Bihar Board 10th Science Ka laghu Uttariya Question Answer 2024

Bihar Board 10th Science Ka laghu Uttariya Question Answer 2024 | Prakash Ka Pravartan Tatha Apvartan Subjective Question

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Bihar Board 10th Science Ka laghu Uttariya Question Answer 2024 :- दोस्तों यहां पर बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2024 ( Bihar Board Matric Exam 2024 ) के लिए विज्ञान का सब्जेक्ट प्रश्न उत्तर दिया गया है यदि आप लोग मैट्रिक परीक्षा 2024 की तैयारी कर रहे हैं तो कक्षा 10 प्रकाश के परावर्तन तथा अपवर्तन का लघु उत्तरीय प्रश्न( class 10th prakash ka pravartan tatha apvartan laghu uttariy prashn ) यहां पर किया गया है जो कि आने वाले परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ ही इस वेबसाइट पर सभी सब्जेक्ट का ऑब्जेक्टिव एंड सब्जेक्टिव प्रश्न( Bihar Board Class 10th All Subjective Ka Objective And Subjective Question 2024 ) दिया गया है जिससे आप 2024 में बेहतर तैयारी कर सकते हैं

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Bihar Board 10th Science Ka laghu Uttariya Question Answer 2024

प्रश्न 1. उत्तल लेंस को अभिसारी लेंस क्यों कहा जाता है?

उत्तर— उत्तल लेंस के द्वारा आपतित समांतर किरणें अपवर्तन के फलस्वरूप एक बिंदु पर मिलती हैं। यानी, उत्तल लेंस प्रकाश के समांतर किरणों को अभिसरित करता है। अतः उत्तल लेंस को इसी गुण के कारण अभिसारी लेंस कहते हैं।


प्रश्न 2. गोलीय दर्पण क्या है? एक गोलीय दर्पण की वक्रता त्रिज्या 20 cm है, तो इसकी फोकस दूरी क्या है? 

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उत्तर- ऐसे दर्पण जिनका परावर्तन पृष्ठ गोलीय है, गोलीय दर्पण कहलाते हैं।


प्रश्न 3. उत्तल लेंस के 2F पर स्थित वस्तु के प्रतिबिम्ब बनने की क्रिया का किरण आरेख खींचे।

उत्तर-


प्रश्न 4. कोई वस्तु किसी उत्तल लेंस के प्रकाशिक केन्द्र तथा फोकस के बीच रखी गयी है। बननेवाले प्रतिबिम्ब का किरण आरेख खींचें।

अथवा, सरल सूक्ष्मदर्शी क्या है? किरण आरेख खींचें । 

उत्तर–


प्रश्न 5. प्रकाश का अपवर्त्तन क्या है ? इसके नियमों को लिखें ।

अथवा, प्रकाश के अपवर्तन नियम लिखिए ।

उत्तर – प्रकाश के अपवर्तन के दो नियम हैं –

(i) आपतित किरण, अपवर्तित किरण तथा आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब तीनों एक ही तल में होते हैं ।

(ii) जब एक ही रंग के प्रकाश की किरण किन्हीं दो माध्यमों के सीमा तल पर तिरछी आपतित होती है तो आपतन कोण (i) की ज्या (sine) तथा अपवर्तन कोण (r) की ज्या (sine) का अनुपात एक नियतांक होता है ।

इस नियतांक को दूसरे माध्यम का पहले माध्यम के सापेक्ष अपवर्तनांक कहते हैं । इसे प्राय: 1n2 से प्रदर्शित करते हैं। इस नियम को स्नैल का नियम भी कहते हैं ।

1n2 = sini / sinr  = नियतांक


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प्रश्न 6. निम्नांकित स्थितियों में प्रयुक्त दर्पण का प्रकार बताइए—

(a) वाहनों के अग्रदीप में किस दर्पण का प्रयोग होता है? क्यों?

अथवा, किसी कार का अग्र- दीप (हैड लाइट)

(b) किसी वाहन का पार्श्व/पश्च दृश्य दर्पण

(c) सौर भट्टी ।

अपने उत्तर की कारण सहित पुष्टि कीजिए ।

उत्तर- (a) किसी कार का अग्र-दौप अवतल दर्पण का बना होता है। वाहनों के अग्रदीपों (headlights) में प्रकाश का शक्तिशाली समांतर किरण पुंज प्राप्त करने के लिए किया जाता है

(b) उत्तल दर्पण का उपयोग सामान्यतः वाहनों के पश्च- दृश्य दर्पणों के रूप में किया जाता है। ये दर्पण वाहन के पार्श्व में लगे होते हैं तथा इनमें ड्राइवर अपने पीछे के वाहनों को देख सकते हैं जिससे वे सुरक्षित रूप से वाहन चला सकते हैं ।

(c) सौर भट्टियों में सूर्य के प्रकाश को केंद्रित करने के लिए बड़े अवतल दर्पणों का उपयोग किया जाता है।


प्रश्न 7. हम वाहनों में उत्तल दर्पण को पश्च- दृश्य दर्पण के रूप में वरीयता क्यों देते हैं ?

उत्तर- उत्तल दर्पण को पश्च दृश्य दर्पण के रूप में इसलिए वरीयता देते हैं क्योंकि वे सदैव सीधा प्रतिबिम्ब बनाते हैं । इनका दृष्टि क्षेत्र भी बहुत अधिक है क्योंकि ये बाहर की ओर वक्रित होते हैं।


प्रश्न 8. अपवर्तनांक को परिभाषित करें। हीरे का अपवर्तनांक 2.42 है। इस कथन का क्या अभिप्राय है? 

उत्तर— किसी माध्यम का अपवर्तनांक निर्वात में प्रकाश की चाल (c) और उस माध्यम में प्रकाश की चाल (v) का अनुपात होता है। अपवर्तनांक हीरे में प्रकाश की चाल निर्वात में चाल की 1/242 गुनी है। इसका क्रांतिक कोण C, sin C = 1/242 से प्राप्त होगा जो छोटा है। अतः, इसकी सतह पूर्ण आंतरिक परावर्तन के लिए ज्यादा उचित है।


प्रश्न 9. उत्तल दर्पण के प्रधान अक्ष पर रखे बिंब के प्रतिबिंब के लिए एक किरण आरेख खीचें और प्रतिबिंब की प्रकृति, आकार (साइज ) एवं स्थान को लिखें।

उत्तर- उत्तल दर्पण द्वारा प्रतिबिंब बनने की दो स्थिति को दर्शाया गया है। जब वस्तु अनंत पर होती है तो उसका प्रतिबिंब दर्पण के फोकस पर बनता है।

जब बिम्ब ∞ और दर्पण के ध्रुव के बीच रहता है, तो प्रतिबिंब दर्पण के पीछे -आभासी और छोटा बनता है। यह प्रतिबिंब आभासी तथा काफी छोटा होता है।

बिम्ब की स्थिति प्रतिबिम्ब की स्थिति प्रतिविम्व का साइजप्रतिविम्ब की प्रकृति
अनंत पर

अनंत तथा दर्पण के ध्रुव P के

फोकस F पर दर्पण के पीछे

P तथा F के छोटा बीच

अत्यंत छोटा बिन्दु के साइज का छोटा

छोटा

आभासी तथा सीधा

आभासी तथा सौधा


प्रश्न 10. प्रकाश के परावर्तन के नियमों को लिखें और इसे किरण आरेख से दर्शायें । 

अथवा, प्रकाश का परावर्तन किसे कहते हैं ? इसके नियमों को लिखें ।

उत्तर- जब प्रकाश किसी पॉलिश की हुई या चमकदार सतह पर पड़ता है तो यह एक सुनिश्चित दिशा में विस्तारित होता है किसी पॉलिश की हुई सतह से प्रकाश का एक सुनिश्चित रूप से दिशा बदलने की परिघटना को परावर्तन कहते हैं।

प्रकाश के परावर्तन के दो नियम हैं-

(i) आपतित किरण दर्पण के आपतन बिन्दु पर अभिलम्ब तथा परावर्तित किरण एक ही तल में होते हैं।

(ii) परावर्तन कोण सदैव आपतन कोण के बराबर होता है।


प्रश्न 11. गोलीय दर्पणों द्वारा परावर्तन के लिए नयी कार्तीय चिह्न परिपाटी दर्शायें ।

