतखाने में इबादत के सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर | नौबतखाने में इबादत सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर परीक्षा के लिए Class 10th Naubatkhane Mein Ibadat  Subjective Question Answer In HIndi

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Bihar Board Matric Hindi Subjective Question Answer 2024

प्रश्न 1. डुमराँव की महत्ता किस कारण से है?

उत्तर— डुमराँव मशहूर शाहनाईवादक बिस्मिल्ला खाँ का जन्म स्थान है। बिस्मिल्ला खाँ भारत के मशहूर शहनाईवादक थे। इन्हें भारतरत्न पुरस्कार भी प्राप्त है। साथ ही, शहनाई में प्रयुक्त होनेवाली रीड या नरकट (एक प्रकार का गन्ना-सा पौधा, जो खोखला होता है) डुमराँव में सोन नदी के किनारों पर पाई जाती है। इनके परदादा उस्ताद सलार हुसैन खाँ डुमराँव के ही निवासी थे। इसलिए डुमराँव का महत्त्व है।


प्रश्न 2. सुषिर वाद्य किन्हें कहते हैं? ‘शहनाई’ शब्द की व्युत्पत्ति किस प्रकार हुई है ?

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उत्तर— फूँककर बजाये जाने वाले वाद्य को ‘सुषिर वाद्य’ कहा जाता है। शहनाई शब्द की उत्पत्ति ‘शहनय’ शब्द से हुई है। यह शाह तथा नय शब्दों से मिलकर बना है। शाह का अर्थ है बादशाह और नय का अर्थ होता है, फूँककर बजाया जाने वाला बाजा अर्थात् सुषिर वाद्य । इस प्रकार, शहनाई की व्युत्पत्ति हुई ‘सुषिर वाद्यों का बादशाह । ‘


प्रश्न 3. बिस्मिल्ला खाँ सजदे में किस चीज़ के लिए गिड़गिड़ाते थे।? इससे उनके व्यक्तित्व का कौन-सा पक्ष उद्घाटित होता है?

उत्तर— बिस्मिल्ला खाँ सजदे में गिड़गिड़ाकर खुदा एक सच्चे सुर का वरदान माँगते थे। इससे उनके व्यक्तित्व की धार्मिक प्रवृत्ति, संवेदन- शीलता, निरभिमान और संगीत – साधना की तल्लीनता पक्ष उद्घाटित होता है।


Class 10th Naubatkhane Mein Ibadat  Subjective Question Answer In HIndi

प्रश्न 4. मुहर्रम पर्व से बिस्मिल्ला खाँ के जुड़ाव को परिचय पाठ के आधार पर दें।

उत्तर— मुहर्रम के महीने में बिस्मिल्ला खाँ न तो शहनाई बजाते थे, न ही किसी संगीत कार्यक्रम में सम्मिलित होते थे। किन्तु, मुहर्रम की आठवीं तारीख को इमाम हुसैन की शहादत में खड़े होकर शहनाई बजाते और दालमंडी में फातमान की लगभग आठ किलोमीटर दूरी नौहा बजाते पैदल ही रोते हुए जाते थे। उस समय उनका मानवीय रूप देखकर लोगों का हृदय गदगद हो उठता था और उनके प्रति अपार श्रद्धा उत्पन्न हो जाती थीं ।


प्रश्न 5. ‘संगीतमय कचौड़ी’ का आप क्या अर्थ समझते हैं?

उत्तर— संगीतमय कचौड़ी’ का अर्थ है संगीत के स्वाद के साथ-साथ कचौड़ी डालते ही जो छन्ना-सी खाली आवाज उठती थी, उसमें बिस्मिल्ला खाँ को संगीत का सारा आरोह-अवरोह दिख जाता था ।


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प्रश्न 6. बिस्मिल्ला खाँ जब काशी से बाहर प्रदर्शन करते थे तो क्या करते थे? इससे हमें क्या सीख मिलती है?

उत्तर— बिस्मिल्ला खाँ अपने सम्पूर्ण जीवन में जबतक काशी में रहें, सुबह होते ही बालाजी के मंदिर के प्रधान द्वार पर बने नौबतखाने में जाकर अपने को एक रियाजी मानकर और बालाजी का सान्निध्य समझकर रियाज करते रहे। जब भी कभी वे काशी से बाहर प्रदर्शन के लिए जाते थे तो प्रदर्शन करने से पूर्व भगवान काशी विश्वनाथ और बालाजी की ओर मुख करके दोनों के नाम पर पहले शहनाई के कुछ स्वर देते थे। मानो प्रथम स्वर वे अपने उस्ताद को अर्पित करते हों ।

इससे हमें शिक्षा मिलती है कि जीवन में अपने ईष्ट को हमेशा याद रखने से ऊँची सफलता प्राप्त होती है या फिर जिससे हमें सफलता मिली है, उसके प्रति कृतज्ञता समर्पण का भाव कभी भी नहीं भूलना चाहिए ।


प्रश्न 7. ‘बिस्मिल्ला खाँ मतलब – बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई।’ एक कलाकार के रूप में बिस्मिल्ला खाँ का परिचय पाठ के आधार पर दें।

उत्तर— एक कलाकार के रूप में बिस्मिल्ला खाँ के हाथों में और फूँक है। जादू जादू क्या है, बिस्मिल्ला खाँ की वर्षों की तपस्या, इबादत और में लगन का फल है, उनकी शहनाई की तान। बिस्मिल्ला खाँ की शहनाई की आवाज जादुई असर डालती है, लोगों पर। उनकी शहनाई में राग है, ताल है और सबसे अधिक है बिस्मिल्ला खाँ का प्रेम और मन की मुराद । बचपन से शहनाई के एक सुर की मुराद लिए चलते-चलते बिस्मिल्ला खाँ पहुँच गए, अनेक मानद उपाधियों, पद्मविभूषण और भारतरत्न तक। बिस्मिल्ला खाँ के शहनाई में मानो सरगम भरा था। उन्हें राग मालूम था, ताल मालूम थीं, सातों सुर एक साथ आकार देने लगते थे वे शहनाई के शहंशाह थे, लेकिन उन्होंने कभी किसी कलाकार की आलोचना नहीं की। जिनसे भी सीखा उनके प्रति हमेशा आदरभाव रखा। वे एक सच्चे कलाकार थे


प्रश्न 8. बिस्मिल्ला खाँ के बचपन का वर्णन पाठ के आधार पर दें।

उत्तर— बिस्मिल्ला खाँ का जन्म बिहार के डुमराँव में हुआ । इनका बचपन का नाम अमीरूद्दीन था। 5-6 वर्ष की उम्र में बिस्मिल्ला खाँ अपने ननिहाल काशी आ गए थे। नाना के शहनाईवादन को बड़े गौर से सुनते और नाना के कही बाहर चले जाने पर उनकी शहनाई बजाने की कोशिश करते। शहनाई बजाते हुए मामू जब सम पर आते तो पत्थर उठाकर जमीन पर दे मारते । सिनेमा भी खूब जाया करते थे। इस प्रकार, बिस्मिल्ला खाँ बचपन से शहनाई बजाने के प्रति आकृष्ट थे।


Bihar Board Matric Exam Hindi Ka Subjective Question Answer

Chapter Name Objective QueSubjective QueLong Subjective
1. श्रम विभाजन और जाति प्रथाClick HereClick HereClick Here
2. विष के दाँतClick HereClick HereClick Here
3. भारत से हम क्या सीखेंClick HereClick HereClick Here
4. नाखून क्यों बढ़ते हैंClick HereClick HereClick Here
5. नागरी लिपिClick HereClick HereClick Here
6. बहादुरClick HereClick HereClick Here
7. परंपरा का मूल्यांकनClick HereClick HereClick Here
8. जित-जित मैं निरखत हूँClick HereClick HereClick Here
9. आवियों Click HereClick Here Click Here
10. मछली Click Here Click Here Click Here
11. नौबतखाने में इबादत` Click Here Click Here Click Here
12. शिक्षा और संस्कृति Click Here Click Here Click Here

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