Bihar Board Matric Hindi Subjective Question Answer

Bihar Board Matric Hindi Subjective Question Answer 2024 | Class 10th Jit Jit Me Nirkhat Subjective Question Answer In HIndi

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Bihar Board Matric Hindi Subjective Question Answer 2024 :- Bihar Board के लिए Bihar Board Matric Exam Hindi Ka Subjective Question Answer दिया गया है। जो की परंपरा का मूल्यांकन BSEB Class 10th Hindi Subjective Question है। जो की  Bihar Board Matric Hindi Exam के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। जित-जित मैं निरखत के सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर | जित-जित मैं निरखत सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर परीक्षा के लिए Class 10th Jit Jit Me Nirkhat Subjective Question Answer In HIndi

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Bihar Board Matric Hindi Subjective Question Answer 2024

प्रश्न 1. लखनऊ और रामपुर से बिरजू महाराज का क्या संबंध है?

उत्तर – लखनऊ और रामपुर से बिरजू महाराज का संबंध जन्मस्थान और कार्यक्षेत्र का था। लखनऊ में उनका जन्म हुआ था और रामपुर पास उन्होंने अपना नृत्य प्रारंभ किया था। में नवाब के


प्रश्न 2. रामपुर के नवाब की नौकरी छूटने पर बिरजू महाराज के पिता ने हनुमान जी को प्रसाद क्यों चढ़ाया ?

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उत्तर – बिरजू महाराज के पिता अब नौकरी नहीं करना चाहते थे । किन्तु, रामपुर का नवाब उन्हें छोड़ना नहीं चाह रहे थे। उनका कहना था कि तुम्हारा लड़का नहीं होगा तो तुम भी नहीं रह सकते। सो बिरजू महाराज को नवाब के यहाँ दाखिल कर पिताजी की जान छूटी और उन्होंने खुशी में हनुमान जी की प्रसाद चढ़ाया।


प्रश्न 3. नृत्य की शिक्षा के लिए पहले पहल बिरजू महाराज किस संस्था से जुड़े और वहाँ किनके सम्पर्क में आए ?

उत्तर-  नृत्य की शिक्षा के लिए सर्वप्रथम बिरजू महाराज दिल्ली की ‘हिन्दुस्तानी डान्स म्यूजिक’ संस्था से जुड़े वहाँ लीला कृपलानी और कपिला जी के सम्पर्क में आए।


प्रश्न 4. किनके साथ नाचते हुए बिरजू महाराज को पहली बार प्रथम पुरस्कार मिला?

उत्तर- बिरजू महाराज को चाचाजी शम्भू महाराज और बाबूजी के साथ नाचते हुए पहली बार प्रथम पुरस्कार मिला।


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प्रश्न 5. बिरजू महाराज के गुरु कौन थे? उनका संक्षिप्त परिचय है।

उत्तर – बिरजू महाराज के गुरु उनके पिता थे। वे सरल स्वभाव के थे । उन्हें कला से बेहद प्रेम था। वे नृत्य साधना में खूब निष्ठा रखते थे। उन्होंने अपने पुत्र बिरजू महाराज से भी गुरु दक्षिणा ली थी। इस प्रकार, शागिदों में कोई भेदभाव नहीं करते तथा नियम-कायदे का पूरा-पूरा पालन करते।


प्रश्न 6. बिरजू महाराज ने नृत्य की शिक्षा किसे और कब देनी शुरू की?

उत्तर – बिरजू महाराज की उम्र 10-11 साल की थीं, तब उन्होंने सर्वप्रथम कानपुर में रहते हुए सीताराम बागला नामक लड़के को शिक्षा देनी शुरू की। नृत्य की


प्रश्न 7. बिरजू महाराज के जीवन में सबसे दुखद समय कब आया ? उससे सम्बन्धित प्रसंग का वर्णन कीजिए

उत्तर — बिरजू महाराज के जीवन में सबसे दुखद समय उस समय आया जब उनके पिता की मृत्यु हुई। तब बिरजू महाराज केवल साढ़े नौ साल के थे। घर की हालत बहुत खस्ता थीं घर में इतने भी पैसे नहीं थे कि उनका दसवाँ हो सकें। इसके लिए बिरजू महाराज ने दो कार्यक्रम करके 500 रुपये जमा किये तब जाकर पिताजी की तेरहवीं हुई। पिता की मृत्यु और उस हालत में नाचना बिरजू महाराज के लिए बड़ा दुखद अनुभव था।


प्रश्न 8. शम्भू महाराज के साथ बिरजू महाराज के संबंध पर प्रकाश डालिए।

उत्तर – शम्भु महाराज बिरजू महाराज के चाचा थे। बिरजू महाराज को बचपन से उनका मार्गनिर्देशन मिला, भारतीय कलाकेन्द्र में उनका सान्निध्य मिला। उन्हीं का सहायक रहकर बिरजू महाराज ने सफलता प्राप्त की। शम्भू महाराज के साथ बिरजू महाराज बचपन में नाचा करते थे।


प्रश्न 9. कलकत्ते के दर्शकों की प्रशंसा का बिरजू महाराज के नर्तक जीवन पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर – कलकत्ते के एक कॉन्फ्रेंस ने बिरजू महाराज के नाच पर खूब प्रशंसा की। इस प्रशंसा का बिरजू महाराज पर काफी असर हुआ। इनके जीवन में एक नया मोड़ आया और आगे उन्होंने इतनी कठोर मेहनत की कि वे हमेशा बढ़ते ही रहे। कलकत्ते के प्रोग्राम के बाद बिरजू महाराज का नाम अखबारों में छपा और उनका आत्मविश्वास जागा ।


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प्रश्न 10. संगीत भारती में बिरजू महाराज की दिनचर्या क्या थी?

उत्तर – बिरजू महाराज का आवास दरियागंज में था। वहाँ से प्रतिदिन पाँच या नौ नं० की बस पकड़कर संगीत भारतीय जाना होता था। वहाँ प्रदर्शन का अवसर कम मिला, फिर भी हाजिर रहना पड़ता था।


प्रश्न 11. बिरजू महाराज कौन-कौन से वाद्ययंत्र बजाते थे?

उत्तर – बिरजू महाराज हारमोनियम, गिटार, सितार, बाँसुरी, सरोद, तबला इत्यादि वाद्ययंत्र बजाते थे।


प्रश्न 12. अपने विवाह के बारे में बिरजू महाराज क्या बताते है?

उत्तर — बिरजू महाराज बताते है कि उनकी शादी 18 वर्ष की उम्र में हुई। बिरजू महाराज उस समय शादी नहीं करना चाहते थे क्योंकि पिता की मृत्यु के उपरान्त घर की जिम्मेदारी उन्हीं के ऊपर थी; जिसे वे पहले सँभाल लेना चाहते थे। परन्तु, अम्मा जी के इच्छा से उनका विवाह हुआ


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प्रश्न 13. बिरजू महाराज की अपने शार्गिदों के बारे में क्या राय है

उत्तर — शार्गिदों के बारे में बिरजू महाराज की राय अच्छी नहीं है। उन्होंने है? कई अच्छे, कई खूब अच्छे और कई कामचलाऊ शागिदों के नाम गिनाए । किन्तु, शागिदों से उनकी शिकायत है कि किसी को त्याग या कला के प्रति सम्मान नहीं है, उनके लड़के में भी नहीं। बस कमाने-खाने और एंज्वॉय करने का ख्याल है। हाँ, शाश्वती और कुछ-कुछ दुर्गा के बारे में उनका ख्याल है कि वे कला को सम्मान देती हैं।


प्रश्न 14. बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज किसको मानते थे? पुराने और आज के नर्तकों के बीच बिरजू महाराज क्या फर्क पाते हैं?

उत्तर – बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज अपनी माँ को मानते थे। उत्तर- पुराने और आज के नर्तकों के बीच बिरजू महाराज नृत्य के प्रति लगाव भावना, त्याग, लगन और मेहनत का फर्क पाते है। आज के नर्तक कला को ‘पेशा’ के रूप में जितना अच्छा कर सके अपनाते हैं। किन्तु, पुराने नर्तकों में कला के प्रति सम्मान था।


प्रश्न 15. बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज अपनी माँ को क्यों मानते थे ?

उत्तर – बिरजू महाराज अपना सबसे बड़ा जज अपनी माँ को मानते थे । जब भी वे नाच देखती थी तो बिरजू जी पूछते थे कि गलत तो नहीं कर रहा हूँ उनका पूछने का मतलब था कि बाबूजी वाला ढंग है न; कहीं गड़बड़ तो नहीं हो रही। माँ कहती थी कि नहीं बेटा। उन्हीं की तुम तस्वीर हो बैठने, उठने, बोलने, नृत्य करने का सारा कुछ पिता का ही है। इस प्रकार बिरजू महाराज की माँ जज के रूप में निर्णय देकर बेटे को प्रोत्साहित करती थी ।


Bihar Board Matric Exam Hindi Ka Subjective Question Answer

Chapter Name Objective QueSubjective QueLong Subjective
1. श्रम विभाजन और जाति प्रथाClick HereClick HereClick Here
2. विष के दाँतClick HereClick HereClick Here
3. भारत से हम क्या सीखेंClick HereClick HereClick Here
4. नाखून क्यों बढ़ते हैंClick HereClick HereClick Here
5. नागरी लिपिClick HereClick HereClick Here
6. बहादुरClick HereClick HereClick Here
7. परंपरा का मूल्यांकनClick HereClick HereClick Here
8. जित-जित मैं निरखत हूँClick HereClick HereClick Here
9. आवियों Click HereClick Here Click Here
10. मछली Click Here Click Here Click Here
11. नौबतखाने में इबादत` Click Here Click Here Click Here
12. शिक्षा और संस्कृति Click Here Click Here Click Here

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