उत्तर- गोलीय दर्पणों द्वारा परावर्तन की नई कार्तीय चिह्न परिपाटी—

(i) बिंब सदैव दर्पण के बाईं ओर रखा जाता है।

(ii) मुख्य अक्ष के समांतर सभी दूरियाँ दर्पण के ध्रुव से मापी जाती है।

(iii) मूल बिंदु के दाईं ओर की दूरियाँ धनात्मक जबकि मूल बिंदु के बायीं ओर ऋणात्मक मानी जाती है।

(iv) मुख्य अक्ष के लंबवत् तथा ऊपर की ओर मापी जाने वाली दूरियाँ धनात्मक मानी जाती है।

(v) मुख्य अक्ष के लंबवत् तथा नीचे की ओर मापी जाने वाली दूरियाँ ऋणात्मक मानी जाती है।


प्रश्न 12. उत्तल लेंस के वक्रता केन्द्र पर रखे बिंब के प्रतिबिंब के लिए एक किरण आरेख खींचे और उस प्रतिबिंब की प्रकृति, आकार (साइज ) एवं स्थान को लिखें।

उत्तर-

 

बिंब की स्थितिप्रतिबिंब की स्थितिप्रतिबिंब का साइजप्रतिबिंब की प्रकृति
अनंत पर

अनंत तथा दर्पण के

फोकस F पर दर्पण के पीछे

P तथा F के बीच

अत्यधिक छोटा बिंदु के साइज का

छोटा

आभासी तथा सीधा

आभासी तथा सीधा

 


प्रश्न 13. वास्तविक तथा आभासी प्रतिबिम्ब में क्या अंतर है ?

उत्तर-

वास्तविक प्रतिबिम्बआभासी प्रतिबिम्ब
1. वास्तविक प्रतिबिम्ब को पर्दे पर लिया जा सकता हैं

2. वास्तविक प्रतिबिम्ब सदैव उल्टे होते हैं।

3. वास्तविक प्रतिबिम्ब दर्पण के आगे बनते हैं।

1. आभासी प्रतिबिम्ब को पर्दे पर नहीं लिया जा सकता है |

2. आभासी प्रतिबिम्ब सदैव सीधे होते हैं ।

3. आभासी प्रतिबिम्ब दर्पण के पीछे बनता है ।


प्रश्न 14. उत्तल दर्पण तथा अवतल दर्पण में अंतर लिखिए ।

उत्तर-

उत्तल दर्पणअवतल दर्पण
1. इसमें परावर्तन करने वाला चमकीला तल बाहर को उभरा होता है।

2. इसमें आभासी प्रतिबिंब बनता है

3. इसमें सीधा प्रतिबिंब बनता है ।

4. इसमें प्रतिबिंब छोटा बनता है।

 

1. इसमें परावर्तन करने वाला चमकीला तल अंदर धंसा होता है।

2. इसमें वास्तविक और आभासी दोनों प्रकार के प्रतिबिंब बनते हैं।

3. इसमें प्रतिबिंब उल्टा और सीधा दोनों बनते हैं ।

4. इसमें प्रतिबिंब (बड़ा, छोटा तथा वस्तु के आकार) तीनों प्रकार का बनता है।


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प्रश्न 15. आवर्धन किसे कहते हैं? इसे किस प्रकार ज्ञात किया जा सकता है ? 

उत्तर— किसी बिंब के आकार के वस्तु के वास्तविक आकार के अनुपात को आवर्धन कहते हैं। यदि वस्तु की ऊँचाई h1 है और उसके बिंव की ऊँचाई h2 हो, तो m = h2/h1 = A1B2 / AB

चित्र: आभासी बिंबों के लिए आवर्धन धनात्मक होता है और वास्तविक बिंबों के लिए ऋणात्मक होता है।


प्रश्न 16. प्रकाश पुँज क्या है ? ये कितने प्रकार के होते हैं ? 

