Class 10th Chemistry Important Long Subjective Question 2024

Class 10th Chemistry Important Long Subjective Question 2024 | bseb matric science most important subjective question

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Class 10th Chemistry Important Long Subjective Question 2024 :- दोस्तों यहां पर बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2024 ( Bihar Board Matric Exam 2024 ) के लिए विज्ञान का सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर दिया गया है यदि आप लोग मैट्रिक परीक्षा 2024 की तैयारी कर रहे हैं तो कक्षा 10 कार्बन एवं उसके यौगिक का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न ( class 10th carbon evam uske yogik dirgh uttariy prashn ) यहां पर दिया गया है जो कि आने वाले परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ ही इस वेबसाइट पर सभी सब्जेक्ट का ऑब्जेक्टिव एंड सब्जेक्टिव प्रश्न( Bihar Board Class 10th All Subjective Ka Objective And Subjective Question 2024 ) दिया गया है जिससे आप 2024 में बेहतर तैयारी कर सकते हैं

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Class 10th Chemistry Important Long Subjective Question 2024

प्रश्न 1. निम्नलिखित यौगिकों का संरचना सूत्र लिखें

(i) मीथेन     (ii) इथेन       (iii) प्रोपेन      (iv) ब्यूटेन    (v) पेंटेन

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प्रश्न 2. (a) भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्मों के आधार पर एथेनॉल एवं एथेनॉइक अम्ल में आप कैसे अंतर करेंगे ?

(b) एस्टर से साबुन कैसे तैयार किया जाता है?

उत्तर- (a) भौतिक गुणधर्म के आधार पर अंतर— एथेनॉल का लिटमस पत्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है जबकि एथेनॉइक अम्ल नीले लिटमस पत्र को लाल कर देता है ।

रासायनिक गुणधर्म के आधार पर अंतर— एथेनॉल सोडियम बाई कार्बोनेट से अभिक्रिया नहीं करती है जबकि एथेनॉइक अम्ल सोडियम बाइकार्बोनेट से अभिक्रिया कर CO, गैस बनाता है।

(b) जिन कार्बनिक यौगिकों का अभिलक्षकीय ग्रुप —COO— होता है, उन्हें एस्टर कहते हैं।

प्रयोगशाला में स्टिएरिक अम्ल आदि के सोडियम लवण से साबुन बनाया जाता है।


प्रश्न 3. जब साबुन को जल में डाला जाता है तो मिशेल का निर्माण क्यों होता है ? क्या इथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में भी मिशेल का निर्माण होगा ?

उत्तर— साबुन, लम्बी श्रृंखला वाले कार्बोक्सिलिक अम्लों का सोडियम या पोटैशियम लवण है।

साबुन के अणु का आयनिक भाग जलप्रिय (हाइड्रोफोलिक) होता है जबकि साबुन हाइड्रोकार्बन श्रृंखला वाला भाग जल को प्रतिकर्षित करता है। जब साबुन को जल में घोलते हैं तो साबुन के अणु आरीय ढंग से व्यवस्थित होते हैं जिनमें हाइड्रोकार्बन श्रृंखला वाला भाग केन्द्र की ओर होता है तथा जल को आकर्षित करनेवाला कार्बोक्सिलेट भाग बाहर की ओर रहता है इससे मिशेल का निर्माण होता है।

इथेनॉल जैसे दूसरे विलायकों में मिशेल का निर्माण नहीं होता है।


प्रश्न 4. निम्नलिखित यौगिकों की संरचनाएँ चित्रित कीजिए 

(i) ब्रोमोप्रोपेन          (ii) प्रापेनैल              (iii) प्रोपीन 

(iv) बेंजीन              (v) हेक्सेन ।


प्रश्न 5. (a) समजातीय श्रेणी क्या है? उदाहरण देकर समझाइए ।

(b) कार्बन यौगिकों के तीन रासायनिक गुणधर्मो का उपयुक्त रासायनिक अभिक्रिया के साथ उल्लेख करें।

उत्तर- (a) यौगिकों की ऐसी श्रृंखला जिसमें कार्बन शृंखला में स्थित हाइड्रोजन को एक ही प्रकार का प्रकार्यक समूह प्रतिस्थापित करता है, उसे समजातीय श्रेणी कहते हैं। इसके दो क्रमागत सदस्यों में CH2 ग्रुप का अंतर होता है| जैसे- एल्केन, सजातीय श्रेणी का सामान्य सूत्र CnH2n + 2 है। इस श्रेणी के सदस्य मिथेन CH4, प्रोपेन C3H8, ब्यूटेन C4H10, पेंटेन C15H12, हैक्सेन C6H14 आदि हैं।

(b) कार्बनिक यौगिकों के तीन रासायनिक गुण धर्म इस प्रकार हैं— (i) दहन : कार्बन ऑक्सीजन की उपस्थिति में दहन कर ऊष्मा एवं प्रकाश देता है।

C + O2 → CO2 + ऊष्मा प्रकाश

(ii) ऑक्सीकरण : कार्बनिक यौगिक सरलता से ऑक्सीकृत हो जाते हैं।

(iii) संकलन अभिक्रिया : ये पैलेडियम निकेल जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में जुड़कर संतृप्त हाइड्रोकार्बन देते हैं।


bseb matric science most important subjective question 2024

प्रश्न 6. इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना बनाएँ—

(a) इथेनोइक अम्ल         (b) H2S        (c) प्रोपेनोन

(d) F2        (e) क्लोरो प्रोपेन        (f) प्रोपेनॉइक अम्ल

उत्तर—

(a) इथेनोइक अम्ल = CH3COOH


प्रश्न 7. प्रकृति में कार्बनिक यौगिकों की अत्यधिक संख्या का क्या कारण है ? उल्लेख करें ।

उत्तर – प्रकृति में कार्बनिक यौगिकों की अत्यधिक संख्या का निम्न कारण हैं-

(i) कार्बन परमाणु में कार्बन के ही अन्य परमाणुओं के साथ आबंध बनाने की अद्वितीय क्षमता होती है, अर्थात् कार्बन परमाणु को अपने-आप में जुड़ने का गुण होता है। कार्बन के इस गुण को शृंखलन या स्वबंधन या कैटिनीकरण कहते हैं। इस गुण के कारण कार्बन परमाणु आपस में जुड़कर सीधी लम्बी श्रृंखला, शाखायुक्त श्रृंखला एवं बंद श्रृंखला से जुड़े रहते हैं। जैसे-

(iii) कार्बन की चतुः संयोजकता के कारण कार्बन के परमाणु कार्बन के अन्य चार परमाणुओं के साथ अथवा कुछ अन्य तत्वों के परमाणुओं के साथ, जैसे- हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन, सल्फर, क्लोरीन इत्यादि सहसंयोजी आबंध द्वारा जुट सकते हैं। अन्य तत्वों के साथ कार्बन का आबंध अधिक प्रबल होता है, जिसके कारण बने यौगिक स्थायी होते हैं और आकार में छोटे होते हैं।

(iv) कार्बन के यौगिक समावयता प्रदर्शित करते हैं।


प्रश्न 8. निम्नांकित का संरचना सूत्र लिखें—

(i) इथेन         (ii) मिथाइल क्लोराइड                  (iii) इथाइल अलकोहल         

(iv) प्रोपेनॉल          (v) प्रोपाईल ।


प्रश्न 9. प्रयोगशाला में मिथेन बनाने की विधि एवं क्लोरीन के साथ इसकी रासायनिक अभिक्रिया को लिखें। 

अथवा, प्रयोगशाला में मिथेन गैस किस प्रकार बनाया जाता है? सिद्धान्त सहित वर्णन करें।

उत्तर- सिद्धान्त- सोडियम एसीटेट एवं सोडा लाइम के मिश्रण को गर्म करने से मिथेन गैस बनती है।

चित्रानुसार उपकरण सजाकर कड़े काँच की परखनली में सोडियम एसीटेट और सोडालाहम के मिश्रण को गर्म किया जाता है जिससे मिथेन गैस निकलती है, जिसे पानी के विस्थापन विधि द्वारा गैस जार में जमा किया जाता है।

मिथेन क्लोरीन से निम्न प्रकार से प्रतिक्रिया करता है—


 प्रश्न 10. साबुन किस प्रकाः बनाया जाता है? अपमार्जक ने साबुन का स्थान क्यों ले लिया?

