Bihar Board Matric SST VVI Long Subjective Question

Bihar Board Matric SST VVI Long Subjective Question 2024 | 10th Social Science Subjective Question Answer 2024

Social Science

Bihar Board Matric SST VVI Long Subjective Question 2024 :- दोस्तों यहां पर बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2024 ( Bihar Board Matric Exam 2024 ) के लिए सामाजिक विज्ञान (भूगोल) का सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर दिया गया है यदि आप लोग मैट्रिक परीक्षा 2024 की तैयारी कर रहे हैं तो कक्षा 10 कृषि का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न( class 10th krishi dirgh uttariy prashn ) यहां पर किया गया है जो कि आने वाले परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ ही इस वेबसाइट पर सभी सब्जेक्ट का ऑब्जेक्टिव एंड सब्जेक्टिव प्रश्न( Bihar Board Class 10th All Subjective Ka Objective And Subjective Question 2024 ) दिया गया है जिससे आप 2024 में बेहतर तैयारी कर सकते हैं

Join For Latest News And Tips

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Matric Exam 2024 Whatsapp Group


Bihar Board Matric SST VVI Long Subjective Question 2024

प्रश्न 1. गेहूँ उत्पादन हेतु मुख्य भौगोलिक दशाओं का उल्लेख करतें हुए भारत के गेहूँ उत्पादक क्षेत्रों के नाम लिखें

उत्तर ⇒ भारत में चावल के बाद गेहूँ मुख्य खाद्यान्न हैं। गेहूँ शीतोष्ण कटिबंधीय फसल है जिसकी खेती और उत्पादन के लिए निम्नांकित भौगोलिक दशाओं की आवश्यकता होती है । कम-से-कम तीन चार महीनों तक हिमांक से ऊपर तापमान, बुआई के समय औसतन 10°C से 15°C तापमान आदर्श माना गया है, परं पकते समय 21°C से 26°C तापमान रहना आवश्यक है ।.

वर्षा गेहूँ की खेती के आरंभिक काल में मामूली वर्षा लाभदायक होती है । शीतकालीन हल्की वर्षा आदर्श मानी गयी है। फसल की वृद्धि के लिए 50 cm से 100 cm वर्षा पर्याप्त होती है। गेहूँ की खेती में पाला पड़ना या ओले गिरना नुकसानदेह होता है अतः इनसे बचाव करना आवश्यक है।’

Join For Latest News And Tips

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

भारत के गेहूँ उत्पादक क्षेत्र— भारत में गेहूँ की खेती मुख्यतः सतलज के मैदान, ऊपरी और मध्य गंगा के मैदान तथा मध्यवर्ती भारत में होती है। इसके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं-पंजाब, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्यप्रदेश, राजस्थान और बिहार । पंजाब अब देश का सर्वाधिक गेहूँ उत्पादक राज्य है। उत्तरप्रदेश में गंगा-घाघरा दोआब, गंगा-यमुना दोआब और घाघरा के पूरब का क्षेत्र गेहूँ की खेती के लिए विशेष प्रसिद्ध है ।


प्रश्न 2. चाय उत्पादन के प्रमुख भौगोलिक दशाओं का वर्णन करें । भारत के चाय उत्पादक क्षेत्रों का उल्लेख करें ।

उत्तर ⇒ चाय रोपन कृषि की फसल है। इसमें एक बार बागान लगाने के बाद कई वर्षों तक इससे उत्पादन लिया जाता है।

चाय के उत्पादन के लिए आवश्यक उपयुक्त दशाएँ इस प्रकार हैं—

(i) उच्च तापमान (24°C से 30°C के बीच) यह छायापसंद पौधा है। अतः बीच-बीच में पेड़ लगाना आवश्यक होता है।

(ii) नित्य दिन अधिक वर्षा (वर्ष भर में 200 cm होनी चाहिए ) ।

(iii) चाय के पौधों की जड़ों में पानी का जमना हानिकारक होता है इसलिए ढालू भूमि आवश्यक होती है ताकि पानी जड़ों में जमने न पाए।

(iv) गहरी दोमट मिट्टी जिसमें लोहांश, फास्फोरस, पोटाश हो ।

(v) सस्ते श्रमिक और कुशल प्रबंधन।

भारत में उत्तर-पूर्वी राज्य, नीलगिरि पर्वतीय क्षेत्र, उत्तर-पश्चिमी हिमालय क्षेत्र तथा दक्षिण भार के केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक आदि चाय उत्पादक क्षेत्र हैं।


10th Social Science Subjective Question Answer 2024

प्रश्न 3. चावल के उत्पादन के लिए मुख्य भौगोलिक दशाओं का वर्णन करते हुए भारत के चावल उत्पादक क्षेत्रों का उल्लेख करें ।

उत्तर ⇒ चावल के उत्पादन की उपयुक्त दशाएँ— धान से चावल बनाया  जाता है।

धान मानसूनी जलवायु का फसल है जिसके लिए निम्नांकित दशाएँ उपयुक्त होती हैं—

(i) उच्च तापमान (20°C से 30°C के बीच ) ।

(ii) पर्याप्त वर्षा (200 cm वार्षिक वर्षा ) कम वर्षा वाले क्षेत्रों में उत्तम सिंचाई की व्यवस्था आवश्यक होती है।

(iii) समतल भूमि ताकि खेतों में पानी जमा रह सके ।

(iv) जलोढ़ दोमट मिट्टी धान की खेती के लिए उपयुक्त मानी जाती है।

(v) पर्याप्त सस्ते श्रमिक ।

प्रमुख उत्पादन क्षेत्र— धान की खेती मुख्यतः गंगा, ब्रह्मपुत्र, के मैदान में और डेल्टा तथा ती भागों में की जाती है। इसके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश, आंध्रप्रदेश, पंजाब, बिहार, छत्तीसगढ़, तमिलनाडु, उड़ीसा, असम, • हरियाणा और केरल। इसकी खेती में लगी सर्वाधिक भूमि पश्चिम बंगाल और बिहार में है। परंतु सिंचाई और खाद के बल पर पंजाब धान का प्रति हेक्टेयर उत्पादन सबसे अधिक करता है। प्रति हेक्टेयर अधिक उत्पादन में हरियाणा का दूसरा स्थान है।

दक्षिण भारत में इसकी खेती में सिंचाई का सहारा लेना पड़ता है। कावेरी, कृष्णा, गोदावरी और महानदी के डेल्टाओं में नहरों कां जाल बिछा है जिससे इस क्षेत्र में कहीं दो फसल और कहीं तीन फसल तक धान की खेती की जाती है। प्रति हेक्टेयर उत्पादन अधिक है। इसलिए यहाँ से दूसरे राज्यों को चावल भेजा जाता है।


प्रश्न 4. भारत में कृषि के विभिन्न प्रकारों का वर्णन करें ?

उत्तर ⇒ कृषि आदिकाल से किया जानेवाला आर्थिक क्रियाकलाप है। भारत में पायी जानेवाली विविध भौगोलिक एवं सांस्कृतिक परिवेश ने कृषि तंत्र को समय के अनुरूप प्रभावित किया है।

भारतीय कृषि के प्रकार निम्नलिखित हैं—

(1) प्रारंभिक जीविका निर्वाह कृषि— यह अति प्राचीन काल से की जानेवाली कृषि का तरीका है ।. इसमें परंपरागत तरीके से भूमि पर खेती की जाती हैं। खेती के औजार भी काफी परंपरागत होते हैं जैसे लकड़ी का हल, कुदाल, खुरपी। इसमें जमीन की जुताई गहराई से नहीं हो पाती है। कृषि में आधुनिक तकनीक के निवेश का अभाव रहता है। इसलिए उपज कम होती है और भूमि की उत्पादकता कम होने के कारण फसल का प्रति इकाई उत्पादन भी कम होता है। इसमें फसल उत्पादन जीविका निर्वाह के लिए होता है। देश के विभिन्न भागों में इस प्रकार की कृषि को विभिन्न नामों से पुकारा जाता है ।

(2) गहन जीविका कृषि — यह कृषि पद्धति वहाँ को अपनायी जाती है जहाँ भूमि पर जनसंख्या का प्रभाव अधिक है। इसमें श्रम की आवश्यकता होती है। परंपरागत कृषि कौशल का भी इसमें भरपूर उपयोग किया जाता । भूमि की उर्वरता को बनाए रखने के लिए परंपरागत ज्ञान, बीजों के रख-रखाव एवं मौसम संबंधी अनेक ज्ञान का इसमें उपयोग किया जाता है। जनसंख्या बढ़ने से जोतों का आकार काफी छोटा हो गया है। वैकल्पिक रोजगार के अभाव में भी जरूरत से ज्यादा जनसंख्या इस प्रकार की कृषि में संलग्न है ।

(3) व्यापारिक कृषि इस प्रकार की कृषि में अधिक पूँजी, आधुनिक कृषि तकनीक का निवेश किया जाता है। अतः किसान अपनी लगाई गई पूंजी से अधिकाधिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। आधुनिक कृषि तकनीक से अधिक पैदा देनेवाले परिष्कृत बीज, रासायनिक खाद, सिंचाई, रासायनिक कीटनाशक आदि का उपयोग किया जाता है। इस कृषि पद्धति को भारत में हरित क्रांति के फलस्वरूप व्यापक रूप से पंजाब एवं हरियाणा में अपनाया गया। भारत में चाय, काफी, रबड़, गन्ना, केला आदि फसलें मुख्यतः व्यापार के लिए उपजाई जाती है । अतः इसके लिए परिवहन यातायात के साधन एवं संचार का विकसित होना परम आवश्यक है।


Geography Important Question   
Chapter Name Objective Que Subjective Que Long Subjective
1. भारत : संसाधन एवं उपयोगClick HereClick HereClick Here
2. कृषिClick HereClick HereClick Here
3. निर्माण उद्योग Click HereClick HereClick Here
4. परिवहन , संचार एवं व्यापारClick HereClick HereClick Here
5. बिहार : कृषि एवं वन संसाधन Click HereClick HereClick Here
6. मानचित्र अध्ययनClick HereClick HereClick Here

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *