Matric History Subjective Question Answer

Matric History Subjective Question Answer 2024 | Class 10th Social Science Subjective Important Question 2024

Social Science

Matric History Subjective Question Answer 2024 :- दोस्तों यहां पर बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2024 ( Bihar Board Matric Exam 2024 ) के लिए सामाजिक विज्ञान (इतिहास) का सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर दिया गया है यदि आप लोग मैट्रिक परीक्षा 2024 की तैयारी कर रहे हैं तो कक्षा 10 यूरोप में राष्ट्रवाद का लघु उत्तरीय प्रश्न( class 10th europe mein rashtravad laghu uttariy prashn ) यहां पर किया गया है जो कि आने वाले परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ ही इस वेबसाइट पर सभी सब्जेक्ट का ऑब्जेक्टिव एंड सब्जेक्टिव प्रश्न( Bihar Board Class 10th All Subjective Ka Objective And Subjective Question 2024 ) दिया गया है जिससे आप 2024 में बेहतर तैयारी कर सकते हैं

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Matric History Subjective Question Answer 2024

प्रश्न 1. वियना काँग्रेस की दो उपलब्धियाँ बताइए

उत्तर ⇒ वियना कॉंग्रेस की निम्नलिखित उपलब्धियाँ थी :

(i) वियना काँगेस के द्वारा नेपोलियन युग का अंत एवं मेटरनिक युग का आरंभ हुआ।

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(ii) वियना संधि के द्वारा यूरोप के राजनीतिक मानचित्र में व्यापक फेरबदल किया गया।

(iii) इस व्यवस्था द्वारा नेपोलियन द्वारा पराजित राजवंशों की पुनर्स्थापना का प्रयास किया गया। फ्रांस और स्पेन में बूब राजवंश का राज स्थापित हुआ फ्रांस में लुई 18वाँ को राजगद्दी मिली।


प्रश्न 2. यूरोपीय इतिहास में ‘घेटो’ का क्या अर्थ है? 

उत्तर ⇒ घेटो शब्द का प्रयोग मूलतः मध्यकालीन यूरोपीय देशों में यहूदी बस्ती के लिए प्रयुक्त किया जाता था । परन्तु, वर्तमान संदर्भ में, यह धर्म, प्रजाति एवं समान पहचान दर्शाने वाली भाव को इंगित करता है। अतः यह सामान्य पहचान वाले लोगों के साथ रहने वाले स्थान को दर्शाता है


प्रश्न 3. राष्ट्रवाद क्या है?

उत्तर ⇒ राष्ट्रवाद आधुनिक विश्व में राजनीतिक जागृति का प्रतिफल है। यह एक ऐसी भावना है जो किसी भौगोलिक, सांस्कृतिक या सामाजिक परिवेश में रहने वाले लोगों में एकता एवं परस्पर प्रेम की वाहक बनती है।


प्रश्न 4. मेजिनी कौन था?

उत्तर ⇒ मेजिनी साहित्यकार, गणतांत्रिक विचारों का समर्थक और योग्य सेनापति था, जिसने इटली के एकीकरण में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। उसमें आदर्श गुण अधिक और व्यवहारिक गुण कम थे। मेजिनी इटली में राष्ट्रवादियों के गुप्तदल ‘कार्बोनरी’ का सदस्य था। 1845 ई० में मेटरनिक की पराजय के बाद मेजिनी ने पुनः इटली आकर इटली के एकीकरण का प्रयास किया। किन्तु इस बार भी वह असफल रहा और उसे पलायन करना पड़ा।


प्रश्न 5. जर्मनी के एकीकरण की बाधाएँ क्या थीं?

उत्तर ⇒ जर्मनी में लगभग 300 छोटे-बड़े राज्य थे। उनमें धार्मिक, राजनीतिक तथा सामाजिक विषमताएँ भी मौजूद थीं उनमें जर्मन राष्ट्रवाद की भावना का भी अभाव था, जिसके कारण एकीकरण का मुद्दा उनके समक्ष नहीं था।


प्रश्न 6. मेटरनिक युग क्या है?

उत्तर ⇒ वियना कांग्रेस का उद्देश्य यूरोप में पुनः उसी व्यवस्था को कायम करना था, जिसे नेपोलियन के युद्धों और विजयों ने अस्त-व्यस्त कर दिया था। इसका नेतृत्व आस्ट्रिया के चांसलर मेटरनिक ने किया था। इसलिए 1815 से 1848 तक के इस काल को यूरोप में मेटरनिक युग के नाम से जाना जाता है।


प्रश्न 7. बिस्मार्क कौन था?

उत्तर ⇒ बिस्मार्क प्रशा का चांसलर था, जिसने आस्ट्रिया के साथ मिलकर 1864 ई. में डेनमार्क पर आक्रमण किया और जिसके नेतृत्व में जर्मनी का एकीकरण हुआ।


प्रश्न 8. इटली के एकीकरण में किन नेताओं का योगदान रहा?

उत्तर ⇒ 1871 ई० के इटली के एकीकरण में मेजिनी, गैरीबाल्डी जैसे राष्ट्रवादी नेताओं एवं विक्टर इमैनुएल जैसे शासक का योगदान रहा।


प्रश्न 9. लॉर्ड वायरन कौन थे?

उत्तर ⇒ लॉर्ड वायरन इंग्लैंड के एक महान कवि के रूप में जाने जाते थे। यूनानियों की स्वतंत्रता की लड़ाई में इनका महत्त्वपूर्ण योगदान था तथा ये यूनान में ही शहीद हो गए।


Class 10th Social Science Subjective Important Question 2024

प्रश्न 10 एक्ट ऑफ यूनियन से क्या तात्पर्य है?

उत्तर ⇒ 1707 ई. में इंग्लैंड और स्कॉटलैण्ड के बीच एक्ट ऑफ यूनियन का गठन हुआ एक्ट ऑफ यूनयिन ने यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन के गठन का मार्ग प्रशस्त किया।


प्रश्न 11. कायूर कौन था?

उत्तर ⇒ कावूर एक बहुत बड़ा कूटनीतिज्ञ था। वह न तो क्रांतिकारी था और न ही जनतंत्र का समर्थक। कावूर ने इटली के एकीकरण में अहम भूमिका निभाई थी।


प्रश्न 12. उदारवाद क्या है ?

उत्तर ⇒ उदारवाद एक ऐसा विचार है जिसमें आर्थिक स्वतंत्रता की बात कही जाती है तथा समाज और राष्ट्र के विकास के लिए पुरानी परम्पराओं को दरकिनार किया जाता है।


प्रश्न 13. रूढ़िवाद क्या है?

उत्तर ⇒ रूढ़िवाद एक ऐसा विचार है जिसमें अतीत, संस्कृतियों और कट्टर परम्पराओं द्वारा समाज तथा देश के विकास की बात की जाती है।


प्रश्न 14. स्लाव कौन थे?

उत्तर ⇒ स्लाव बाल्कन क्षेत्र के निवासी थे जिसमें आधुनिक रोमानिया, बुल्गारिया, अल्बानिया, यूनान, मेसिडोनिया, क्रोएशिया आदि शामिल हैं।


प्रश्न 15. इटली के एकीकरण में मेजिनी का क्या योगदान था ?

उत्तर ⇒ मेजिनी एक उदारवादी राष्ट्रवादी क्रांतिकारी था। वह इटली को निरंकुश शासकों से मुक्त कराना चाहता था और उसे एक एकीकृत गणतंत्र के रूप में देखना चाहता था। वह योग्य सेनापति के साथ-साथ गणतांत्रिक विचारों का समर्थक भी था अपने उद्देश्य की पूर्ति के लिए उसने ‘यंग इटली’ नामक संस्था का स्थापना की। उग्र राष्ट्रवादी विचारों के कारण मेजिनी को निर्वासित होकर इंग्लैण्ड जाना पड़ा और वही से अपने लेखों एवं रचनाओं के जरिए इटली के एकीकरण के आन्दोलन को प्रेरित करता रहा। मेजिनी को इटली के एकीकरण का पैगम्बर कहा जाता है।


प्रश्न 16. जर्मनी के एकीकरण में बिस्मार्क की भूमिका का संक्षिप्त विवरण दें।

उत्तर ⇒ जर्मनी के एकीकरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका बिस्मार्क की रही। उसने सुधार एवं कुटनीति के तहत एकीकरण का प्रयास किया। वह प्रशा का चांसलर था। उसने रक्त और लौह नीति का पालन किया। सर्वप्रथम उसने फ्रांस और आस्ट्रिया से सौंध कर डेनमार्क पर अंकुश लगाया। 1864 में उसने डेनमार्क पर आक्रमण पर शेल्सविंग और हाल्सटाइन को अपने अधीन कर लिया । बिस्मार्क ने फ्रांस से संधि कर 1866 में सेडोवा के युद्ध में आस्ट्रिया को पराजित किया। अंतत: 1870 में सेडॉन के युद्ध में फ्रांस को पराजित कर फ्रैंकपर्ट की सन्धि की और फ्रांस की अधीनता वाले सारे राज्यों को जर्मनी में मिलाकर जर्मनी का एकीकरण पूरा किया।


प्रश्न 17. 1848 ई० की फ्रांसीसी क्रांति के क्या कारण थे ?

उत्तर ⇒ 1848 ई० की फ्रांसीसी क्रांति के प्रमुख कारण निम्नलिखित थे

(i) लुई फिलिप की नीति की असफलता ।

(ii) मध्यम वर्ग का शासन पर प्रभाव ।

(iii) राजनीतिक दलों में संगठन का अभाव ।

(iv) समाजवाद का प्रसार ।

इस क्रान्ति का सबसे महत्त्वपूर्ण कारण लुई फिलिप की नीति और जनता में उसके प्रति असंतोष था। वह जनता की तत्कालीन समस्याओं को सुलझाने में असमर्थ रहा जिसके कारण क्रान्ति का सूत्रपात हुआ


प्रश्न 18. विलियम 1 के बगैर जर्मनी का एकीकरण बिस्मार्क के लिए असंभव था। कैसे?

उत्तर ⇒ विलियम 1 जानता था कि जर्मनी के एकीकरण के मार्ग में आस्ट्रिया बाधक है तथा इसे हटाये बिना जर्मनी का एकीकरण संभव नहीं है। अतः आस्ट्रिया से मुक्ति पाने के लिए उसे युद्ध में हराना जरूरी था। विलियम I राष्ट्रवादी विचारों का पोषक था। उसके सुधारों के फलस्वरूप जर्मनी में औद्योगिक क्रांति की हवा तेज हो गयी, साथ ही आधारभूत संरचना में भी काफी सुधार हुए, जिससे जर्मन राष्ट्रों को एकता के सूत्र में बाँधने के प्रयास तेज हुए विलियम ने एकीकरण के उद्देश्य को ध्यान में रखकर महान कूटनीतिज्ञ बिस्मार्क को अपना चांसलर नियुक्त किया। अंततः प्रशा के नेतृत्व में जर्मनी का एकीकरण संभव हुआ, जिसमें विलियम प्रथम का महत्त्वपूर्ण योगदान था। अगर बिस्मार्क को विलियम का समर्थन नहीं मिलता तो जर्मनी का एकीकरण असंभव था।


प्रश्न 19. यूरोप में राष्ट्रवाद को फैलाने में नेपोलियन बोनापार्ट की क्या भूमिका थी?

उत्तर ⇒ यूरोप में राष्ट्रीयता की भावना के विकास में फ्रांस की राज्यक्रांति और तत्पश्चात् नेपोलियन के आक्रमणों ने महत्त्वपूर्ण योगदान दिया। यूरोप के कई राज्यों में नेपोलियन के अभियानों द्वारा नवयुग का संदेश पहुँचा । नेपोलियन ने जर्मनी और इटली के राज्यों को भौगोलिक नाम की परिधि से बाहर कर उसे वास्तविक एवं राजनीतिक रूपरेखा प्रदान की, जिससे इटली और जर्मनी के एकीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ। दूसरी तरफ नेपोलियन की नीतियों के कारण फ्रांसीसी प्रभुत्व और आधिपत्य के विरुद्ध यूरोप में देशभक्तिपूर्ण विक्षोभ भी जगा इस प्रकार यूरोप में राष्ट्रवाद को फैलाने में नेपोलियन बोनापार्ट की अहम भूमिका थी। नेपोलियन के समय इटली और जर्मनी मात्र एक भौगोलिक अभिव्यक्ति’ थे। नेपोलियन ने अनजाने में 4 (अप्रत्यक्ष रूप से) इटली एवं जर्मनी के छोटे-छोटे विभाजित प्रान्तों का एकीकरण कर दिया था


प्रश्न 20. गैरीबाल्डी के कार्यों की चर्चा करें।

उत्तर ⇒ ज्यूसप गैरीबाल्डी का जन्म 1807 में नीस नामक नगर में हुआ – था। वह मेजिनी के विचारों का समर्थक था। परन्तु बाद में काबूर के प्रभाव में आकर संवैधानिक राजतंत्र का समर्थक बन गया। 1862 ई. में गैरीबाल्डी ने रोम पर आक्रमण की योजना बनाई काबूर ने गैरीबाल्डी के इस अभियान का विरोध करते हुए रोम की रक्षा के लिए पिडमांउंट की सेना भेजी। गैरीबाल्डी ने अपने कर्मचारियों तथा स्वयं सेवकों की सशस्त्र सेना बनायी। उसने अपने सैनिकों को लेकर इटली के प्रांत सिसली तथा नेपल्स पर आक्रमण किए। इन रियासतों की अधिकांश जनता बूब राजवंश के निरंकुश शासन से तंग होकर गैरीबाल्डी का समर्थक बन गयी। गैरीबाल्डी ने यहाँ गणतंत्र की स्थापना की तथा विक्टर इमैनुएल के प्रतिनिधि के रूप में यहाँ की सत्ता सँभाली। दक्षिणी इटली के जीते गए क्षेत्रों को बिना किसी संधि के गैरीबाल्डी ने विक्टर इमैनुएल को सौंप दिया। वह अपनी सारी संपत्ति राष्ट्र को समर्पित कर साधारण किसान की भाँति जीवन जीने की ओर अग्रसर हुआ। इटली के एकीकरण में गैरीबाल्डी का महत्त्वपूर्ण योगदान था।


Bihar Board Matric History Subjective Question Answer 2024

प्रश्न 21 जुलाई 1830 ई० की क्रांति का विवरण दें।

उत्तर ⇒ चार्ल्स दशम एक निरंकुश एवं प्रतिक्रियावादी शासक था, जिसने फ्रांस में उभर रही राष्ट्रीयता तथा जनतंत्रवादी भावनाओं को दबाने का कार्य किया। उसने अपने शासनकाल में संवैधानिक लोकतंत्र की राह में कई गतिरोध उत्पन्न किए। उसके द्वारा नियुक्त प्रधानमंत्री पोलिग्नेक ने पूर्व में लुई अठारहवें के द्वारा स्थापित समान नागरिक संहिता के स्थान पर शक्तिशाली अभिजात्य वर्ग की स्थापना की। उसके इस कदम को उदारवादियों ने चुनौती तथा क्रांति के विरुद्ध षड्यंत्र समझा। प्रतिनिधि सदन ने पोलिग्नेक के विरुद्ध गहरा असंतोष व्यक्त किया। चार्ल्स दशम ने इस विरोध के प्रतिक्रियास्वरूप 25 जुलाई, 1830 ई० को चार अध्यादेश द्वारा उदार तत्त्वों का गला घोंटने का प्रयास किया। इन अध्यादेशों के विरोध में पेरिस में क्रांति की लहर दौड़ गयी और फ्रांस में गृहयुद्ध आरम्भ हो गया। इसे ही जुलाई 1830 ई. की क्रांति कहा जाता है। परिणामतः चार्ल्स दशम को फ्रांस की राजगद्दी त्यागकर इंग्लैंड भागना पड़ा और इस प्रकार बूब वंश के शासन का अंत हो गया।


प्रश्न 22. वियना सम्मेलन की विवेचना करें।

उत्तर ⇒ वाटरलू युद्ध के बाद सन् 1815 ई. में फ्रांस में नेपोलियन युग की समाप्ति हो गयी 1815 ई. में ही यूरोप की विजयी शक्तियाँ ऑस्ट्रिया की राजधानी वियाना में जमा हुई। इन सबों का यह उद्देश्य था कि यूरोप महादेश में उसी व्यवस्था को फिर से स्थापित करना है, जिसे नेपोलियन ने अपने युद्धों के द्वारा अस्त-व्यस्त कर दिया। वियाना व्यवस्था के तहत फ्रांस में क्रांति के पूर्व की व्यवस्था करने के लिए बुर्बी राजवंश को पुन: स्थापित किया गया तथा किसी भी प्रकार के गणतांत्रिक सुधारों का विरोध किया गया। मेटरनिख, जो कि वियना सम्मेलन की मेजबानी कर रहा था, इटली में राष्ट्रवाद का विकास नहीं चाहता था, इसलिए उसने इटली को कई भागों में बाँट दिया। अतः वियना सम्मेलन को किसी हद तक प्रतिक्रियावादी शक्ति की जीत कहा जा सकता है।


प्रश्न 23. इटली के एकीकरण के बाधक तत्त्वों का वर्णन करें।

उत्तर ⇒ 19वीं शताब्दी के प्रारम्भ में इटली मात्र एक भौगोलिक अभिव्यक्ति था, जहाँ कई स्वतंत्र राज्य हुआ करते थे। इस कारण यहाँ अलगाव की भावना थी । इटली के राज्यों के एक देश के रूप में संगठित होने में भौगोलिक समस्या के साथ-साथ कई अन्य समस्याएँ भी थीं। इटली की राजधानी रोम पर पोप का प्रभाव था जो इटली का एकीकरण धार्मिक आधार पर करना चाहता था। अतः इन सारी परिस्थितियों को समाप्त करने के बाद ही इटली का सही एकीकरण संभव था। इटली में आस्ट्रिया और फ्रांस का विदेशी प्रभुत्व एवं हस्तक्षेप भी एकीकरण के लिए बाधक था ।


Matric History Subjective Question Answer 2024

History Important Question  Bihar Board 12th Result 2023 : बिहार बोर्ड 12वीं रिजल्ट यहाँ से करें डाउनलोड
Chapter Name Objective Que Subjective Que Long Subjective
1. यूरोप में राष्ट्रवादClick HereClick HereClick Here
2. समाजवाद एवं साम्यवाद Click HereClick HereClick Here
3. हिंद – चीन में राष्ट्रवादी आंदोलनClick HereClick HereClick Here
4. भारत में राष्ट्रवादClick HereClick HereClick Here
5. अर्थव्यवस्था और आजीविका Click HereClick HereClick Here
6. शहरीकरण एवं शहरी जीवनClick HereClick HereClick Here
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