उत्तर- जब तेल या वसा ( ग्लिसराइड) और सोडियम हाइड्रॉक्साइड के विलयन को गर्म करते हैं तो साबुन बनते हैं। यह प्रक्रिया साबुनीकरण कहलाती है। इसमें साबुन के साथ ग्लिसरॉल उपफल के रूप में प्राप्त होता है।

साबुन कठोर जल के साथ पर्याप्त मात्रा में झाग नहीं बना पाते हैं। साबुन का बहुत अधिक भाग जल की कठोरता को दूर करने में ही खर्च हो जाता है। अपमार्जक कठोर जल के साथ भी पर्याप्त मात्रा में झाग बनाते हैं। इसके अतिरिक्त अपमार्जक का आर्द्रता गुण साबुन से अधिक होता है। यही कारण है कि अपमार्जकों ने अब साबुन का स्थान ले लिया है।


प्रश्न 11. समावयव से क्या अभिप्राय होता है ? उदाहरण देकर स्पष्ट कीजिए ।

अथवा, ब्यूटेन के समावयव लिखिए।

उत्तर- समावयव ( Isomers )— ऐसे यौगिक जिनका आण्विक सूत्र तो समान हो, परंतु अणुओं की संरचनात्मक व्यवस्था भिन्न-भिन्न हो, उन्हें समावयव कहते हैं तथा इस घटना को समावयव कहते हैं। मिथेन, एथेन, प्रोपेन में कार्बन तथा हाइड्रोजन के परमाणुओं को पुनः व्यवस्थित करने पर भी संरचना में कोई परिवर्तन नहीं आता परंतु जब अल्केन के अणु में कार्बन की संख्या तीन से अधिक हो जाती है तो एक से अधिक व्यवस्थाएँ संभव हो जाती हैं। इनमें से एक में कार्बन परमाणु लंबी श्रृंखला बनाते हैं जबकि दूसरे में शाखाएँ होती हैं। ब्यूटेन में शाखायुक्त श्रृंखला में कम-से-कम कार्बन परमाणु तीन अन्य कार्बन परमाणुओं से बंधित है। इस प्रकार अल्केनों को आइसो अल्केन कहते हैं। शाखारहित श्रृंखला में कोई भी कार्बन परमाणु दो से अधिक कार्बन परमाणुओं से बंधित नहीं होता है। इस प्रकार के अल्केनों को सामान्य (नॉर्मल) n-अल्केन कहते हैं।


प्रश्न 12. इथेनोइक अम्ल का निम्नलिखित के साथ होने वाली अभिक्रियाओं का रासायनिक समीकरण लिखें।

(a) सोडियम     (b) सोडियम कार्बोनेट         (c) सोडियम बाइकार्बोनेट

उत्तर-

(a) इथेनोइक अम्ल सोडियम से प्रतिक्रिया करके सोडियम एसीटेट और जल बनाता है।                     CH3COOH + Na → CH3COONa + H2O

(b) इथेनोइक अम्ल सोडियम कार्बोनेट से प्रतिक्रिया करके सोडियम एसीटेट, कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनाता है।                                                                          2CH3COOH + Na2CO3 → 2CH3COONa + H2O + CO2

(c) इथेनोइक अम्ल सोडियम बाइकार्बोनेट से प्रतिक्रिया करके सोडियम एसीटेट, कार्बन डाइऑक्साइड और जल बनाता है।                                                                            CH3COOH + NaHCO3 → CH3COONa + H2O + CO2


प्रश्न 13. निम्नलिखित का संरचना सूत्र – लिखें :

(i) प्रोपेनॉल               (ii) इथेनल                (iii) इथीन 

 (iv) इथाइन              (v) फॉर्मिक अम्ल ।


प्रश्न 14. निम्नांकित कार्बनिक यौगिकों का संरचना सूत्र लिखिए:

 (i) डायक्लोरोमिथेन                (ii) इथानोइक अम्ल                (iii) इथेन

(iv) फॉर्मल्डिहाइड             (v) प्रोपेन ।


प्रश्न 15. (a) सजातीय श्रेणी से आप क्या समझते हैं ? सजातीय श्रेणी का उदाहरण देकर व्याख्या कीजिए।

(b) मिथेन के प्रथम तीन सजातीयों के संरचना सूत्र – लिखिए ।

उत्तर- (a) सजातीय श्रेणी— कार्बनिक यौगिकों को एक ही क्रियात्मक समूह वाले, रासायनिक दृष्टि से समान तथा एक ही सामान्य सूत्र से प्रकट किए जा सकने वाले यौगिकों के समूहों में बाँटा जा सकता है। ऐसे प्रत्येक समूह को सजातीय श्रेणी कहते हैं। इस श्रेणी में रखे गए निकटतम दो सदस्यों के आण्विक सूत्रों में (CH) ग्रुप का अंतर होता है। एक सजातीय श्रेणी के प्रत्येक सदस्यों को सजात कहते हैं। एक ही सजातीय श्रेणी के सभी सदस्यों को समान विधियों द्वारा प्राप्त किया जा सकता है

उदाहरण— एल्केन की सजातीय श्रेणी निम्नांकित है—

सामान्य सूत्र— CnH2n + 2


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प्रश्न 16. कार्बन क्या है ? अपररूपता से क्या आप समझते हैं ? कार्बन के कितने अपरूप हैं? सोदाहरण वर्णन करें।

उत्तर – कार्बन- कार्बन एक उपधातु है इसकी संयोजकता चार होती है यह भिन्न यौगिकों से संयोग करके बहुत से कार्बनिक यौगिक बनाते हैं। अपरूपता-तत्वों का एक गुण जिसके द्वारा कोई तत्व ऐसे कई रूपों में पाया जाता है जिनके भौतिक गुण भिन्न-भिन्न हो । लेकिन रासायनिक गुण सामान्य हो अपरूपता कहलाते हैं।

कार्बन के तीन अपरूप होते हैं— 1. हीरा 2. ग्रेफाइट तथा 3. फुलेरीन । प्रकृति में कार्बन तत्व अनेक विभिन्न भौतिक गुणों के साथ विविध रूपों में पाया जाता है। हीरा एवं ग्रेफाइट दोनों ही कार्बन के परमाणुओं से बने हैं। कार्बन के परमाणुओं के परस्पर आबंधन के तरीकों के आधार पर ही इनमें अंतर होता है। हीरे में कार्बन का प्रत्येक परमाणु कार्बन के चार अन्य परमाणुओं के साथ आबंधित होता है जिससे एक दृढ़ त्रिआयामी संरचना बनती है। ग्रेफाइट में कार्बन के प्रत्येक परमाणु का आबंधन कार्बन के तीन अन्य परमाणुओं के साथ एक ही तल पर होता है जिससे षट्कोणीय व्यूह मिलता है। इनमें से एक आबंध द्विआबंधी होता है जिसके कारण कार्बन की संयोजकता पूर्ण होती है। ग्रेफाइट की संरचना में षट्कोणीय तल एक दूसरे के ऊपर व्यवस्थित होते हैं।

इन दो विभिन्न संरचनाओं के कारण हीरे एवं ग्रेफाइट के भौतिक गुणधर्म अत्यंत भिन्न होते हैं, जबकि उनके रासायनिक गुणधर्म एकसमान होते हैं। हीरा अब तक का ज्ञात सर्वाधिक कठोर पदार्थ है, जबकि ग्रेफाइट चिकना तथा फिसलनशील होता है।

शुद्ध कार्बन को अत्यधिक उच्च दाब एवं ताप पर उपचारित (Subjecting) करके हीरे को संश्लेषित किया जा सकता है। ये संश्लिष्ट हीरे आकार में छोटे होते हैं, लेकिन अन्यथा ये प्राकृतिक हीरों से अभेदनीय होते हैं।

फुलेरीन कार्बन अपरूप का अन्य वर्ग है। सबसे पहले C-60 की पहचान की गई जिसमें कार्बन के परमाणु फुटबॉल के रूप में व्यवस्थित होते हैं। चूँकि यह अमेरिकी आर्किटेक्ट बकमिसटर फुलर (Buckmister Fuller) द्वारा डिजाइन किए गए जियोडेसिक गुंबद के समान लगते हैं, इसीलिए इस अणु को फुलेरीन नाम दिया गया।


प्रश्न 17. सजातीय श्रेणी क्या है ? एल्केन का सामान्य सूत्र लिखकर उसके पाँच सदस्यों की एक श्रेणी बनायें। उनके अणुसूत्र और संरचना – सूत्र लिखें

उत्तर – सजातीय श्रेणी (Homologous Series ) —— कार्बनिक यौगिकों की ऐसी श्रेणी जिसमें प्रत्येक में एकसमान अभिक्रियाशील समूह उपस्थित होता है, ‘सजातीय श्रेणी’ कहलाती है। श्रेणी के यौगिकों को एक-दूसरे का समजात कहा जाता है। इनके दो क्रमागत सदस्यों के मध्य CH, का अन्तर होता है। ।

उदाहरणार्थ – ऐल्केनों की समजातीय श्रेणी निम्नलिखित है- CH4, C2H6


प्रश्न 18. समावयता किसे कहते हैं ? पेंटिन के समावयवों के नाम एवं संरचना सूत्र लिखें ।

उत्तर- वे यौगिक जिनके अणुसूत्र समान हों लेकिन संरचना सूत्र भिन्न-भिन्न हो, समावयवी कहलाते हैं तथा इस घटना को समावयता कहा जाता है

पेंटेन (C5H12) के समावयव


प्रश्न 19. साबुन की सफाई प्रक्रिया की क्रिया विधि समझाएँ ।

उत्तर- साबुन सफाई करने की विशेष प्रणाली पर आधारित होते हैं । इनमें ऐसे अणु होते हैं जिसके दोनों सिरों के विभिन्न गुणधर्म होते हैं। जल में घुलनशील एक सिरे को हाइड्रोफिलिक कहते हैं । हाइड्रोकार्बन में विलयशील दूसरे सिरे को हाइड्रोफोबिक कहते हैं जब साबुन जल की सतह पर होता है। तब इसके अणु अपने की ऐसे व्यवस्थित

कर लेते हैं कि इसका आयोनिक सिरा जल के भीतर होता है जबकि हाइड्रोकार्बन पूँछ (दूसरा छोर ) जल के बाहर होता है। जल के अंदर इन अणुओं की विशिष्ट व्यवस्था होती है जिससे इसका हाइड्रोकार्बन सिरा जल के बाहर बना होता है। ऐसा अणुओं का बड़ा समूह (कलस्टर) बनने के कारण होता है। इस हाइड्रोफोबिक पूँछ कलस्टर के भीतरी हिस्से में होता है जबकि उसका आयनिक सिरा कलस्टर की सतह पर होता है। इस संरचना को मिसेल कहते हैं। मिसेल के रूप में साबुन सफाई करने में सक्षम होता है । तैलीय मैल मिसेल के केन्द्र में एकत्र हो जाते हैं। मिसेल, विलयन में कोलॉइड के रूप में बने रहते हैं तथा आयन-आयन विकर्षण के कारण वे अवक्षेपित नहीं होते। इस प्रकार मिसेल में तैरते मैल आसानी से हटाये जा सकते हैं । साबुन के मिसेल इससे प्रकाश को प्रकीर्णित कर सकते हैं। जिसके कारण साबुन का घोल बादल जैसा दिखता है ।


प्रश्न 20. सल्फर के आठ परमाणुओं से बने सल्फर के अणु की इलेक्ट्रॉन बिंदु संरचना क्या होगी ? (संकेत: सल्फर के आठ परमाणु एक अँगूठी के रूप में आपस में जुड़े होते हैं ।)


Chemistry Important Question   
Chapter Name Objective Que Subjective Que Long Subjective
1. रासायनिक अभिक्रियाएं एवं समीकरणClick HereClick HereClick Here
2. अम्ल क्षार एवं लवणClick HereClick HereClick Here
3. धातु एवं अधातुClick HereClick HereClick Here
4. कार्बन और उसके यौगिकClick HereClick HereClick Here
5. तत्वों का वर्गीकरणClick HereClick HereClick Here
Physics ( भौतिक विज्ञान ) Objective & Subjective Question
Chemistry ( रसायन विज्ञान ) Objective & Subjective Question
Biology ( जीव विज्ञान ) Objective & Subjective Question

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