Social Science Subjective Question Answer Class 10th

Social Science Subjective Question Answer Class 10th | Bihar Board Social Science Question Answer In Hindi

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Social Science Subjective Question Answer Class 10th :- दोस्तों यहां पर बिहार बोर्ड मैट्रिक परीक्षा 2024 ( Bihar Board Matric Exam 2024 ) के लिए सामाजिक विज्ञान (राजनीति विज्ञान) का सब्जेक्टिव प्रश्न उत्तर दिया गया है यदि आप लोग मैट्रिक परीक्षा 2024 की तैयारी कर रहे हैं तो कक्षा 10 लोकतंत्र की चुनौतियाँ का लघु उत्तरीय प्रश्न( class 10th loktantrik chunautiyan  laghu uttariy prashn ) यहां पर दीया गया है जो कि आने वाले परीक्षा के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है साथ ही इस वेबसाइट पर सभी सब्जेक्ट का ऑब्जेक्टिव एंड सब्जेक्टिव प्रश्न( Bihar Board Class 10th All Subjective Ka Objective And Subjective Question 2024 ) दिया गया है जिससे आप 2024 में बेहतर तैयारी कर सकते हैं

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Social Science Subjective Question Answer Class 10th

प्रश्न 1. भारतीय लोकतंत्र की चुनौतियों का वर्णन करें ।

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अथवा, वर्त्तमान भारतीय राजनीति में लोकतंत्र की कौन-कौन सी चुनौतियाँ हैं ? विवेचना करें।

उत्तर ⇒ वर्तमान भारतीय लोकतंत्र में अनेक दीर्घकालिक और समसामयिक समस्याएँ हैं, जो हमारा ध्यान आकर्षित करती हैं। इनमें से प्रत्येक समस्याओं को संकीर्ण दलीय राजनीति से ऊपर उठकर हल किए जाने की आवश्यकता है। इन समस्याओं में मुख्य रूप से महँगाई, बेरोजगारी, आर्थिक मंदी, ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन, विदेश नीति, आंतरिक सुरक्षा, रक्षा तैयारियाँ आदि कई ज्वलंत मुद्दे हैं, जिनपर काफी संजिदा बहस (चर्चा) की आवश्यकता है। देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा बन रही शक्तियों पर व्यापक परिचर्चा होनी चाहिए। यह खतरा केवल आतंकवादी गतिविधियों पूर्वोत्तर के अलगाववादी या नक्सली गतिविधियों एवं अवैध शरणार्थियों से नहीं, बल्कि बढ़ते आर्थिक अपराधों से भी है। विदेशी मुद्रा का अवैध आगमन, विदेशी बैंकों में भारतीय द्वारा जमा की गई बड़ी धन राशि, उच्च एवं न्यायिक पदों पर व्याप्त भ्रष्टाचार, असमानता और असंतुलन जैसे भारतीय राजनीति में लोकतंत्र की विभिन्न समस्या या चुनौतियाँ हैं। केन्द्र और राज्यों के बीच आपसी टकराव से आतंकवाद से लड़ने और जन कल्याणकारी योजनाओं (शिक्षा, जाति भेदभाव, लिंगभेद, नारी शोषण, बाल मजदूरी एवं सामाजिक कुरीतियाँ इत्यादि) भी वर्तमान भारतीय राजनीति में लोकतंत्र की चुनौतियों हैं ।

लोकतंत्र की बड़ी चुनौतियों में लोकसभा और राज्य विधानसभा के चुनाव में होनेवाले अन्धाधुन्ध चुनावी खर्च, उम्मीदवारों के टिकट वितरण और चुनावों में पारदर्शिता भी शामिल हैं। वंशवाद, परिवारवाद, जातिवाद, क्षेत्रवाद, गठबंधन की राजनीति, आपराधिक प्रवृति के उम्मीदवारों का चुनाव में टिकट देना इत्यादि भारतीय राजनीति में लोकतंत्र की गंभीर चुनौती है।


प्रश्न 2. परिवारवाद और जातिवाद बिहार में किस तरह लोकतंत्र को प्रभावित करते हैं ?

