Class 10th Social Science Important Question

Class 10th Social Science Important Question 2024 | Matric SST Subjective Question 2024

Social Science

Class 10th Social Science Important Question 2024 :- दोस्तों यहां पर बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2024 ( Bihar Board Matric Exam 2024 ) के लिए सामाजिक विज्ञान (इतिहास) का सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर दिया गया है यदि आप लोग मैट्रिक परीक्षा 2024 की तैयारी कर रहे हैं तो कक्षा 10 व्यापार और भूमण्डलीकरण का लघु उत्तरीय प्रश्न( class 10th vyapar aur bhumandalikaran laghu uttariy prashn ) यहां पर किया गया है जो कि आने वाले परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ ही इस वेबसाइट पर सभी सब्जेक्ट का ऑब्जेक्टिव एंड सब्जेक्टिव प्रश्न( Bihar Board Class 10th All Subjective Ka Objective And Subjective Question 2024 ) दिया गया है जिससे आप 2024 में बेहतर तैयारी कर सकते हैं

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Class 10th Social Science Important Question 2024

प्रश्न 1. आर्थिक तथा प्रशासनिक संदर्भ में ग्रामीण तथा नगरीय व्यवस्था के दो प्रमुख आधार क्या है ?

उत्तर ⇒ आर्थिक तथा प्रशासनिक संदर्भ में ग्रामीण तथा नगरीय व्यवस्था के दो प्रमुख आधार हैं :

(i) जनसंख्या का घनत्व तथा

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(ii) कृषि आधारित आर्थिक क्रियाओं का अनुपात । शहरों में जनसंख्या का घनत्व अधिक होता है जबकि कृषि आधारित आर्थिक क्रियाओं का अनुपात गाँवों में अधिक होता है ।


प्रश्न 2. विश्व बाजार किसे कहते है ?

उत्तर ⇒ उस तरह के बाजारों को हम विश्व बाजार कहेंगे जहाँ विश्व के सभी देशों की वस्तुएँ आम लोगों को खरीदने के लिए उपलब्ध हों। जैसे- भारत की आर्थिक राजधानी मुम्बई |


प्रश्न 3. आर्थिक संकट से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ अर्थतंत्र में आनेवाली वैसी स्थिति जब कृषि, उद्योग और व्यापार का विकास अवरुद्ध हो जाए, लाखों लोग बेरोजगार हो जाएँ, बैंक और कंपनियों का दिवाला निकल जाए तथा वस्तु और मुद्रा दोनों की बाजार में कोई कीमत नहीं रहे तो इसे आर्थिक संकट कहते हैं।


प्रश्न 4. भूमण्डलीकरण किसे कहते है?

उत्तर ⇒ भूमण्डलीकरण जीवन के सभी क्षेत्रों का एक अंतर्राष्ट्रीय स्वरूप है जिसने दुनिया के सभी भागों को आपस में जोड़ दिया है जिससे संपूर्ण विश्व एक बड़े गाँव के रूप में परिवर्तित हो गया है। मूलरूप से भूमण्डलीकरण राजनीतिकरण, आर्थिक, सामाजिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक जीवन के विश्वव्यापी समायोजन की एक प्रक्रिया है जो विश्व के विभिन्न भागों के लोगों को भौतिक व मनोवैज्ञानिक स्तर पर एकीकृत करने का सफल प्रयास करती है ।


प्रश्न 5. विश्व बाजार की लाभ-हानि पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखें।

उत्तर ⇒ विश्व बाजार ने व्यापार और उद्योगों को द्रुतगति से बढ़ाया, जिससे पूँजीपति, मजदूर और मध्यवर्ग—इन तीन वर्गों का अस्तित्व सामने आया । बैंकिंग व्यवस्था का विस्तार हुआ। भारत जैसे गुलाम देशों का औद्योगिकीकरण और आधुनिकीकरण विश्व बाजार के आलोक में ही हुआ। तम्बाकू, रबर, नील, चाय, कॉफी, गन्ना आदि कृषिगत वस्तुओं की उपज में वृद्धि विश्व बाजार ने ही करवाई। यह सब लाभ का पक्ष रहा। हानि रही कि नकदी फसल उपजाने के चक्कर में खाद्यान्न की उपज कम हो गई। इनके लिए आयात का आसरा बच गया


प्रश्न 6. ब्रेटनवुड्स सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?

उत्तर ⇒ ब्रेटनवुड्स सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक सहयोग व स्थिरता कायम करना था, जिस पर विश्वशांति की नींव टिकी थी। इस मौद्रिक एवं वित्तीय सम्मेलन के आधार पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रकोष (आई.एम.एफ.), विश्व बैंक की स्थापना हुई। ब्रेटेन वुड्स सम्मेलन जुलाई, 1944 ई. में अमेरिका के न्यू हैम्पशायर नामक स्थान पर आयोजित हुआ


प्रश्न 7. बहुराष्ट्रीय कंपनी क्या है?

उत्तर ⇒ कई देशों में एक ही साथ व्यापार और व्यवसाय करने वाले कंपनी को बहुराष्ट्रीय कंपनी कहा जाता है। 1920 ई० के बाद इस तरह की कंपनियों का उत्कर्ष हुआ जो द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद काफी बढ़ा। ये बहुराष्ट्रीय कम्पनियाँ (MNC Multi National Companies) पूँजीवादी देशों की बड़ी-बड़ी व्यापारिक एवं औद्योगिक कम्पनियाँ हैं। उदाहरण फोर्ड कम्पनी, सैमसंग, डाबर, हिंदुस्तान लीवर, यामहा इत्यादि ।


प्रश्न 8. गिरमिटिया मजदूर किसे कहते हैं?

उत्तर ⇒ औपनिवेशिक देशों से (भारत से) लोगों को निश्चित अवधि के लिए एक अनुबंध के तहत यूरोपीय देश अपने यहाँ या फिर अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में ले जाते थे। इन मजदूरों की मजदूरी बहुत कम होती थी तथा इन्हें मुख्यतः कृषि कार्य में लगाया जाता था। इस तरह के मजदूरों को ही गिरमिटिया मजदूर कहा जाता है।


प्रश्न 9. वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले तीन प्रमुख कारक बताएँ ।

उत्तर ⇒ वैश्वीकरण को संभव बनाने वाले तीन प्रमुख कारक हैं:

(A) प्रौद्योगिकी में तीव्र प्रगति

(B) व्यापार और निवेश की नीतियों का उदारीकरण ।

(C) W.T.O. जैसे अंतर्राष्ट्रीय संगठनों का दबाव |


Matric SST Subjective Question 2024

प्रश्न 10. गिरमिटिया मजदूर कहाँ से लाए जाते थे ?

उत्तर ⇒ गिरमिटिया मजदूर मुख्य रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और तमिलनाडू के इलाकों से लाये जाते थे।


प्रश्न 11. यूरोप में महामंदी का मूल कारण क्या था?

उत्तर ⇒ यूरोप में महामंदी का मूल कारण था कृषि क्षेत्र में अति पैदावार । अनाजों की कीमत गिर जाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था गहरे संकट में पड़ गई । इसका असर सभी क्षेत्रों में हुआ।


प्रश्न 12. ब्रेटनवुड्स सम्मेलन में किन दो महत्त्वपूर्ण संस्थाओं का गठन किया गया?

उत्तर ⇒ ब्रेटनवुड्स सम्मेलन में दो महत्त्वपूर्ण संस्थाओं का गठन किया गया :

(i) अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund)

(ii) अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक अथवा विश्व बैंक (World Bank)


प्रश्न 13. नई नीति (New Deal) क्या थी?

उत्तर ⇒ 1929 ई० की महामंदी से सबसे अधिक प्रभावित देश अमेरिका था। वहाँ के राष्ट्रपति डी० रूजवेल्ट ने महामंदी से उबरने के लिए जो कार्यक्रम बनाया उसे नई नीति (New Deal) कहा गया।


प्रश्न 14. औद्योगिक क्रांति ने किस प्रकार विश्व बाजार के स्वरूप को विस्तृत किया।

उत्तर ⇒ औद्योगिक क्रांति ने बाजार को तमाम आर्थिक गतिविधियों का केन्द्र बना दिया। इसी के साथ जैसे-जैसे औद्योगिक क्रांति का विकास हुआ, बाजार का स्वरूप विश्वव्यापी होता चला गया और 20वीं शताब्दी के पहले तक तो इसने सभी महादेशों में अपनी उपस्थिति कायम कर ली। 18वीं शताब्दी के मध्य भाग से इंग्लैण्ड में बड़े-बड़े कारखानों में वस्तुओं का उत्पादन आरंभ हुआ। उत्पादन के बढ़ते आकार के हिसाब से कच्चे माल की आवश्यकता हुई और तब इंग्लैण्ड ने उत्तरी अमेरिका, एशिया (भारत) और अफ्रीका की ओर अपना ध्यान खींचा। वहाँ उसे पर्याप्त मात्रा में कच्चा माल और बना-बनाया एक बाजार भी मिला। मैनचेस्टर, लीवरपूल, लंदन इत्यादि बड़े-बड़े नगरों का उदय इसी का परिणाम था। विश्व बाजार के इस स्वरूप का आधार कपड़ा उद्योग था।


प्रश्न 15. 1929 ई के आर्थिक संकट के कारणों को संक्षेप में बताएँ ।

उत्तर ⇒ 1929 ई. के आर्थिक संकट का बुनियादी कारण स्वयं इस अर्थव्यवस्था के स्वरूप में समाहित था। प्रथम विश्वयुद्ध के चार वर्षों में यूरोप को छोड़कर बाजार आधारित अर्थव्यवस्था का विस्तार होता चला गया, उसके मुनाफे बढ़ते चले गए। दूसरी ओर, अधिकांश लोग गरीबी और अभाव में पिसते रहे। नवीन तकनीकी प्रगति और मुनाफे ने उत्पादन में काफी वृद्धि कर दी। किन्तु, अतिरिक्त उत्पादन के खरीदार बाजार में नहीं थे।

कृषि में भी अति उत्पादन की समस्या बनी हुई थी। अति उत्पादन के कारण कीमतें काफी गिर गई, जिससे किसानों की आय घट गई। अतः इस स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने उत्पादन को और बढ़ाया, ताकि कम कीमत पर ज्यादा माल बेचकर अपना आय स्तर बनाये रख सकें। इससे कीमतें और नीचे चली गईं, जिसने आर्थिक संकट को जन्म दिया। अमेरिका द्वारा यूरोपीय देशों को दिए गए ऋण की वापसी की माँग ने आर्थिक संकट को और गहरा दिया।


प्रश्न 16. भूमण्डलीकरण में बहुराष्ट्रीय कंपनियों के योगदान को स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒ भूमण्डलीकरण राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक जीवन के विश्वव्यापी समायोजन की एक प्रक्रिया है जो विश्व के विभिन्न भागों के लोगों को भौतिक व मनोवैज्ञानिक स्तर पर एकीकृत करने का सफल प्रयास करती है। भूमण्डलीकरण की प्रक्रिया में बहुराष्ट्रीय कंपनियों का महत्त्वपूर्ण योगदान है। भूमण्डलीकरण धीरे-धीरे सम्पूर्ण विश्व का नियामक हो गया। इसके प्रभाव को कायम करने में विश्वबैंक, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष तथा विश्व व्यापर संगठन के साथ-साथ पूँजीवादी देशों की बड़ी-बड़ी व्यापारिक और औद्योगिक कम्पनियों (बहुराष्ट्रीय कम्पनी) का बहुत बड़ा योगदान है। भूमण्डलीकरण में बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के कारण वस्तु, पूँजी और श्रम तीनों का अन्तर्राष्ट्रीय प्रवाह लगातार बढ़ता गया। विकसित नवीन तकनीकों का भी विकास में महत्त्वपूर्ण योगदान रहा।


Class 10th Social Science Important Subjective Question 2024

प्रश्न 17. भूमण्डलीकरण के भारत पर प्रभावों को स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒ भूमण्डलीकरण का भारत पर व्यापक प्रभाव पड़ा है। 1991 ई- की आर्थिक नीति की घोषणा के बाद भारत में पूँजी निवेश और व्यापार में काफी इजाफा हुआ है। पूँजी निवेश के कारण देश में आर्थिक विकास की गति तीव्र हुई। भूमण्डलीकरण के कारण देश में सेवाक्षेत्र का काफी तीव्र गति से विस्तार हुआ है, जिससे जीविकोपार्जन के कई नए क्षेत्र खुले हैं। सेवाक्षेत्र के अन्तर्गत बैंकिंग, बीमा, संचार, व्यापार आदि क्षेत्र में भारत आज विश्व का अग्रणी देश है। आज भारतीय कंपनियाँ विश्व स्तर पर अपना दबदबा कायम कर रही हैं। वैश्विक स्तर पर भारत के लिए रोजगार के नए-नए अवसर खुले हैं।


प्रश्न 18. 1950 ई के बाद विश्व अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण के लिए किए जाने वाले प्रयासों पर प्रकाश डाले।

उत्तर ⇒ 1950 से 1960 के दशक में महत्त्वपूर्ण आर्थिक सम्बन्धों का विकास हुआ था। विश्व में साम्यवादी विचार के प्रसार को रोकने के लिए समन्वय एवं सहयोग के एक नवीन युग की शुरुआत की गई जिससे यूरोप का एकीकरण हुआ द्वितीय विश्वयुद्ध की समाप्ति के बाद उससे उत्पन्न समस्या को हल करने तथा व्यापक तबाही से निपटने के लिए पुनर्निर्माण का कार्य अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर आरंभ हुआ। संयुक्त राष्ट्रसंघ ने अपना यह सारा कार्य अपने विभिन्न अनुसंगी संस्थाओं (यूनेस्को, विश्व स्वास्थ्य संगठन, अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन, अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय इत्यादि) के माध्यम से करना आरंभ किया।

अन्तर्राष्ट्रीय वित्तीय सहयोग व स्थिरता के लिए अन्तर्राष्ट्रीय मुद्राकोष व विश्व बैंक की स्थापना की गई। इन संस्थाओं पर संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रभाव कायम है और आज भी वह अपनी अन्तर्राष्ट्रीय आर्थिक नीतियों और संबंधों को निर्धारित करने में इसका भरपूर इस्तेमाल करता है।


प्रश्न 19. प्रथम विश्वयुद्ध का अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर क्या असर पड़ा?

उत्तर ⇒ प्रथम विश्वयुद्ध की समाप्ति होने पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गयी। लाखों लोग बेरोजगार हो गए। श्रमिकों में अशांति फैल गई और हड़तालों का लंबा सिलसिला चल निकला। परंतु, शीघ्र ही अमेरिका इस संकट से उबर गया और फिर से विकास शुरू हो गया। युद्ध के बाद अमेरिका दुनिया का प्रमुख कर्जदाता देश बन गया। अमेरिकी अर्थव्यवस्था कुछ बड़े उद्योगपतियों के हाथों में केंद्रित हो गयी जिन्हें सरकार और अदालत का संरक्षण मिलता था। यूरोप के देश भी अमेरिकी तर्ज पर अपनी अर्थव्यवस्थाओं को ढालने लगे। इससे विश्व व्यापार में वृद्धि हुई । परन्तु, यह स्थिति स्थाई साबित नहीं हुई। 1929 ई० आते-आते अमेरिका, यूरोप और विश्व के अन्य देश भी घोर आर्थिक संकट में फँस गए जिसे ‘महामंदी’ की संज्ञा दी गई।


प्रश्न 20. विश्वबैंक क्यों स्थापित किया गया था?

उत्तर ⇒ विश्वबैंक की स्थापना का उद्देश्य सदस्य देशों में पुनर्निर्माण के काम को आगे बढ़ाने के लिए ऋण की सुविधा उपलब्ध कराना था। इसमें विनियम दर की प्रणाली स्थापित की गई जिसमें डॉलर को प्रधान मुद्रा मानकर अन्य देशों की मुद्राओं की कीमत डॉलर के मुकाबले 35 रुपये तय कर दी गयी। डॉलर का मूल्य भी सोने से बँधा होता था। एक डॉलर की कीमत 35 औंस सोने के बराबर तय की गई थी। इन विनिमय दरों में तभी परिवर्तन आ सकता था जबकि आई०एम०एफ० इसकी इजाजत देता था ।


प्रश्न 21. औद्योगिक क्रांति क्या है ?

उत्तर ⇒ औद्योगिक क्रांति का अर्थ महत्त्वपूर्ण आविष्कारों तथा परिवर्तनों से है, जिनके द्वारा 18वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में तकनीक और संगठन में अनेक क्रांतिकारी परिवर्तन लाए गए। ये परिवर्तन इतनी तेजी से आए और इतने प्रभावशाली सिद्ध हुए कि उन्हें क्रांति का नाम दिया गया। औद्योगिक क्रांति की एक विशेषता यह है कि यह, ‘वर्ग-विहीन’ क्रांति थी। इसे न तो बुर्जुआ, सर्वहारा अथवा अभिजात और मध्यवर्गीय क्रांति कहा जा सकता है। यह क्रांति वैज्ञानिकों और आविष्कारों की देन थी । ‘औद्योगिक क्रांति’ शब्द का प्रयोग सबसे पहले फ्रांस के विख्यात समाजवादी चिंतक लुई ब्लॉक ने किया ।


Bihar Board Class 10th Social Science Important Question 2024

प्रश्न 22. घरेलू और कुटीर उद्योग को परिभाषित करें।

उत्तर ⇒ कृषि उत्पादों से संबंधित उद्योग घरेलू उद्योग कहलाते हैं। जैसे दुग्ध व्यवसाय, मुर्गी पालन, सूअर पालन आदि घरेलू व्यवसाय या उद्योग है । चावल कुटाई मिल, आटा पिसाई मिल, सरसों तेल पेरने का मिल आदि घरेलू उद्योग है कुटीर उद्योग में कम पूँजी एवं कम लोगों की सहायता से उद्यो चलाया जाता है। जूता निर्माण, पापड़ उद्योग, सेवई उद्योग, धूपबत्ती निर्माण, कुटीर उद्योग के अन्तर्गत आते हैं।


प्रश्न 23. महान आर्थिक मंदी से आप क्या समझते हैं ?

उत्तर ⇒ 1929 की आर्थिक मंदी को ही महान आर्थिक मंदी कहा जाता । 1929 के आर्थिक मंदी का बुनियादी कारण स्वयं इस अर्थव्यवस्था के स्वरूप में ही समाहित था । इस आर्थिक मंदी का स्वरूप बहुत विस्तृत था । इस मंदी ने पूरे विश्व को अपने चपेट में ले लिया था ।


History Important Question  Bihar Board 12th Result 2023 : बिहार बोर्ड 12वीं रिजल्ट यहाँ से करें डाउनलोड
Chapter Name Objective Que Subjective Que Long Subjective
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