Bihar Board Class 10th Social Science Long Subjective Question

Bihar Board Class 10th Social Science Long Subjective Question 2024 | Matric Geography Important Subjective Question 2024

Social Science

Bihar Board Class 10th Social Science Long Subjective Question 2024 :- दोस्तों यहां पर बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2024 ( Bihar Board Matric Exam 2024 ) के लिए सामाजिक विज्ञान (भूगोल) का सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर दिया गया है यदि आप लोग मैट्रिक परीक्षा 2024 की तैयारी कर रहे हैं तो कक्षा 10 परिवहन, संचार एवं व्यापार का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न( class 10th parivahan sanchar evam vyapar dirgh uttariy prashn ) यहां पर किया गया है जो कि आने वाले परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ ही इस वेबसाइट पर सभी सब्जेक्ट का ऑब्जेक्टिव एंड सब्जेक्टिव प्रश्न( Bihar Board Class 10th All Subjective Ka Objective And Subjective Question 2024 ) दिया गया है जिससे आप 2024 में बेहतर तैयारी कर सकते हैं

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Bihar Board Class 10th Social Science Long Subjective Question 2024

प्रश्न 1. भारतीय अर्थव्यवस्था में परिवहन एवं संचार की महत्ता का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ परिवहन के साधनों से अभिप्राय ऐसे साधनों से है जिनका प्रयोग यात्रियों एवं सामानों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक लाने के लिए किया जाता है; जैसे-बसें, ट्रक, वायुयान इत्यादि । संचार साधनों से अभिप्राय ऐसे साधनों से है जिनका प्रयोग एक स्थान से दूसरे स्थान तक संदेश भेजने के लिए किया जाता है; जैसे-टेलीफोन, डाक सेवाएँ संचार के साधन कहलाते हैं। वास्तव में यातायात और संचार के साधन किसी देश की जीवन रेखाएँ हैं। कोई भी देश या अर्थव्यवस्था तब तक उन्नति नहीं कर सकती जब तक वहाँ यातायात तथा संचार के साधनों का जाल न बिछा हो ।

भारतीय अर्थव्यवस्था में परिवहन एवं संचार साधनों की महत्ता निम्न हैं—

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(i) इसके द्वारा देश को एकता के सूत्र में बाँधा जा सकता है।

(ii) ये देश के एक-एक भाग को अन्य भागों से जोड़ते हैं तथा सभी स्थानों पर आवश्यक उत्पादों को पहुँचाने में सहायक हैं।

(iii) ये उद्योगों का कच्चा माल लाने तथा तैयार माल को रेलवे तथा सड़कों द्वारा बाजार तक पहुँचाने में सहायक हैं। कृषि भी परिवहन पर निर्भर करती है।

(iv) भारत एक कृषि प्रधान देश है। परिवहन विभिन्न जातियों, मतों, रंगों, धर्मों, भाषाओं और क्षेत्रों के लोगों को एक-दूसरे के निकट लाता है।

(v) ये बेहतर प्रौद्योगिकी का स्थानान्तरण एक देश से दूसरे देश तथा एक राज्य से दूसरे राज्य में करने में मदद करते हैं।


प्रश्न 2. भारतीय रेल परिवहन की विशेषताओं का वर्णन करें ।

अथवा, भारत में रेलमार्ग की विस्तृत वर्णन करें ?

उत्तर ⇒ रेलमार्ग देश में यात्री परिवहन एवं माल का मुख्य साधन है भारतीय रेलवे एशिया की सबसे बड़ी एवं विश्व की दूसरी स्थान की रेल प्रणाली है। भारत में इसकी शुरूआत 16 अप्रैल, 1853 ई० में मुम्बई से थाणे के बीच रेल परिवहन शुरू हुई थी । ईस्ट इंडिया कंपनी ने अपनी व्यापरिक उद्देश्य के लिए भारत में रेलवे का जाल बिछाना शुरू किया। स्वतंत्रता के बाद रेलवे का विकास पूरे देश में हुआ ।

31 मार्च, 2007 तक भारत में रेलवे की लम्बाई 63,327 km है। भारतीय रेलवे को प्रशासकीय सुविधा के लिए 16 क्षेत्रों में बाँटा गया है।

