Matric Hindi Long Subjective Question Answer

Matric Hindi Long Subjective Question Answer | Class 10th Hindi Ram Nam Binu Birathe Jagi Janama Long Subjective Question Answer In Hindi

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Matric Hindi Long Subjective Question Answer :- Bihar Board के लिए Bihar Board Class 10th Hindi Ka Dirgh Uttariya Question Answer दिया गया है। जो की BSEB Class 10th Hindi Long Subjective Question है। जो की  Bihar Board Matric Hindi Exam के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा के लॉन्ग सब्जेक्टिव क्वेश्चन आंसर | बिहार बोर्ड मैट्रिक राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर Class 10th Hindi Ram Nam Binu Birathe Jagi Janama Long Subjective Question Answer In Hindi

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Matric Hindi Long Subjective Question Answer

प्रश्न 1. ‘जो नर दुख में दुख नहिं माने’ पद का भावार्थ लिखें।

अथवा, ‘जो नर दुख में दुख नहिं मानै’ कविता का भावार्थ लिखें ।

उत्तर ⇒ प्रस्तुत कविता में कवि ईश्वर की निर्गुणवादी सत्ता को स्वीकार करते हुए कहते हैं कि जो मनुष्य दुख को दुख नहीं समझता है अर्थात् दुःखमय जीवन में भी समानरूप में रहता है उसी का जीवन सार्थक होता है। जिसके जीवन में सुख, प्यार, भय नहीं आता है अर्थात् इस परिस्थिति में भी तटस्थ रहकर मानसिक दुर्गुणों को दूर करता है, लोभ से रहित सोने को भी माटी के समान समझता है वही प्रभु की कृपा प्राप्त कर सकता है। जो मनुष्य न किसी की निंदा करता है, न किसी की स्तुति करता है, लोभ, मोह अभिमान से दूर रहता है, न सुख में प्रसन्नता जाहिर करता है और न संकट में शोक उपस्थित करता है तथा मान-अपमान से रहित होता है वही ईश्वर भक्ति के सुख को प्राप्त कर सकता है ।

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प्रश्न 2. ‘राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा’ और ‘जो नर दुख में दुख नहिं मानै ।’ कविता का सारांश लिखें।

उत्तर ⇒ पाठयपुस्तक में गुरु नानक के दो पद संगृहित हैं : ‘रामनाम बिनु बिरथे जगि जनमा’ और ‘जो नर दुख में दुख नहिं मानै ।’ प्रथम पद गुरु नानक ने बाहरी वेश-भूषा, पूजा-पाठ और कर्मकांड के स्थान पर निश्छल निर्मल हृदय से रामनाम के कीर्तन पर जोर दिया है। गुरु नानक ऐसा मानते हैं कि रामनाम कीर्तन से ही व्यक्ति को स्थायी शांति मिल सकती है और उसके सारे सांसारिक दुःख-दर्द मिट सकते हैं। दूसरे पद में गुरु नानक ने कहा है कि सुख-दुःख, हर्ष-विषाद आदि में एक समान उदासीन रहते हुए हमें अपने मानसिक दुर्गुणों से ऊपर उठकर अंतःकरण को विशुद्ध और निर्मल रखना चाहिए, क्योंकि इसी स्थिति में गोविंद से एकाकार होने की संभावना रहती है।

गुरु नानक कहते हैं कि रामनाम के बिना इस संसार में जन्म होना व्यर्थ है। रामनाम के बिना हम विष खाते हैं और विष ही बोलते हैं। अर्थात, रामनाम के बिना हमारा खाना जहर के समान होता है और हमारी वाणी जहर के समान होती है। पुस्तक पढ़ने, शास्त्रों पर चर्चा करने और संध्याकालीन उपासना करने से हमें मोक्ष की प्राप्ति नहीं होती। राम के बिना हम विभिन्न जंजालों में उलझकर मर जाते हैं। जीवन में स्थायी शांति धार्मिक बाह्याडंबरों और तीर्थाटन करने से नहीं प्राप्त होती, रामनाम के जपने से ही प्राप्त होती हैं। भवसागर पार करने का सबसे सुगम मार्ग है रामनाम का जप करना।

गुरु नानक कहते हैं कि जो नर दुःख में दुःख नहीं मानता, सुख-दुःख में जो उदासीन रहता है, प्रीति और भय जिसके लिए एकसमान हैं, सोना और मिट्टी में जो भेद नहीं करता; हर्ष और शोक जिसके लिए पृथक्-पृथक् नहीं हैं, वह नर गुरु की कृपा प्राप्त करता है और उसे ही प्रभु के सान्निध्य का सुख मिलता है।


Class 10th Hindi Ram Nam Binu Birathe Jagi Janama Long Subjective Question Answer In Hindi

प्रश्न 3. निम्नलिखित पंक्तियों की सप्रसंग व्याख्या करें

       “आसा मनसा सकल त्यागि के जग ते रहें निरासा ।

            काम क्रोध जेहि परसे नाहिन तेहि घट ब्रह्म निवासा ।”

उत्तर ⇒ प्रस्तुत पद्यांश कवि गुरुनानक देव द्वारा रचित ‘राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा’ पाठ से उद्धृत है।

उपर्युक्त पंक्तियों में संत कवि नानक कहते हैं कि जिसने आशा-आकांक्षा और सांसारिक मोह माया का त्याग कर दिया है, जिसके जीवन में काम-क्रोध के लिए – , कोई स्थान नहीं है, अर्थात् जो विगत काम और क्रोधरहित है, उसकी अंतरात्मा में , ब्रह्म का निवास होता है।


बिहार बोर्ड मैट्रिक राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा दीर्घ उत्तरीय प्रश्न उत्तर

प्रश्न 4. ‘राम नाम बिनु अरूझि मरै’ की व्याख्या करें ।

उत्तर ⇒ प्रस्तुत पद्यांश हमारी पाठ्य-पुस्तक हिंदी साहित्य के महान संत कवि गुरुनानक के द्वारा लिखित ‘राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा’ शीर्षक से उद्धृत है ।

गुरुनानक निर्गुण, निराकार ईश्वर के उपासक तथा हिंदी की निर्गुण भक्तिधारा के प्रमुख कवि हैं । यहाँ राम नाम की महत्ता पर प्रकाश डालते हैं

प्रस्तुत व्याख्येय पंक्ति में निर्गुणवादी विचारधारा के कवि गुरुनानक राम-नाम की गरिमा मानवीय जीवन में कितनी है इसका उजागर सच्चे हृदय से किये हैं । कवि कहते हैं कि राम-नाम के बिना, संध्यावंदन, तीर्थांटन, रंगीन वस्त्रधारण, यहाँ तक कि जटाजूट बढ़ाकर इधर-उधर घूमना, ये सभी भक्ति भाव के बाह्याडम्बर है । इससे जीवन सार्थक कभी भी नहीं हो सकता है। राम नाम की सत्ता को स्वीकार नहीं करते हैं तब तक मानवीय मूल चेतना उजागर नहीं हो सकती है। राम नाम के बिना बहुत-से सांसारिक कार्यों में उलझकर व्यक्ति जीवनलीला समाप्त कर लेता है ।


प्रश्न 5. ‘हरष शोक तें रहै नियारो, नाहि मान अपमाना’ की व्याख्या करें ।

उत्तर ⇒ प्रस्तुत पंक्ति हमारी पाठ्य-पुस्तक हिंदी साहित्य के संत कवि गुरुनानक द्वारा रचित ‘जो नर दुख में दुख नहिं मानै’ शीर्षक से उद्धृत है प्रस्तुत पंक्ति में संत गुरु नानक उपदेश देते हैं कि ब्रह्म के उपासक प्राणी को हर्ष – शोक, सुख-दुख, निंदा – प्रशंसा, मान-अपमान से परे होना चाहिए। इन सबसे पृथक् रहने वाले प्राणियों में ब्रह्म का निवास होता है

प्रस्तुत पंक्ति में कवि कहते हैं, ब्रह्म निर्गुण एवं निराकार है । वैराग्य भाव रखकर ही हम उसे पा सकते हैं। झूठी मान, बड़ाई या निंदा – शिकायत की उलझन मनुष्य को ब्रह्म से दूर ले जाता है । ब्रह्म को पाने के लिए, सच्ची मुक्ति के लिए हर्ष – शोक, मान-अपमान से दूर रहकर, उदासीन रहते हुए ब्रह्म की उपासना करना चाहिए ।


प्रश्न 6. ‘नानक लीन भयो गोविंद सो, ज्यों पानी संग पानी’ की व्याख्या करें ।

उत्तर ⇒ प्रस्तुत पंक्ति हमारी पाठ्य पुस्तक के महान संत कवि गुरु नानक के द्वारा रचित ‘जो नर दुख में दुख नहिं मानै’ पाठ से उद्धृत है। इसमें कवि ब्रह्म की सत्ता की महत्ता को बताते हैं ।

प्रस्तुत व्याख्येय पंक्ति के माध्यम से कवि कहना चाहते हैं इस मानवीय जीवन में ब्रह्म को पाने की सच्ची युक्ति, यथार्थ उपाय करना आवश्यक है। परब्रह्म को पाना प्राणी का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए। जिस प्रकार पानी के साथ पानी मिलकर एकसमान हो जाता है उसी प्रकार जीव जब ब्रह्म के सान्निध्य में जाता है तब ब्रह्ममय हो जाता है। जीवात्मा एवं परमात्मा में जब मिलन होता है तब जीवात्मा भी परमात्मा बन जाता है। दोनों का भेद मिट जाता है


BSEB Class 10th Hindi Long Subjective Question

 Class 10th Hndi गोधूलि भाग 2 ( काव्यखंड ) Objective 2024
13. राम बिनु बिरथे जगि जनमा Click Here Click Here Click Here
14. प्रेम-अयनि श्री राधिका Click Here Click Here Click Here
15. अति सूधो सनेह को मारग है Click Here Click Here Click Here
16. स्वदेशी Click Here Click Here Click Here
17. भारतमाता Click Here Click Here Click Here
18. जनतंत्र का जन्म Click Here Click Here Click Here
19. हिरोशिमा Click Here Click Here Click Here
20. एक वृक्ष की हत्याClick HereClick HereClick Here
21. हमारी नींदClick HereClick HereClick Here
22. अक्षर-ज्ञानClick HereClick HereClick Here
23. लौटकर आऊंगा फिरClick HereClick HereClick Here
24. मेरे बिना तुम प्रभुClick HereClick HereClick Here
S.NMatric Exam 2024 Objective Question
1.Hindi  – गोधूलि भाग 2
2.Hindi – हिंदी व्याकरण
3.SCIENCE – विज्ञान
4.SOCIAL SCIENCE – सामाजिक विज्ञान
5.SANSKRIT – संस्कृत
6.MTHEMATICS – गणित
7.ENGLISH – इंग्लिश

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