अथवा, परिवारवाद और जातिवाद में किस तरह लोकतंत्र को प्रभावित करता है ?

उत्तर ⇒ अगर हम बिहार में लोकतंत्र की चुनौतियों पर नजर डालते हैं तो आज बिहार में भ्रष्टाचार, जातिवाद, क्षेत्रवाद, परिवारवाद जैसी बुराइयाँ यहाँ निर्णायक भूमिका निभाती है। हाल के दशकों में यह परंपरा बनी कि जिस जनप्रतिनिधि के निधन या इस्तीफे के कारण कोई सीट खाली हुई उसके ही किसी परिजन को चुनाव का टिकट दे दिया जाए। बिहार में परिवारवाद की यह स्वरूप लोकतंत्र की खामियों को दर्शाता है। सत्तारूद जद (यू) ने 2009 में सम्पन्न हुए बिहार विधानसभा के उपचुनावों के दौरान यह कह दिया था कि किसी परिजन को पार्टी होनेवाले चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाएगी इस बात को लेकर जद (यू) में आंतरिक कलह की स्थिति पैदा हो गई थी। बिहार में अभी भी राजनीति में परिवारवाद हावी है जो लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है

बिहार में दूसरी समस्या जातिवाद की है। बिहार की राजनीति में जातिवाद काफी हद तक अपनी जड़ें जमा चुकी है। जातीय वोट बैंक बनाकर वर्षों तक चुनाव जीतनेवाले कुछ नेता तथा राजनीतिक दल इस मुद्दे को लेकर काफी परेशान हैं। अगामी 2010 का बिहार विधानसभा का आम चुनाव यह बता देगा कि जातीय वोट बैंक की राजनीति कारगर रहेगी या नहीं। ऐसा देखा गया है कि जो नेता अपने लिए जातीय बोट बैंक का सुरक्षित किला बना लेते हैं वे सत्ता में आने के बाद आम लोगों के सामान्य विकास में कोई रूचि नहीं रखते हैं। वैसे नेतागण कुछ खास जातीय समूहों व व्यक्तियों के लिए ही सरकारी स्तर से सामूहिक व व्यक्तिगत लाभ पहुँचाने की कोशिश करते रहते हैं। इस शैली की राजनीति से बिहार को बड़ा नुकसान पहुँच रहा है तथा बिहार अभी भी भारत के मानचित्र पर एक पिछड़े हुए राज्य के रूप में जाना जाता है ।


Bihar Board Social Science Question Answer In Hindi

प्रश्न 3. न्यायपालिका की भूमिका लोकतंत्र की चुनौती है। कैसे ? इसे सुधारने के क्या उपाय हैं ?

उत्तर ⇒ वर्तमान समय न्यायपालिका की भूमिका भी लोकतंत्र की एक बड़ी चुनौती है। भारतीय लोकतंत्र प्रतिनिध्यात्मक लोकतंत्र है। इसमें शासन का संचालन जन प्रतिनिधियों द्वारा किया जाता है।

भारतीय लोकतंत्र के तीन अंग हैं कार्यपालिका, विधायिका तथा न्यायपालिका । इसमें कार्यपालिका विधायिका के प्रति उत्तरदायी है और विधायिका न्यायपालिका के प्रति। किसी भी लोकतंत्र की सफलता में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष न्यायपालिका ही भूमिका एक सर्वमान्य सत्य है। अमेरिका का और ब्रिटेन की लोकतांत्रिक सफलता बहुत हद तक उनकी न्यायपालिका की सफलता है। भारत में भी न्यायपालिका को संविधान में ही विशेष अधिकार दिए गए हैं, लेकिन कानून का निर्माण चूंकि संसद में होता है, इसलिए न्यायपालिका सिफ्र उन कानूनों की रक्षा भर ही कर सकती है। जरूरत है विधायिका के ऊपर न्यायपालिका का पूर्ण नियंत्रण। जब तक विधायिका के ऊपर न्यायपालिका का पूर्ण नियंत्रण नहीं होगा तब तक लोकतंत्र की सफलता संभव नहीं है।