भारतीय रेलवे की मुख्य विशेषताएँ—

(i) राजधानी एक्सप्रेस तीव्र गति से चलने वाली ट्रेनें हैं जो दो बड़ी शहरों को जोड़ती है।

(ii) जनशताब्दी एक्सप्रेस छोटे शहरों को महानगरों एवं बड़े शहरों को जोड़ने वाली ट्रेन है।

(iii) 1 अगस्त, 1947 ई० से रेल यात्री बीमा योजना शुरू किया गया।

(iv) दिल्ली, कोलकात्ता में मेट्रो रेल शुरू किया गया।

(v) विश्व की सबसे अधिक विद्युतकृत रेलगाड़ियाँ भारत में हैं।

(vi) भारतीय रेलवे से 15.5 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है।

(vii) भारतीय रेलवे द्वारा 1991 से विशेष सेवा जीवन रेखा चलायी जा रही है जो विश्व का पहला चलंत अस्पताल है।


Matric Geography Important Subjective Question 2024

प्रश्न 3. भारत में पाए जानेवाले विभिन्न प्रकार की सड़कों का विस्तृत विवरण दीजिए ।

उत्तर ⇒ भारत में विभिन्न प्रकार की सड़कें हैं, जिनमें राष्ट्रीय महामार्ग, राज्य मार्ग, जिले की सड़कें, गाँव की सड़कें आदि सम्मिलित हैं। इनके अतिरिक्त अभी हाल में ही एक्सप्रेस राष्ट्रीय महामागों का भी आरम्भ हुआ है

(i) एक्सप्रेस राष्ट्रीय महामार्ग— देश में परिवहन को और तेज बनाने के लिए इन एक्सप्रेस राष्ट्रीय महामागों की योजना बनाई गई है। ऐसे महामार्ग चार से छः लेन तक होते हैं। ऐसे अनुमान है कि 1999 से 2007 की अवधि के बीच कोई 14846 km इस प्रकार के राष्ट्रीय महामार्ग बनाए जाएँगे।

एक एक्सप्रेस राष्ट्रीय महामार्ग दिल्ली, मुम्बई, चेन्नई और कोलकाता को आपस में मिलाएगा। दूसरा महामार्ग श्रीनगर को कन्याकुमारी से और तीसरा सिलचर को पोरबंदर से मिलाएगा। चौथा एक्सप्रेस राष्ट्रीय महामार्ग देश के बड़े पत्तनों को आपस में मिलाएगा।

(ii) राष्ट्रीय महामार्ग — ये राष्ट्रीय महत्त्व की सड़कें विभिन्न राज्यों की राजधानियों को आपस में मिलाती हैं भारत में इन राष्ट्रीय महामागों की कुल लम्बाई कोई 52,000 किलोमीटर है।

(iii) राज्य महामार्ग— ये महामार्ग प्रत्येक राज्य की राजधानी को उस राज्य के अनेक नगरों से मिलाते हैं। इनका रख-रखाव राज्य सरकारों का होता है। ऐसे महामार्गों की लम्बाई 1.3 लाख किलोमीटर है।

(iv) जिले की सड़कें— ये सड़कें जिला मुख्यालय को जिले के अन्य नगरों एवं कस्बों से जोड़ती हैं।

(v) गाँव की सड़कें— ये सड़कें गाँव को जिले के विभिन्न नगरों से मिलाती हैं।

(vi) सीमा सड़कें — ये सड़कें बहुत महत्त्व की होती हैं। इनका निर्माण देश के सीमावर्ती क्षेत्रों में किया जाता है। इनका रख-रखाव केन्द्रीय सरकार करती है। इनके निर्माण के लिए केन्द्रीय सरकार ने सीमा सड़क विकास बोर्ड नामक संगठन का निर्माण कर रखा है। ये संगठन सीमावर्ती सड़कों की मरम्मत का कार्य भी देखती है और नई सड़कों का निर्माण भी करता है।


प्रश्न 4. भारत में पाइपलाइन परिवहन का वर्णन कीजिए। 

उत्तर ⇒ वर्तमान समय में परिवहन के रूप में पाइप लाइन का महत्त्व दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। पाइप लाइन का उपयोग तरल पदार्थों एवं गैस एवं पेट्रोलियम के परिवहन के लिए किया जा रहा है। पाइप लाइन के द्वारा मरूस्थल, जंगल, पर्वतीय क्षेत्र, मैदानी भाग, समुद्र के नीचे से भी होकर परिवहन किया जाना संभव है।

भारत में पाइप लाइन का भविष्य तेल एवं प्राकृतिक गैस उद्योग पर निर्भर है। देश के कच्चे तेलों के उत्पादन क्षेत्रों से शोधन शीलाओं तक एवं शोधन शालाओं से तेल उत्पादकों को बाजार तक पाइप लाइन के जरिए भेजा जाता है आजकल | ठोस पदार्थों जैसे खनिज को तरल अवस्था में परिवर्तित कर पाइप लाइन द्वारा ले जाया जाने लगा है। देश में पेट्रोलियम उत्पादन क्षेत्रों में वृद्धि, पाइप लाइन माल का भी विस्तार होने लगा है। 2004 ई. में 18546 km देश में पाइप लाइन है। देश का सबसे बड़ा पाइप लाइन जाल नहरकटिया, गोवाहाटी, सिल्लीगुड़ी, बरौनी, कानपुर, राजबंध, मौरीग्राम, हल्दिया पाइप लाइन है।


प्रश्न 5. भारत के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की विशेषताओं का वर्णन कीजिए।

उत्तर ⇒ स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की प्रमुख विशेषताएँ रही हैं—

भारत की अंतर्राष्ट्रीय व्यापार 1950-51 ई० में 1214 करोड़ रुपया का हुआ था जो 2007-08 ई० में बढ़कर 1605022 करोड़ रुपया का हो गया है । यद्यपि देश के कुल व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि आई है । परंतु देश का आयात-निर्यात की अपेक्षा बढ़ता जा रहा है । फलतः देश का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार प्रतिकूल व्यापार संतुलन बन गया है। फलतः व्यापार घाटा प्रतिवर्ष बढ़ता जा रहा है। पेट्रोलियम के मूल्य में लगातार वृद्धि होने के कारण आयात खर्च में वृद्धि इस घाटे के लिए जिम्मेवार है। 2006-07 और 2007-08 के बीच भारत के कुल निर्यात का 51.54% निर्यात एशिया और ओसेनिया को हुआ। इसके बाद यूरोप (22-99%) और अमेरिका (17.04%) का स्थान रहा है। इस अवधी में आयात भी एशिया और ओसानिया से सर्वाधिक 65.52% रहा। इसके बाद यूरोप 19-97% अमेरीका 9.05% का स्थान रहा । भारत से निर्यात की जाने वाली वस्तुओं में इंजीनियरिंग समान, पेट्रोलियम उत्पाद, रत्न और आभूषण, रसायन एवं सम्बद्ध उत्पाद, वस्त्र, कृषि एवं सम्बद्ध उत्पाद, अयस्क एवं खनिज एवं अन्य समान । जबकि आयात की जाने वाली वस्तुओं में पेट्रोलियम एवं संबंधित उत्पाद, मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स समान, सोना, चाँदी, उर्वरक, रसायन, अलौह धातु आदि ।

वर्त्तमान समय में भारत अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सॉफ्टवेयर महाशक्ति के रूप में उभर रहा है। परिणामस्वरूप सूचना प्रोद्योगिकी के व्यापार से भी भारत अत्यधिक विदेशी मुद्रा अर्जित कर रहा है ।


Geography Important Question   
Chapter Name Objective Que Subjective Que Long Subjective
1. भारत : संसाधन एवं उपयोगClick HereClick HereClick Here
2. कृषिClick HereClick HereClick Here
3. निर्माण उद्योग Click HereClick HereClick Here
4. परिवहन , संचार एवं व्यापारClick HereClick HereClick Here
5. बिहार : कृषि एवं वन संसाधन Click HereClick HereClick Here
6. मानचित्र अध्ययनClick HereClick HereClick Here

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