10th Social Science Long Subjective Question Answer

10th Social Science Long Subjective Question Answer 2024 | Matric SST Long Subjective Question Answer 2024

Social Science

10th Social Science Long Subjective Question Answer 2024 :- दोस्तों यहां पर बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2024 ( Bihar Board Matric Exam 2024 ) के लिए सामाजिक विज्ञान (भूगोल) का सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर दिया गया है यदि आप लोग मैट्रिक परीक्षा 2024 की तैयारी कर रहे हैं तो कक्षा 10 खनिज संसाधन का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न( class 10th khanij sansadhan dirgh uttariy prashn ) यहां पर किया गया है जो कि आने वाले परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ ही इस वेबसाइट पर सभी सब्जेक्ट का ऑब्जेक्टिव एंड सब्जेक्टिव प्रश्न( Bihar Board Class 10th All Subjective Ka Objective And Subjective Question 2024 ) दिया गया है जिससे आप 2024 में बेहतर तैयारी कर सकते हैं

Join For Latest News And Tips

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Matric Exam 2024 Whatsapp Group


10th Social Science Long Subjective Question Answer 2024

प्रश्न 1. अर्थव्यवस्था पर खनन कार्य के प्रभावों का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ अर्थव्यवस्था पर खनन कार्य का निम्न प्रभाव पड़ता है— (i) इससे – रोजगार के अवसर उपलब्ध होते हैं। (ii) खनिजों के मिलने से उनके परिवहन के लिए सड़कें और रेलमार्ग बनाए जाते हैं। इस प्रकार आधारभूत संरचना की वृद्धि से उस क्षेत्र का आर्थिक विकास तेजी से होने लगता है। (iii) खनिजों के निर्यात से विदेशी मुद्रा प्राप्त होती है। (iv) इससे औद्योगिक इकाइयों का विकास होता है। (v) खनिजों को पूरी तरह निकाल देने के बाद, इसके अभाव का सामना भी करना पड़ता है। (vi) खनन कार्य बन्द होने से बेरोजगारी की समस्या बढ़ने लगती है।


प्रश्न 2. धात्विक एवं अधात्विक खनिजों में क्या अंतर है ?

Join For Latest News And Tips

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

उत्तर ⇒

धात्विक खनिजअधात्विक खनिज
(i) इनको पिघलाकर नए धातु प्राप्त किए जा सकते हैं।

(ii) ये कठोर होते हैं और इनमें अपनी चमक होती है।

(iii) ये लचीले और तार खींचने लायक होते हैं।

(iv) ये आग्नेय चट्टानों से संबंधित होते हैं।

(v) ये टूटते नहीं है।

(vi) उदाहरण : ताँबा, लोहा, टिन, चाँदी, सोना आदि।

(i) पिघलाने पर नई धातु नहीं मिलती।

(ii) ये अधिक कठोर नहीं होते। इनमें अपनी चमक नहीं होती।

(iii) इनके तार नहीं खींचे जा सकते तथा लचीले नहीं होते ।

(iv) इनका सम्बन्ध रूपान्तरित चट्टानों से होता है।

(v) इनको चोट मारकर तोड़ सकते हैं.

(vi) उदाहरण: सल्फर, कोयला, अभ्रक, नमक आदि ।


प्रश्न 3. भारत में लौह अयस्क के वितरण पर प्रकाश डालिए। 

अथवा, भारत में लौह एवं इस्पात उद्योग के वितरण का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ लौह-अयस्क महत्त्व — लौह-अयस्क एक आधारभूत अयस्क है तथा औद्योगिक विकास की रीढ़ की हड्डी है।

भारत की स्थिति — भारत लौह-अयस्क में धनी है।

राज्यवार इसका वितरण तथा इसकी गुणवत्ता— मैग्नेटाइट सबसे अच्छा लौह-अयस्क है। इसमें 70% लौह अंश होता है। इसमें चुम्बकीय गुण होते हैं । अतः विशेषकर विद्युत उद्योग में उपयोग होता है । हैमेटाइट अयस्क औद्योगिक लौह अयस्क है। इसमें 50-60% लौह अंश पाया जाता है।

वितरण—

(i) उड़ीसा झारखंड पेटी— उड़ीसा में उच्चकोटि का लौह अयस्क बादाम पहाड़ी खानों में मयूरभंज और क्योंझर जिलों में पाया जाता है। झारखंड के सिंहभूम जिले में हेमेटाइट नोआमंडी खानों में पाया जाता है।