उत्तर- किरणों के समूह को प्रकाश पुंज कहते हैं।

ये तीन प्रकार के होते हैं-

(i) अपसारी की प्रकाश-पूर्ण,

(ii) अभिसारी प्रकाश-पूर्ण तथा

(iii) समांतर प्रकाश पूर्ण ।


प्रश्न 17. किसी अवतल दर्पण द्वारा वस्तु का आभासी एवं आवर्धित प्रतिबिम्ब बनाने हेतु वस्तु की स्थिति कहाँ होनी चाहिए?

उत्तर- फोकस और वक्रता केन्द्र के बीच होनी चाहिए।


प्रश्न 18. पाश्विक विस्थापन से आप क्या समझते हैं?

उत्तर- काँच की आयताकार सिल्ली से प्रकाश के अपवर्तन में आपतित किरण और निर्गत किरण के बीच की लम्बवत् दूरी को पाश्विक विस्थापन कहते हैं।


प्रश्न 19. दिए गये उत्तल लेंस, अवतल लेंस एवं काँच की एक वृत्ताकार पट्टिका के सतहों को छुए बिना उनकी पहचान कैसे करेंगे?

उत्तर- उत्तल लेंस, अवतल लेंस तथा काँच की पट्टिका को मुद्रित अक्षरों के ऊपर रखकर उठाने से यदि अक्षरों का आकार बढ़ता हुआ दिखाई दे तो वह उत्तल लेंस होगा और यदि अक्षरों का आकार छोटा दिखाई दे तो वह अवतल लेंस होगा और यदि अक्षरों का आकार समान रहे तो वह काँच की वृत्ताकार पट्टिका होगी।


प्रश्न 20. सरल सूक्ष्मदर्शी में बननेवाले प्रतिबिम्ब का किरण आरेख खींचें ।

अथवा, किसी उत्तल लेंस द्वारा वस्तु का आभासी एवं आवर्धित प्रतिबिम्ब बनाने हेतु वस्तु की स्थिति कहाँ होनी चाहिए ?

उत्तर-

 


प्रश्न 21. अवतल दर्पण के दो उपयोग लिखें।

अथवा, अवतल दर्पणों के उपयोग लिखिए। 

उत्तर- अवतल दर्पण के निम्नांकित उपयोग हैं—

(i) बड़े आकार के अवतल दर्पणों का प्रयोग और ऊर्जा के लिए किया जाता है।

(ii) इनका प्रयोग वाहनों की हैडलाइट्स, लैम्पों, सर्चलाइट, टॉर्च आदि बनाने में किया जाता है।

(iii) शेविंग दर्पणों को बनाने में इनका प्रयोग किया जाता है।

(iv) दंत चिकित्सक तथा विशेषज्ञ रोगी का परीक्षण करने के लिए इनका प्रयोग करते हैं


प्रश्न 22. उत्तल लेंस और अवतल लेंस में अंतर स्पष्ट करें।

अथवा, आप उत्तल तथा अवतल लेंस की पहचान कैसे करेंगे ?

उत्तर-

उत्तल लेंसअवतल लेंस
1. बीच में से मोटा तथा किनारों से पतला होता है।

2. अक्षर बड़े आकार के दिखाई देते हैं।

3. प्रकाश की किरणों को एक बिंदु पर केंद्रित करता है।

4. वस्तु का प्रतिबिंब वास्तविक, आभासी तथा उल्टा बनता है।

5. लेंस को बायीं तरफ हिलाएँ तो प्रतिबिंब दायीं तरफ गति करता है ।

6. इसकी फोकस दूरी धनात्मक होती है।

1. बीच में पतला तथा किनारों से मोटा होता है।

2. अक्षर छोटे आकार के दिखाई देते हैं।

3. प्रकाश किरण पुंज को बिखेर देता है।

4. वस्तु का प्रतिबिंब आभासी तथा सीधा बनता है।

5. लेंस को बायीं तरफ हिलाएँ तो प्रतिबिंब भी बायीं तरफ हटेगा।

6. इसकी फोकस दूरी ऋणात्मक होती है


प्रश्न 23. उत्तल दर्पण एवं अवतल दर्पण के तीन उपयोगों को लिखें।

उत्तर-               उत्तल दर्पण

(i) उत्तल दर्पण का उपयोग वाहनों के पश्च दृश्य दर्पणों के रूप में कियाजाता है।

(ii) बाजारों व गलियों में लगे लैम्पों का प्रकाश उत्तल दर्पण से परावर्तित होकर अपसारी किरण पुंज के रूप में सड़क के काफी क्षेत्र को प्रकाशित करता है।

(iii) छपाई के छोटे-छोटे अक्षरों को पढ़ने में किया जाता है।

अवतल दर्पण

(i) अवतल दर्पण का उपयोग सेविंग दर्पण के रूप में किया जाता है।

(ii) इसका उपयोग टार्च, वाहनों की हेड लाइट, दूरबीन और खोज उपकरणों में प्रकाश परावर्तन के लिये किया जाता है।

(iii) ENT अर्थात् कान, नाक और गले के निरीक्षण तथा दंत चिकित्सा में इसका उपयोग किया जाता है।


प्रश्न 24. जब उत्तल लेंस के सामने एक वस्तु को 0 और S के बीच रखा जाता है, तो बननेवाले प्रतिबिम्ब का किरण आरेख खींचें ।

उत्तर—


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प्रश्न 25. काँच की आयताकार सिल्ली में अपवर्तन के दो किरणों का नामांकित चित्र खींचें ।

उत्तर-


प्रश्न 26. लेंस की क्षमता क्या हैं? मान और मात्रक लिखें।

उत्तर— किसी लेंस की क्षमता लेंस की फोकस दूरी के प्रतिलोम के बराबर होती है, जबकि फोकस दूरी मीटर में नापी गई हो |

लेंस की क्षमता = 1/f

जहाँ f का मान मीटर में है। लेंस क्षमता का मात्रक टोयोप्टर होता है। 1 डायोप्टर उस लेंस की क्षमता है जिसकी फोकस दूरी 1 मीटर है।


प्रश्न 27. अवतल लेंस के सामने रखी किसी वस्तु (विम्ब) का प्रतिविम्ब निर्धारण के लिए किरण आरेख खींचे। 

उत्तर-


प्रश्न 28. एक समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न आबंधन +1 है, इसका क्या अर्थ है ?

उत्तर— एक समतल दर्पण द्वारा उत्पन्न आबंधन होने का अर्थ है कि समतल दर्पण के द्वारा जिस वस्तु का प्रतिबिम्ब बन रहा है, उस वस्तु का साइज दर्पण (समतल ) द्वारा बनाए गए प्रतिबिम्ब के साइज के बराबर है। धनात्मक चिह्न यह दर्शाता है कि प्रतिबिम्ब सीधा तथा आभासी है|


प्रश्न 29. किसी उत्तल लेंस का आधा भाग काले कागज से ढक दिया गया है। क्या यह लेंस किसी बिंब का पूरा प्रतिबिंब बना पाएगा ? अपने उत्तर की प्रयोग द्वारा जाँच कीजिए। अपने प्रेक्षणों की व्याख्या कीजिए।

उत्तर- हाँ, यह एक बिंब का पूरा प्रतिबिंब बना सकता है। उदाहरण के लिए यदि हम एक उत्तल लेंस में से किसी पेड़ को देखते हैं और फिर लेंस को आधा कागज से ढक देते हैं तब भी हमें पेड़ का पूरा प्रतिबिंब दिखेगा । यद्यपि प्रतिबिंब पहले से थोड़ा धुंधला हो सकता है।


प्रश्न 30. उत्तल लेंस के दो उपयोग को बताएँ।

उत्तर- उत्तल लेंस का दो उपयोग इस प्रकार हैं— (i) नेत्र से दूर दृष्टि दोष को सुधारने में और (ii) छपाई के छोटे-छोटे अक्षरों के पढ़ने में होता है।


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प्रश्न 31. बिना शक्ति के चश्मे (Plane Glasses ) की फोकस दूरी कितनी होती है ?

उत्तर— P = 1/f

f = 1/0 = ∞

.. अनंत फोकस दूरी


प्रश्न 32. समतल दर्पण में बनने वाले प्रतिबिंब की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर— समतल दर्पण के सामने जितनी दूरी पर कोई वस्तु हो उसका बिंब उतना ही पीछे बनता है । समतल दर्पण में किसी वस्तु के पूरे बिंब को देखने के लिए दर्पण का आकार में उससे आधा होना आवश्यक होता है


प्रश्न 33. पानी में डूबी हुई लकड़ी मुड़ी हुई प्रतीत होती है, क्यों ?

उत्तर— जब पानी में लकड़ी का एक सीधा टुकड़ा डुबोया जाता है तो प्रकाश के अपवर्तन के कारण वह मुड़ा हुआ प्रतीत होता है। जैसे ही प्रकाश की किरणें सघन माध्यम से विरल माध्यम में आती हैं वैसे ही लंब से परे मुड़ जाती हैं जिस कारण लकड़ी का टुकड़ा मुद्दा हुआ लगता है।


प्रश्न 34. विसरित परावर्तन से क्या तात्पर्य है ?

उत्तर- जब प्रकाश की किरणें ऐसे तल से टकराती हैं जो असमतल पर खुरदरा होता है तो प्रकाश की किरणों का एक बड़ा भाग तल से टकराकर फैल जाता है। इसे विसरित परावर्तन कहते हैं। पुस्तक को पढ़ते, सिनेमा हॉल में सिनेमा देखते, ब्लैक बोर्ड पर लिखे शब्दों को देखते समय विसरित परावर्तन का ही प्रयोग किया जाता है।


प्रश्न 35. क्रांतिक कोण (Critical Angle) किसे कहते हैं ?

उत्तर— जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में प्रवेश करती है तो वह अभिलंब से परे हटती है अर्थात् विरल माध्यम में बना अपवर्तित कोण (∠r) सघन माध्यम में बने आपतित कोण (∠i) से बड़ा होता है यदि विरल माध्यम में बना अपवर्तित कोण एक समकोण के समान हो जाए, तो इसके सापेक्ष सघन माध्यम में बना आपतित कोण, ‘क्रांतिक कोण’ कहलाता है।


प्रश्न 36. पैरिस्कोप किसे कहते हैं? इसके क्या उपयोग हैं?

उत्तर – पैरिस्कोप एक यंत्र है जिसके द्वारा हम अपने में छिपी हुई वस्तुओं को देख सकते हैं। सैनिक खाइयों में छिपकर मैदानों-पहाड़ों को देख सकते हैं और पनडुब्बियों में बैठे सैनिकों, समुद्र तल का पर्यवेक्षण कर सकते हैं। किसी धुंध वाले दिन अवरक्त फोटोग्राफी भी इसकी सहायता से की जा सकती है।

पैरिस्कोप समतल दर्पणों की सहायता से बनाए जा सकते हैं जो प्रकाश के परावर्तन – सिद्धांत पर कार्य करते हैं। उच्च कोटि के पैरिस्कोप में प्रिज्मों का प्रयोग किया जाता है।


प्रश्न 37 कोई वस्तु किसी अवतल लेंस के प्रकाशिक केन्द्र तथा अनन्त के बीच रखी गई है। बनने वाले प्रतिविम्ब का किरण आरेख खींचें।

उत्तर-


प्रश्न 38. उत्तल लेंस किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार के होते हैं? प्रत्येक का साफ चित्र भी बनाएँ ।

अथवा, उत्तल लेंस तथा अवतल लेंस की पहचान कैसे करेंगे ?

उत्तर – उत्तल लेंस — यह मध्य में मोटा तथा किनारों पर पतला होता है।

उत्तल लेंस के रूप — उत्तल लेंस तीन प्रकार के होते हैं-.

चित्र- उत्तल लेंस के प्रकार

(i) उभयोत्तल लेंस इसके दोनों धरातल उत्तल होते हैं।

(ii) समोत्तल लेंस इसका एक धरातल उत्तल तथा दूसरा समतल होता है।

(iii) अवतलोत्तल लेंस इसका एक धरातल उचल तथा दूसरा अवतल होता है।


प्रश्न 39. आपतित किरण, परावर्तित किरण, अभिलम्ब, आपतन कोण एवं परावर्तित कोण की परिभाषा लिखिए।

उत्तर- आपतित किरण – किसी दर्पण पर आकर टकराने वाली किरण को आपतित किरण कहते हैं।

परावर्तित किरण – दर्पण पर टकराने के बाद लौटने वाली प्रकाश किरण को परावर्तित किरण कहते हैं ।

अभिलम्ब — जिस बिन्दु पर आपतित किरण तथा परावर्तित किरण मिलती हैं उस बिन्दु पर खींचा गया लम्ब अभिलम्ब कहलाता है।

आपतन कोण — आपतित किरण तथा अभिलम्ब के बीच बने कोण को आपतन कोण कहते हैं।

परावर्तन कोण —  परावर्तित किरण तथा अभिलम्ब के बीच बने कोण को परावर्तन कोण कहते हैं।


प्रश्न 40. कोई वस्तु किसी अवतल दर्पण के सम्मुख वक्रता केन्द्र पर रखी गई है। बनने वाले प्रतिविम्ब का किरण आरेख खींचे एवं प्रतिविम्ब की प्रकृति लिखें।

उत्तर-


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प्रश्न 41. पूर्ण आंतरिक परावर्तन को स्पष्ट कीजिए।

उत्तर – मान लें एक वस्तु सघन माध्यम में O बिंदु पर है। प्रकाश की एक किरण A से आपतित अभिलंब बना कर [∠ i = 00] बाहर निकल जाती है। एक और किरण A1 से अभिलंब के साथ ∠ r बनाकर निकलती है। यहाँ ∠r> ∠i है। यदि हर बार ऐसी स्थिति में ∠i बढ़ाया जाए तो ∠r भी बढ़ता जाता है। एक अवस्था ऐसी आती है जहाँ ∠r = 90° है। सघन माध्यम में आपतन कोण विरल माध्यम = के साथ समकोण बनाए, उसे क्रांतिक कोण कहते हैं।

अब यदि ∠i > ∠C तो एक प्रावर्तन A3B3 की तरह होता । इसे पूर्ण आंतरिक परावर्तन कहते हैं। इसके लिए प्रकाश को सघन से विरल माध्यम की ओर जाना चाहिए तथा सघन माध्यम में आपतित कोण की क्रांतिक कोण से बड़ा होना चाहिए।


प्रश्न 42. अवतल लेंस किसे कहते हैं? यह कितने प्रकार का होता है? प्रत्येक का साफ चित्र बनाएँ।

अथवा,अवतल लेंस कौन-कौन से प्रकार के हैं?

उत्तर- अवतल लेंस— यह लेंस बीच में से पतले तथा किनारों पर मोटे होते. हैं और प्रकाश की किरणों को अपसारित करते हैं इसलिए इन्हें अपसारी लेंस भी कहते हैं।

चित्र – अवतल लेंस के प्रकार

(i) उभयावतल लेंस — इसके दोनों धरातल अवतल होते हैं।

(ii) समावतल लेंस — इसका एक धरातल समतल होता है और दूसरा अवतल ।

(iii) उत्तलावतल लेंस — इसका एक धरातल उत्तल होता है और दूसरा अवतल ।


प्रश्न 43. अवतल दमण में फोकस दूरी (ƒ) और वक्रता त्रिज्या में क्या संबंध है ?

उत्तर— दो समानांतर किरणें AB और DE अवतल दर्पण से टकरा कर F पर प्रतिबिंब बनाती है


प्रश्न 44. जब प्रकाश की किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश करती है, तो क्या होता है ? स्पष्ट कीजिए।

उत्तर- जब कोई प्रकाश की किरण विरल माध्यम से सघन माध्यम में प्रवेश – करती है तो वह अभिलंब की तरफ मुड़ जाती है। इसका अपवर्तन कोण (r) आपतन कोण (i) से छोटा होता है।

 


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Chapter Name Objective Que Subjective Que Long Subjective
1. प्रकाश के परावर्तन तथा अपवर्तनClick HereClick HereClick Here
2. मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसारClick HereClick HereClick Here
3. विधुत धाराClick HereClick HereClick Here
4. विधुत धारा के चुंबकीय प्रभावClick HereClick HereClick Here
5. ऊर्जा के स्रोतClick HereClick HereClick Here
Physics ( भौतिक विज्ञान ) Objective & Subjective Question
Chemistry ( रसायन विज्ञान ) Objective & Subjective Question
Biology ( जीव विज्ञान ) Objective & Subjective Question

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