न्यायपालिका की भूमिका में सुधार के उपाय निम्नलिखित हैं—

(i) न्यायिक पदों पर बैठे लोगों में फैले भ्रष्टाचार को दूर करना

(ii) न्यायपालिका पर लोगों का पूरा विश्वास तथा

(iii) न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक विलंग को रोका जाना त्वरित गति से किसी भी केस का न्यायालय में निपटारा हो ।


प्रश्न 4. आतंकवाद एवं अलगाववाद लोकतंत्र की चुनौती है। स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒ आतंकवाद लोकतंत्र में आवाम के मनोबल को तोड़ने का साधन है। अलगाववाद मनोबल को तोड़ने के साथ-साथ राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को तोड़ता है। इस प्रकार दोनों ही लोकतंत्र के लिए चुनौतियाँ हैं हिंसा के द्वारा ये दोनों ही बड़े पैमाने पर धन एवं जन की हानि करना चाहते हैं। आतंकवाद विश्वस्तरीय समस्या बन चुका है। आतंकवादी अपनी गतिवधियों से राष्ट्र को सामाजिक, राजनैतिक एवं आर्थिक क्षति पहुँचाना चाहते हैं, लोकतांत्रिक मूल्यों से संबंधित ढाँचे को दुष्प्रभावित करते हैं। लोकतंत्र अमनचैन तथा विकास में विश्वास रखता है जबकि आतंकवाद इसका विरोधी है। आतंकवादियों यह समझ रखा है कि आतंकी घटनाएँ जितनी तीव्र होंगी उन्की व्यापकता उतनी ही तीव्र होगीं व्यापकता के आधार पर वह जितना चाहे ज्यादा प्रभाव क्षेत्र बनाएगा। लोग उतना ही ज्यादा भयभीत होंगे। 11 सितम्बर को अमेरिका स्थित ट्विन टावर पर आतंकी हमला, ब्रिटेन का आतंकी हमला आदि ने शक्तिशाली एवं विकसित देशों को यह अहसास करा दिया कि आतंकवाद लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। भारतीय संसद पर आतंकी हमला, ताज होटल आतंकी घटना ये लोकतंत्र के विकास में जबरदस्त अवरोध है।


सामाजिक विज्ञान कक्षा 10 प्रश्न उत्तर 2024

प्रश्न 5. क्या चुने हुए शासक लोकतंत्र में अपनी मर्जी से सबकुछ कर सकते हैं?

उत्तर ⇒ लोकतंत्र में जनता प्रतिनिधि का चुनाव करती है। प्रतिनिधि जनता के विकास हेतु कार्य करते हैं, किन्तु चुने हुए शासक अपनी मनमर्जी नहीं कर सकता । अगर चुने हुए शासक मनमानी करेंगे तो कानून उनके लिए बाधक होंगे। ऐसे शासक को विरोध विरोधी दल भी करते हैं तथा जनता भी उनके विरुद्ध उठ खड़ी होती है और वे लोगों का विश्वास खो देते हैं जिससे भविष्य में उनके लिए खतरा तथा रूकावट खड़ी हो जाती है। बेरोजगारी उन्मूलन, महँगाई पर नियंत्रण, वैश्विक तापन, जलवायु परिवर्तन, वैदेशिक नीति, आन्तरिक सुरक्षा, रक्षा तैयारियाँ, देश की एकता एवं अखण्डता, आतंकवाद एवं अलगाववाद, नक्सली गतिविधियों, बहती आर्थिक अपराधों तथा विदेशी मुद्रा का अवैध आगमन, विदेशी बैंकों में भारतीयों द्वारा जमा की गयी बड़ी धनराशि आदि पर नियंत्रण, उच्च एवं न्यायिक पदों पर व्याप्त भ्रष्टाचार, असमानता एवं असंतुलन, राजनीति में परिवारवाद एवं जातिवाद आदि भारतीय लोकतंत्र की प्रमुख चुनौतियों के समक्ष शासक वर्गों की मनमानी नहीं चलने वाली है।


प्रश्न 6. क्या आतंकवाद लोकतंत्र की चुनौती है? स्पष्ट करें।

अथवा, आतंकवाद लोकतंत्र की चुनौतियाँ हैं, कैसे ? स्पष्ट करें।

उत्तर ⇒ आज भारत सहित दुनिया के अधिकांश देश आतंकवाद की समस्या से ग्रसित हैं, जो लोकतंत्र की एक गंभीर चुनौती के रूप में सामने आया है। आतंकवाद के कारण किसी भी देश की अखंडता एवं एकता के लिए खतरा उत्पन्न कर रही है। यह खतरा केवल आतंकवादी गतिविधियों, अलगाववादी या नक्सली गतिविधियों एवं अवैध शरणार्थियों के साथ-साथ बढ़ते र आर्थिक अपराधों से भी है।

आतंकवाद आज पूरी तरह अपनी जड़े जमा चुका है तथा देश के विकास में पूरी. तरह बाधा बना हुआ है। केन्द्र और राज्यों के बीच आपसी टकराव आतंकवाद से लड़ने और जनकल्याणकारी योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन में बाधा पहुँचती है। जबकि आज दुनिया के अधिकांश देशों में आतंकवाद अपना पैर जमा चुका है दुनिया के देशों को मिलकर इस समस्या को जड़ से उखाड़ फेंकने की आवश्यकता है । आतंकवादी गतिविधियाँ किसी भी लोकतांत्रिक देश की सबसे गंभीर चुनौती है, देश के विकास में बाधक है तथा लोकतंत्र के लिए खतरा है।


Social Science Subjective Question Answer Class 10th 2024 Bihar Board 

प्रश्न 7. बिहार के विकास में महिलाओं के योगदान का उल्लेख करें ।

उत्तर ⇒ बिहार भारत का एक पिछड़े हुआ राज्य की श्रेणी में आता है। यहाँ की महिलाओं में शिक्षा का काफी आभाव है। शिक्षा के आभाव के कारण महिलाएँ अपने राजनीतिक अधिकारों के प्रति जागरूक नहीं हो पाई हैं। भारत के अन्य राज्यों की तरह बिहार में भी स्वस्थ लोकतंत्र स्थापित है। आज की महिलाएँ राष्ट्र की प्रगति के लिए पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही हैं। खेतीबारी से लेकर वायुयान उड़ाने और अंतरिक्ष तक जा रही है । इसके बावजूद वे दोयम दर्जे की शिकार है । बिहार सरकार ने पंचायतीराज अधिनियम में महिलाओं के लिए 50% सीट आरक्षित कर उनके राजनीतिक भागीदारी को स्पष्ट कर दिया है। अब महिलाएँ मुखिया, पंच, सरपंच तथा जिला परिषद में प्रमुख निर्वाचित हो रही है । कोई भी राज्य या देश में बिना महिलाओं के शिक्षित हुए लोकतंत्र का विकास नहीं कर सकता है।

आज जरूरत है- पंचायतों की तरह राज्य की विधानसभाओं में भी महिलाओं को सीट आरक्षित कर उनके राजनीतिक स्तर पर ऊँचा उठाया जा सके। संसद में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव जो अभी लंबित है, उनके राजनीतिक क्षेत्र में ऊँचा उठाने का एक अच्छा प्रयास माना जा सकता है। अतः बिहार में चाहे पंचायत स्तर पर विधानसभा या लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ानी होती, तभी लोकतंत्र का विकास हो सकता है ।


प्रश्न 8. विभिन्न जन-आंदोलनों में महिलाओं की क्या भूमिका थी ?

उत्तर ⇒ लोकतंत्र की स्थापना में महिलाओं ने प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष भूमिकाओं से अपनी भागीदारी दी।

प्रमुख महिलाओं में भीखाजी कामा, जो राष्ट्रीय आंदोलन में तिरंगा लहराने वाली प्रथम महिला थीं, नलनीसेन गुप्ता 1933 ई० में कांग्रेस पार्टी की महिला अध्यक्षा बनी और स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। कल्पना दत्त ने चटगाँव विद्रोह के समय महत्वपूर्ण कार्य निभाते हुए स्वतंत्रता संग्राम को गति दी। रानी लक्ष्मीबाई के योगदान को सारा विश्व जानता है। बंगाल की क्रांतिकारी प्रीतिलता वादेदार ने सूर्यसेन के नेतृत्व में चटगाँव में हुए विद्रोह में अपनी जान की बलि दे दी और भारतीय महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गयीं। एनी बेसेंट 1917 ई० में कांग्रेस की प्रथम 7 महिला अध्यक्षा बनीं और कॉंग्रेस की नीतियों एवं स्वतंत्रता आंदोलन को नेतृत्वकारी बनाया। सरोजनी नायडू 1925 ई० में काँग्रेस की महिला अध्यक्षा बनीं और स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। पं. जवाहरलाल नेहरू की बहन विजय लक्ष्मी पंडित ने अपना सम्पूर्ण जीवन राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के नेतृत्व में चल रहे स्वतंत्रता संग्राम में अप्रित कर दिया। सुचेता कृपलानी की स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण कार्यवाही को स्मारित करने के लिए ही उत्तरप्रदेश की जनता ने उन्हें अपने राज्य का प्रथम मुख्यमंत्री बनाया। स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं के संक्रिय योगदान के लिए श्रीमति इंदिरा गाँधी ने वह भारत की सर्वप्रथम महिला मुख्यमंत्री थी। महिला बिग्रेड की स्थापना की। इंदिरा जी ने स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी सुनिश्चित करवायी ।

उपर्युक्त तथ्य इस बात को प्रमाणित करते हैं कि महिलाओं ने स्वतंत्रता संग्राम में काफी योगदान दिया।


Social Science Subjective Question Answer Class 10th Bihar Board 

प्रश्न 9. भारतीय लोकतंत्र के मार्ग में कौन-कौन सी बाधायें हैं ? सुधार हेतु आप क्या सुझाव देंगे ।

उत्तर ⇒ भारतीय लोकतंत्र के मार्ग में आने वाली मुख्य बाधायें निम्न हैं—

(i) अशिक्षा व राजनीतिक जागरुकता का अभाव, जिसके कारण नागरिक अपने अधिकारों व कर्तव्यों का सही उपयोग नहीं कर पाते ।

(ii) गरीबी के कारण निम्न वर्ग राजनीतिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी नहीं कर पाता है।

(iii) भ्रष्टाचार के कारण जनकल्याण के कार्यक्रम उचित रूप में लागू नहीं हो पाते ।

(iv) चुनावों में हिंसा व धनशक्ति के कारण सही प्रतिनिधि चुनावों में सफल नहीं हो पाते ।

(v) जातिवाद, साम्प्रदायिक भावना, भाषावाद के कारण वास्तविक जनहित के मुद्दे राजनीति से बाहर हो जाते हैं ।

(vi) स्वार्थी व संकीर्ण राजनीतिक दल व नेतृत्व भी लोकतंत्र के मार्ग में एक बड़ी बाधा है ।

लोकतंत्र की बाधाओं को दूर करने के उपाय—

(i) नागरिकों में राजनीतिक जागरुकता का विकास ।

(ii) प्रशासन व सरकार के कामकाज में खुलापन ।

(iii) जाति व धर्म के आधार पर राजनीतिक लाभ पर प्रतिबंध ।

(iv) समाज के सभी वर्गों का समुचित विकास व आर्थिक व सामाजिक समानता ।

(v) राजनीति में जन भागीदारी को बढ़ावा ।

(vi) राजनीतिक सत्ता के विकेन्द्रीकरण, त्वरित न्याय व्यवस्था की स्थापना तथा जवाबदेही की व्यवस्था ।


Political Science Important Question  Bihar Board 12th Result 2023 : बिहार बोर्ड 12वीं रिजल्ट यहाँ से करें डाउनलोड
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1. लोकतंत्र में सत्ता की साझेदारीClick HereClick HereClick Here
2. सत्ता में साझेदारी की कार्यप्रणालीClick HereClick HereClick Here
3. लोकतंत्र में प्रतिस्पर्धा एवं संघर्षClick HereClick HereClick Here
4. लोकतंत्र की उपलब्धियांClick HereClick HereClick Here
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