(ii) दुर्ग- बस्तर – चन्द्रपुर पेटी— यह पेटी छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में है । छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में बैलाडीला खानों में हेमेटाइट उच्च कोटि क लौह-अयस्क पाया जाता है। इस श्रेणी में उच्च कोटि के 14 क्षेत्र हैं। इसमें सबसे अच्छे भौतिक गुण पाए जाते हैं। यह जापान, दक्षिण कोरिया को विशाखापट्टनम पत्तन द्वारा भेजा जाता है।

(iii) बेलारी-चित्रदुर्ग चिकमंगलूर तुमकुर पेटी— यह पेटी कर्नाटक के लौह-अयस्क के भंडार हैं। कुद्रेमुख खानें कर्नाटक के पश्चिम घाट में स्थित हैं । यहाँ से शत-प्रतिशत लोहा निर्यात किया जाता है। कुद्रेमुख विश्व का सबसे बड़ा लौह अयस्क क्षेत्र है। अयस्क को पाइप लाइन द्वारा मंगलूर भेजा जाता है।

(iv) महाराष्ट्र-गोआ पेटी— इसमें महाराष्ट्र का रत्नागिरी जिला और गोआ सम्मिलित है। यद्यपि यहाँ लौह अयस्क उच्च कोटि का नहीं है लेकिन फिर भी इसे दक्षता से निकाला जाता है लौह अयस्क का निर्यात मारमगोआ बंदरगाह से किया – जाता है।


Matric SST Long Subjective Question Answer 2024

प्रश्न 4. खनिजों के संरक्षण के उपाय सुझाइये।

उत्तर ⇒ खनिज दहनशील एवं अनवीकरणीय संसाधन है एवं इसके भंडार सीमित है। इनका पुनः निर्माण असंभव है। खनिज उद्योग का आधार है। किंतु औद्योगिक विकास के लिए खनिजों का अतिशय दोहन एवं उपयोग इनके अस्तित्व के लिए संकट है।

इसके संरक्षण के उपाय निम्नलिखित हैं—

(i) ऐसे प्रौद्योगिकी एवं शोध को विकसित किया जाए जो खनिजों अपव्यय को रोक सकें।

(ii) खनिज क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के समुचित विकास किया जाए।

(iii) संरक्षण नीति में पोषणीय खनन पर अत्यधिक बल दिया जाना चाहिए।

(iv) खनिजों पर नियंत्रण के अलावे उनके विकल्पों को खोजना ।

(v) खनिजों के निरंतर दोहन पर नियंत्रण उनका तथा कच्चे माल के रूप में सस्ते विकल्पों की खोज ।

(vi) खनिजों के अपशिष्ट पदार्थों का बुद्धिमतापूर्वक उपयोग।


प्रश्न 5. खनिज कितने प्रकार के होते हैं प्रत्येक का सोदाहरण परिचय दीजिए ।

उत्तर ⇒ सामान्यत: खनिज दो प्रकार के होते हैं—

(i) धात्विक खनिज— इन खनिजों में धातु होता है इसमें लौह-अयस्क, तौबा, निकेल, मैंगनीज़ आदि ।

इसे भी दो भागों में बाँटा जाता है—

(a) लौह युक्त खनिज— जिन धातुओं खनिजों में लोहे का अंश अधिक पाया जाता है जैसे लौह-अयस्क, मैगनीज, निकेल, टंगस्टन आदि। , (b) अलौह युक्त खनिज जिन धात्विक खनिजों में लोहे का अंश कम होता ‘है जैसे सोना, चाँदी, सीसा, टिन, ताँबा आदि ।

(ii) अधात्विक खनिज— इसमें धातु नहीं होते हैं जैसे-चूना पत्थर, डोलोमाइट, अभ्रक, जिप्सम आदि।

अधात्विक खनिज भी दो प्रकार के होते हैं—

(a) कार्बनिक खनिज इसमें जीवाशम होते हैं ये पृथ्वी में एवं पादप जीवों के परिवर्तित होने से बनते हैं जैसे- कोयला, खजिन तेल ।

