BSEB Class 10th Social Science Long Subjective Question

BSEB Class 10th Social Science Long Subjective Question 2024 | Matric SST Important Long Subjective Question 2024

Social Science

BSEB Class 10th Social Science Long Subjective Question 2024 :- दोस्तों यहां पर बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2024 ( Bihar Board Matric Exam 2024 ) के लिए सामाजिक विज्ञान (भूगोल) का सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर दिया गया है यदि आप लोग मैट्रिक परीक्षा 2024 की तैयारी कर रहे हैं तो कक्षा 10 जल संसाधन का दीर्घ उत्तरीय प्रश्न( class 10th jal sansadhan dirgh uttariy prashn ) यहां पर किया गया है जो कि आने वाले परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ ही इस वेबसाइट पर सभी सब्जेक्ट का ऑब्जेक्टिव एंड सब्जेक्टिव प्रश्न( Bihar Board Class 10th All Subjective Ka Objective And Subjective Question 2024 ) दिया गया है जिससे आप 2024 में बेहतर तैयारी कर सकते हैं

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BSEB Class 10th Social Science Long Subjective Question 2024

प्रश्न 1. जल संरक्षण से आप क्या समझते हैं? इसके क्या उपाय हैं?

उत्तर ⇒ जल संसाधन की सीमित आपूर्ति, तेजी से फैलते प्रदूषण एवं समय की , मांग को देखते हुए जल संसाधनों का संरक्षण अपरिहार्य है। जिससे स्वस्थ जीवन, खाद्यान्न, सुरक्षा, आजीविका और उत्पादक अनुक्रियाओं को सुनिश्चित किया जा सके और नैसर्गिक परिवर्तनों के निम्नीकरण पर विराम लग सके।

राष्ट्रीय जल नीति 2002 के अंतर्गत सरकार ने जल संरक्षण हेतु निम्न सिद्धांतों को ध्यान में रखकर योजनाओं को निर्मित किया गया है— (i) जल की उपलब्धता को बनाए रखना । (ii) जल को प्रदूषित होने से बचाना। (iii) प्रदूषित जल को स्वच्छ कर उसका पुनर्चक्रण ।

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इसके निम्नलिखत उपाय है—

(i) भूमिगत जल की पुर्णपूर्ति पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम ने जल मिशन के संदर्भ में भूमिगत जल पुर्नपूर्ति पर बल दिया था जिससे खेतों, गाँवों, शहरों, उद्योगों को पर्याप्त जल मिल सके। इसके लिए वृक्षारोपण, जैविक तथा कम्पोस्ट खाद के प्रयोग, वर्षा जल के संचयन मल-जल पुनः चक्रण जैसे क्रिया-कलाप उपयोगी हो सकते हैं।

(ii) जल संभर प्रबंधन – जल जमाव का उपयोग कर उद्यान, कृषि, वानिकी, जल कृषि द्वारा कृषि उत्पादन को बढ़ाया जा सकता है। इससे पेय जलापूर्ति भी की जा सकती है।

(iii) तकनीकी विकास ऐसे उपक्रम जिसमें जल का कम से कम उपयोग कर अधिकाधिक लाभ लिया जा सके ।


प्रश्न 2. वर्षा जल की मानव जीवन में क्या भूमिका है ? इसके संग्रहण व पुनः चक्रण के विधियों का उल्लेख करें।

उत्तर ⇒ वर्षा जल को मानव-जीवन में बहुत महत्त्वपूर्ण भूमिका है- भारत कृषि- प्रधान देश है यहाँ कृषि वर्षा पर आधारित है। भारतीयों को वर्षा पद्धति एवं मृदागुणों का गहरा ज्ञान था। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों में वर्षा जल भौम जल, नदी- जल, बाढ़ – जल के उपयोग के अनेक तरीके विकसित किए थे। वर्षा जल के द्वारा ही मानव कृषि कार्य अपनी आवश्यकताओं की मूर्ति करता है । वर्षाजल द्वारा ही भूमिगत जल, वृक्ष, पेयजल, नदियों में जल की मात्रा होती है।

राजस्थान में पेयजल हेतु वर्षा जल का संग्रहण करते हैं। शुष्क एवं अर्द्धशुष्क क्षेत्रों में वर्षा जल को एकत्रित करने के लिए गड्ढे का निर्माण किया जाता है ताकि इससे मृदा को सिंचित कर खेती की जा सके। मेघालय के शिलांग में जल वर्षा का जल संग्रहण आज भी प्रचलित है

राजस्थान के जैसलमेर में खादौन तथा अन्य क्षेत्रों में जोहड़ के नाम से वर्षा जल एकत्रित को पुकारा जाता है। राजस्थान के ही जैसलमेर में पेयजल का संग्रह. भूमिगत टैंक द्वारा किया जाता है। यह प्रायः आंगन में हुआ करता है। इसमें वर्षा जल का पानी छत पर संग्रहित जल को पाइप के द्वारा जोड़ दिया जाता है। कर्नाटक के मैसूर जिला में स्थित गंडापुर गाँव में छत जल संग्रहण की व्यवस्था है। वर्तमान समय में महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान, गुजरात सहित कई राज्यों में वर्षा जल संग्रहण कर पुनः चक्रण किया जाता है।


Matric SST Important Long Subjective Question 2024

प्रश्न 3. सोन नदी परियोजनाओं के बारे में लिखें?

उत्तर ⇒ सोन नदी परियोजना बिहार की सबसे पुरानी एवं पहली सिंचाई परियोजना है। इसका विकास सिंचाई, कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा किया गया ।

इसका निर्माण 1874 ई० में किया गया। डेहरी के पास बाँध बनाकर सोन नदी के जल को रोका गया और पूरब एवं पश्चिम में दो नहर निकाल कर सिंचाई सुविधा प्रदान की गयी पूरब की नहर से पटना, गया, औरंगाबाद जिलों में सिंचाई ‘, की जाती है। इस नहर तीन उप-शाखा का निर्माण हुआ। पहली शाखा आरा, भोजपुर जिलों को सिंचित करती है। दूसरी शाखा बक्सर जिले को सिंचित करती है तीसरी शाखा का प्रभाव चौसा क्षेत्र है डेहरी के 10km दूरी पर स्थित इन्द्रपुरी नामक स्थान पर बाँध बनाकर निर्माण किया गया। सोन नहर प्रणाली से यह क्षेत्र बिहार का सबसे सूखा प्रभावित क्षेत्र वर्तमान में चावल का कटोरा के नाम से जाना जाता है। इस परियोजना के अंतर्गत जलविद्युत शक्ति गृह पश्चिमी नहर के पास बनाया गया है। इसी प्रकार पूर्वी भाग में नामक स्थल में शक्ति गृह बनाए जाते हैं।


  Chapter NameSub Ques
1. (क) प्राकृतिक संसाधनClick Here
1. (ख) जल संसाधनClick Here
1. ( ग ) वन एवं वन्य प्राणी संसाधनClick Here
1. (घ) खनिज संसाधनClick Here
1. (ड.) शक्ति (ऊर्जा) संसाधनClick Here
Geography Important Question   
Chapter Name Objective Que Subjective Que Long Subjective
1. भारत : संसाधन एवं उपयोगClick HereClick HereClick Here
2. कृषिClick HereClick HereClick Here
3. निर्माण उद्योग Click HereClick HereClick Here
4. परिवहन , संचार एवं व्यापारClick HereClick HereClick Here
5. बिहार : कृषि एवं वन संसाधन Click HereClick HereClick Here
6. मानचित्र अध्ययनClick HereClick HereClick Here

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