BSEB Class 10th Subjective Question Answer

BSEB Class 10th Subjective Question Answer | Class 10th Bahadur Subjective Question Answer In HIndi

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BSEB Class 10th Subjective Question Answer :- Bihar Board के लिए Bihar Board Matric Exam Hindi Ka Subjective Question Answer दिया गया है। जो की विष के दाँत BSEB Class 10th Hindi Subjective Question है। जो की  Bihar Board Matric Hindi Exam के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। बहादुर के सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर | बहादुर सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर परीक्षा के लिए Class 10th Bahadur Subjective Question Answer In HIndi

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BSEB Class 10th Subjective Question Answer

प्रश्न 1. लेखक को क्यों लगता है कि जैसे उस पर एक दायित्व आ गया हो ?

उत्तर – लेखक को अपने परिवार में नौकर रखना जरूरी हो गया था। किन्तु, नौकर रखना मामूली बात नहीं हैं। बहुत बड़ी जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। नौकर को भरण-पोषण के साथ-साथ वेतन भी देना होता है। इसलिए, नौकर को सामने आया देख लेखक को उस दायित्व का एहसास हुआ।


प्रश्न 2. अपने शब्दों में पहली बार दिखे बहादुर का वर्णन कीजिए

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उत्तर— बहादुर बारह-तेरह वर्ष का ठिगना, चकइठ शरीर, गोरा रंग और चपटा मुँह का लड़का था। आँखें बुरी तरह मलका रहा था। सफेद नेकर, आधी बाँह की सफेद कमीज और भूरे रंग की पुराना जूता और गले में स्काउट की तरह एक रूमाल बँधा था। लेखक के परिवार के लोग उसे ऐसे घेरे हुए थे, जैसे वह कोई अजनबी चीज हो।


प्रश्न 3. लेखक को क्यों लगता है कि नौकर रखना बहुत जरूरी हो गया था?

उत्तर— लेखक के सभी रिश्तेदारों के पास नौकर थे। लेखक की पत्नी भी हमेशा नौकर चाकर की चाह किया करती थी लेखक स्वयं भी अपने रिश्तेदारों का शौक – मौज देखकर नौकर रखना चाह रहा था। इस प्रकार, लेखक को नौकर रखना जरूरी लगा ।


Class 10th Bahadur Subjective Question Answer In HIndi

प्रश्न 4. साले साहब से लेखक को कौन सा किस्सा असाधारण विस्तार से सुनना पड़ा?

उत्तर— लेखक को बहादुर का किस्सा साले साहेब के मुँह से असाधारण विस्तार से सुनना पड़ा । कारण कि बहादुर गरीब घर का लड़का था जिसका पिता नहीं था और माँ गुस्सैल थी। माँ की मार से ही वह घर से भागकर आया था।


प्रश्न 5. बहादुर अपने घर से क्यों भाग गया था ?

उत्तर- बहादुर का पिता नहीं था और माँ बहुत गुस्सैल थी। वह बहादुर को प्यार नहीं करती थी। बल्कि, काम करने के लिए बहुत पीटती थी । एक दिन माँ ने भैंस को मारने के जुर्म में उसकी खूब पिटाई की। इसलिए, वह दुखी होकर भाग गया।


प्रश्न 6. बहादुर के नाम से ‘दिल’ शब्द क्यों उड़ा दिया गया? विचार करें।

उत्तर – लेखक की पत्नी को ‘दिलबहादुर’ नाम कुछ भावात्मक लगा। वह नहीं चाहती थी कि कोई उसके नाम के साथ खिलवाड़ करते हुए भावात्मक सम्बन्ध रखे। इसलिए ‘दिल’ शब्द हटाकर मात्र ‘बहादुर’ नाम रखा। लेखक की पत्नी निर्मला ने उसके नाम से ‘दिल’ शब्द हटाकर उसका दिल जीतने तथा अपना प्रभाव डालने के लिए उदारतापूर्वक ‘दिल’ उड़ा दिया।


प्रश्न 7. कामधन्धे के बाद रात को अपने बिस्तर पर गए बहादुर का लेखक किन शब्दों में चित्रण करता है? चित्रण का आशय स्पष्ट करें।

उत्तर- रात को बहादुर जब अपने बिछावन पर जाता तब बैठकर जेब से निकालकर टोपी पहन लेता और आइने में बार-बार अपनी झलक देखता । फिर कुछ गोलियाँ, ताश के पुराने पत्ते, खुबसूरत पत्थर के टुकड़े, ब्लेड, कागज की नाव आदि के साथ खेलता तथा अपना पहाड़ी धुन गुनगुनाता । लेखक उसके गीत का अर्थ तो नहीं समझता था, किन्तु उसके स्वर में एक ऐसी मीठी उदासी थीं जिससे प्रतीत होता था कि जैसे कोई पहाड़ की निर्जनता से अपने किसी बिछड़े हुए साथी को बुला रहा हो। बहादुर इस गीत के माध्यम से अपने बिछड़ेपन की व्यथा प्रकट कर अपनी मानसिक पीड़ा दूर करना चाहता था, क्योंकि उसकी स्वच्छंदता अब पराधीनता में बदल गई थीं।


प्रश्न 8. बहादुर के आने से लेखक के घर और परिवार के सदस्यों पर कैसा प्रभाव पड़ा?

उत्तर – बहादुर के आने से लेखक के घर और परिवार के लोगों का दिन मजे से कटने लगा। बहादुर के आने से लेखक के घर और परिवार के लोगों पर रौनक छा गयी थी। सब उससे छेड़खानियाँ करते तथा उसके खाने और नाश्ते की बड़ी फिक्र रहती निर्मला पड़ोसियों को नौकर के प्रति अपनी दिलदारी सुनाती लड़के, बच्चे अपना रोबदाब दिखाते। घर के लोग । आराम तलब हो गये ।


प्रश्न 9. किन कारणों से बहादुर ने एक दिन लेखक का घर छोड़ दिया?

अथवा, बहादुर ने लेखक का घर क्यों छोड़ दिया ?

उत्तर— बहादुर स्वाभिमानी, कर्मठ, प्यार का भूखा तथा स्वच्छंद विचार का व्यक्ति था । बहादुर सीधा-सादा लड़का था । प्यार-दुलार के काबिल था । -किन्तु, घर के लोग जब-तब छोटी-छोटी बातों पर मारते और गाली देते। लेखक के एक रिश्तेदार ने एक दिन उस पर चोरी का इल्जाम भी लगाया और लेखक ने भी उसे मारा। इसलिए वह डर गया और एक दिन उससे सिल टूट जाने के कारण वह मार के डर से भाग गया।


प्रश्न 10. बहादुर पर ही चोरी का आरोप क्यों लगाया जाता है और उस पर इस आरोप का क्या असर पड़ता है?

उत्तर— बहादुर चूँकि नौकर यानी बाहरी व्यक्ति था। इसलिए उस पर चोरी का आरोप लगाना आसान काम था। घर के सदस्यों पर यह आरोप लगाना नहीं चाहता। इस आरोप से बहादुर बहुत डर गया था, क्योंकि सबने उसे डाँटा और मारा। उसने अपमान भी महसूस किया।


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प्रश्न 11. घर आये रिश्तेदारों ने कैसा प्रपंच रचा और उसका क्या परिणाम निकला?

उत्तर— घर आए रिश्तेदारों ने बहादुर पर चोरी करने का प्रपंच रचा। परिणाम हुआ कि घर के सारे सदस्यों का मन उससे खिन्न रहने लगा। वह दुखी होकर घर से भाग गया।


प्रश्न 12. बहादुर के चले जाने पर सबको पछतावा क्यों होता है?

उत्तर- बहादुर सीधा-सादा लड़का था उससे सबको आराम मिलता था और सबके अहं की तुष्टि होती थी लोग उसे नाहक मार और गाली भी देते थे तथा चोरी का इल्जाम लगाकर अपमानित भी किया। उसके चले जाने पर सबको अपनी भूल का एहसास हुआ, इसलिए पछतावा हुआ।


प्रश्न 13. निर्मला को बहादुर के चले जाने पर किस बात का अफसोस हुआ?

उत्तर- निर्मला बहादुर के प्रति बहुत स्नेह रखती थी। उसके चले जाने पर उसकी ईमानदारी, परिश्रम और सरलता याद आती थी। उसको अपमानित किया जाना, मारना और जाते वक्त बिना कुछ लिए बेकसूर चला जाना उसे बहुत खला, इसलिए अफसोस हुआ।


प्रश्न 14. कहानी छोटा मुँह बड़ी बात कहती है इस दृष्टि से ‘बहादुर’ कहानी पर विचार करें।

उत्तर— बहादुर कहानी एक नौकर की परिस्थिति पर आधारित है। इस दृष्टि से किसी महत्त्वपूर्ण सामाजिक अंग की परिचर्चा नहीं करती है किन्तु, इस कहानी के तथ्य बहुत मार्मिक हैं। बालश्रम, बालमनोदशा, विलासिता में डूबे घर-परिवार का आडंबर आदि बड़ी सामाजिक विषमताओं को मनोरंजक ढंग से उजागर किया गया है। इसलिए, छोटा मुँह बड़ी बात है।


प्रश्न 15. ‘बहादुर’ कहानी के शीर्षक की सार्थकता स्पष्ट कीजिए। लेखक ने इसका शीर्षक ‘नौकर’ क्यों नहीं रखा?

उत्तर— ‘बहादुर’ शीर्षक कहानी के अनुकूल है। यह कहानी का केन्द्र बिन्दु है क्योंकि पूरी कहानी उसी पर आधारित है। यह शीर्षक बोलने – में सीधा तथा सरल है। प्रथम दृष्टि में कहानी आकर्षक तथा गूढार्थ के लिए भी दिखता है। कहानी की कथावस्तु शीर्षक के साथ काफी मेल खाती है। अतः यह शीर्षक पूरा सार्थक है।
लेखक बहादुर को घर के सदस्य की तरह मानता था और उसका चरित्र भी बिल्कुल साफ-सुथरा था । इसलिए उसकी स्मृति में लिखी गयी इस कहानी का शीर्षक नौकर रखना उसे उचित नहीं लगा।


Bihar Board Matric Exam Hindi Ka Subjective Question Answer

Chapter Name Objective QueSubjective QueLong Subjective
1. श्रम विभाजन और जाति प्रथाClick HereClick HereClick Here
2. विष के दाँतClick HereClick HereClick Here
3. भारत से हम क्या सीखेंClick HereClick HereClick Here
4. नाखून क्यों बढ़ते हैंClick HereClick HereClick Here
5. नागरी लिपिClick HereClick HereClick Here
6. बहादुरClick HereClick HereClick Here
7. परंपरा का मूल्यांकनClick HereClick HereClick Here
8. जित-जित मैं निरखत हूँClick HereClick HereClick Here
9. आवियों Click HereClick Here Click Here
10. मछली Click Here Click Here Click Here
11. नौबतखाने में इबादत` Click Here Click Here Click Here
12. शिक्षा और संस्कृति Click Here Click Here Click Here

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