(b) आकर्बनिक खनिज इनमें जीवाश्म नहीं होते हैं जैसे- अभ्रक, ग्रेफाइट ।


प्रश्न 6. भारत के खनिज पट्टियों का नाम लिखकर किन्हीं दो का वर्णन कीजिये ।

उत्तर ⇒ भारत का अधिकांश खनिज निम्नलिखित चार पट्टियों में मिलती है—

(a) उत्तरी पूर्वी पठार

(b) दक्षिणी-पश्चिमी पठार

(c) उत्तर-पश्चिम प्रदेश

(d) हिमालय

(a) उत्तरी-पूर्वी पठार— यह देश की सबसे धनी खनिज पेटी है जिसमें छोटानागपुर का पठार, उड़ीसा का पठार, छत्तीसगढ़ का पठार तथा पूर्वी भारत का पठार अवस्थित है। इस पेटी में लौह अयस्क मैंगनीज, अभ्रक बॉक्साइड, चूना पत्थर, – डोलोमाइट, ताँबा, थोरियम, यूरेनियम, क्रोमियम, फॉस्फेट के विशाल भंडार हैं।

(b) दक्षिणी-पश्चिमी पठार— यह पेटी कर्नाटक के पठार एवं निकटवर्ती तमिलनाडू के पठार पर फैला हुआ है यहाँ लौह अयस्क, मँगनीज, बॉक्साइट आदि भारी मात्रा में पाए जाते हैं। देश की सभी तीनों सोने की खाने इसी पेटी में मौजूद हैं।


प्रश्न 7. लौह अयस्क का वर्गीकरण कर उनकी विशेषताओं को लिखिए ।

उत्तर ⇒ लौह अयस्क को चार भागों में बाँटा गया है—

(i) हेमेटाइट— इसमें लोहे की मात्रा 50-70% तक होती है यह आग्नेय चट्टान में मिलता है ये लाल-भूरे रंग का होता है।

(ii) मैग्नेटाइट— इसका रंग काला होता है इसमें लोहे की मात्रा 72% तक होता है यह सर्वोच्च किस्म का लोहा होता है।

(iii) लिमोनाइट— इसका रंग पीला होता है, इसमें लोहे की मात्रा 10-40% तक होता है।

(iv) सिडेराइट — इसका रंग भूरा होता है इसमें लोहे की मात्रा 48% तक होता है। लौह अवस्क एक आधारभूत अवस्क है तथा औद्योगिक विकास की रीढ़ की हड्डी है भारत लौह-अयस्क में धनी है मैग्नेटाइट सबसे अच्छा लौह अयस्क है । इसमें 70% लौह अंश होता है इसमें चुम्कीय गुण होता है। अतः विशेषकर विद्युत उद्योग में उपयोग होता है। हेमेटाइट अयस्क औद्योगिक लौह अयस्क हैं इसमें 60.9% लौह अंश पाया जाता है।


प्रश्न 8. अभ्रक की उपयोगिता एवं वितरण पर प्रकाश डालिए ।

उत्तर ⇒ अभ्रक यह लचीला तथा तापरोधी होता है। इसका उपयोग बिजली के मोटर, डायनेमो, हवाई जहाज, घमन भट्टी, लालटेन के चिमनी सजावट के समान, आयुर्वेदिक दवाएँ आदि में है

वितरण— भारत विश्व में अभ्रक का सर्वप्रमुख उत्पादक देश है। भारत में अभ्रक के कुल भंडार 59890 मीट्रीक टन हैं। मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, झारखण्ड, राजस्थान, बिहार में होती है।

(i) आंध्र प्रदेश— देश का अभ्रक भंडार एवं उत्पादन में प्रथम स्थान है। यहाँ नेल्लौर जिला, कृष्णा, विशाखापत्तनम् जिलों में मिलता है।

(ii) राजस्थान — यह उत्पादन में दूसरा स्थान है। जयपुर, उदयपुर, भीलवाड़ा, अजमेर आदि जिलों में मिलता है।

(iii) झारखण्ड — देश के उत्पादन में तीसरा स्थान है। यहाँ कोडरमा, हजारीबाग, गिरीडीह, धनबाद जिले में मिलता है।

(iv) बिहार — यहाँ गया, मुंगेर, भागलपुर, नवादा जिलों में मिलता है।


Bihar Board 10th Social Science Long Subjective Question Answer 2024

प्रश्न 9. मँगनीज और बॉक्साइट की उपयोगिता तथा देश में इनका वितरण का वर्णन कीजिये।

उत्तर ⇒ मैंगनीज— यह एक महत्त्वपूर्ण खनिज है जो लोहा तथा इस्पात निर्माण में प्रयोग किया जाता है और यह एक आधारभूत कच्चा माल है जो मिश्रित धातु के बनाने में प्रयोग किया जाता है। इसका उपयोग ब्लीचिंग पाउडर, रंग तथा बैट्री में किया जाता है मैंगनीज देश में मुख्यत: उड़ीसा, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, इसके अलावे छत्तीसगढ़, गुजरात में मिलता है।

(i) उड़ीसा— देश के उत्पादन में प्रथम स्थान है यहाँ मैंगनीज क्योंझर, कालाहाड़ी, बोलनगिरि, देकानाग, संदरगढ़, गंग्य जिलों में मिलता है।

(ii) महाराष्ट्र— देश में मैंगनीज उत्पादन में दूसरा स्थान है यहाँ मुख्य रूप से नागपुर एवं भंडारा जिलों में है रत्नागिरी में सर्वोत्तम किस्म का मैंगनीज उत्पादन होता है।

(iii) मध्यप्रदेश— देश का तीसरा बड़ा उत्पादक राज्य है बालाघाट, छींदवाड़ा जिलों में मुख्य रूप से उत्पादन होता है।

(iv) कर्नाटक— यहाँ में बेल्लारी, चित्रदुर्ग, धारवाड़, संदूर और सिमोगा जिलों में ।

बॉक्साइट— बॉक्साइट का उपयोग ऐलुमिनियम धातु, वायुयान निर्माण, विद्युत उपकरण, बर्त्तन, घरेलू समान, रासायनिक वस्तुएँ आदि बनाए जाते हैं। यह एल्युमिनियम का ऑक्साइड है यह एक अलौह धातु है।

वितरण— बॉक्साइट भारत में अनेक क्षेत्रों में मिलता है लेकिन मुख्य रूप से उड़ीसा, गुजरात, झारखण्ड, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, कर्नाटक, तमिलनाडु, एवं उत्तरप्रदेश में पाए जाते हैं।

(i) उड़ीसा देश का लगभग 55.29% बॉक्साइट का भंडार उड़ीसा राज्य में है। उड़ीसा के उत्पादन देश में प्रथम है यहाँ कालाहाड़ी, सबलपुर, रायगढ़, कोरापुर, नीलगिरी, सुंदरगढ़ जिलों में मुख्य रूप से हैं।

(ii) गुजरात— देश का दूसरा उत्पादक राज्य है यहाँ खेड़ा, जामनगर जूनागढ़, कच्छू, अमरेली भावनगर, सूरत आदि जिलों में मिलता है।

(iii) झारखण्ड — यहाँ मुख्य रूप से लोहरदग्गा, नेतरहाट, पठार (पलामू) ।

(iv) महाराष्ट्र— कोलावा, सतारा, कोल्हापुर रत्नागिरि आदि जिलों में बॉक्साइट मिलता है।

(v) छत्तीसगढ़ — यहाँ बॉक्साइट अमरकण्टक पठार, रायगढ़, विलासपुर जिलों में मुख्य रूप से मिलते हैं।

(vi) अन्य राज्य — कर्नाटक, तमिलनाडु एवं उत्तरप्रदेश में भी पाये जाते हैं।


  Chapter NameSub Ques
1. (क) प्राकृतिक संसाधनClick Here
1. (ख) जल संसाधनClick Here
1. ( ग ) वन एवं वन्य प्राणी संसाधनClick Here
1. (घ) खनिज संसाधनClick Here
1. (ड.) शक्ति (ऊर्जा) संसाधनClick Here
Geography Important Question   
Chapter Name Objective Que Subjective Que Long Subjective
1. भारत : संसाधन एवं उपयोगClick HereClick HereClick Here
2. कृषिClick HereClick HereClick Here
3. निर्माण उद्योग Click HereClick HereClick Here
4. परिवहन , संचार एवं व्यापारClick HereClick HereClick Here
5. बिहार : कृषि एवं वन संसाधन Click HereClick HereClick Here
6. मानचित्र अध्ययनClick HereClick HereClick Here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *